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खुशखबरी! रिटायरमेंट के बाद भी मिलेगी नौकरी
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 18 Jan 2014 09:12 AM IST
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प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार रिटायर हो चुके डॉक्टरों को फिर से रखने जा रही है।
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65 वर्ष तक की उम्र के डॉक्टरों को पुनर्नियुक्ति दी जाएगी। फिलहाल पुनर्नियुक्ति एक साल के लिए होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एक हजार पद भी सृजित कर लिए हैं।
विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों के काफी पद खाली हैं। नए डॉक्टर इतने नहीं मिल पा रहे कि खाली पदों को भरा जा सके।
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ऐसे में सरकार ने 65 वर्ष तक की आयु के विशेषज्ञ डॉक्टरों को फिर से रखने का फैसला किया। कैबिनेट में पास होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कुमार की ओर से जारी आदेश में चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए एक समिति भी बनाए जाने की बात कही गई है। इसमें महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं अध्यक्ष होंगे।
निदेशक चिकित्सा उपचार व प्रमुख सचिव द्वारा नामित विशेष सचिव इसके सदस्य होंगे। समिति एक वर्ष के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगी। सेवा अच्छी रहने पर इसे एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।
नहीं दिया जाएगा कोई प्रशासकीय पद
पुनर्नियुक्ति केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की ही की जाएगी। इन्हें किसी भी प्रकार का प्रशासकीय पद नहीं दिया जाएगा। रिक्तियों की सूचना अखबारों में भी प्रकाशित की जाएगी।
नियुक्ति के बाद डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। ऐसा करने पर उनकी पुनर्नियुक्ति समाप्त कर दी जाएगी।