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एलयूः गरीब सवर्णों के लिए एलएलबी में नहीं बढ़ेंगी सीटें, बीसीआई ने कुलसचिव को भेजा पत्र

Sat, 03 Aug 2019 04:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 03 Aug 2019 04:52 PM IST
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10 percent extra seats are not available for general caste
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ विश्वविद्यालय और सहयुक्त महाविद्यालयों के एलएलबी और एलएलबी ऑनर्स पाठ्यक्रम में 10 फीसदी सीट बढ़ोतरी नहीं होगी। लविवि ने बृहस्पतिवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पत्र का हवाला देते हुए गरीब सवर्ण वर्ग के लिए 10 फीसदी सीट बढ़ाने का निर्देश जारी किया था।
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लविवि कुलसचिव ने यह आदेश रद्द कर दिया है। नए आदेश में साफ किया गया है कि एलएलबी और एलएलबी ऑनर्स में 10 फीसदी सीट नहीं बढ़ाई जा रही हैं। लविवि कुलसचिव शैलेश शुक्ल ने बृहस्पतिवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पत्र का हवाला देते हुए 10 फीसदी सीट आरक्षण को मंजूरी दी थी।
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इसके बाद अगले आदेश कुलसचिव ने कहा है कि सीट बढ़ोतरी का आदेश रद्द किया जाता है। अगर किसी महाविद्यालय ने सीट बढ़ोतरी करके दाखिला ले लिया तो इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
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लविवि उनकी परीक्षा कराने के लिए बाध्य नहीं होगा। दूसरा आदेश भी एक अगस्त की तारीख का ही जारी है। विवि की वेबसाइट पर भी यह आदेश अपलोड कर दिया गया है।

एमपीएड में बढ़ी सीट पर होगी काउंसलिंग

10 percent extra seats are not available for general caste
प्रतीकात्मक तस्वीर
लविवि प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि एनसीटीई के आदेश के बाद एमपीएड में भी 10 फीसदी सीट बढ़ी हैं। इन बढ़ी हुई सीट पर दाखिले के लिए काउंसलिंग कराई जाएगी। 10 फीसदी सीट पर गरीब सवर्णों को दाखिला दिया जाएगा, लेकिन उन्हें निर्धारित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।

बीसीआई ने कुलसचिवों को भेजा पत्र
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी विवि के कुलसचिवों के लिए जो पत्र जारी किया है, उसमें अतिरिक्त सीट बढ़ोतरी से मना किया है। बीसीआई के सचिव श्रीमंतो सेन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में केंद्रीय विवि में यह आरक्षण देने और सीट बढ़ोतरी के लिए कहा गया है।

इसके साथ ही आठ उत्कृष्ट संस्थान, शोध संस्थान, राष्ट्रीय स्तर के स्ट्रेटजिक महत्व वाले संस्थानों को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाएगा। बीसीआई राष्ट्रीय महत्व का प्रोफेशनल संस्थान है, लेकिन एमएचआरडी के मेमोरेंडम के तहत नहीं आता है।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

बीसीआई से मान्यता प्राप्त ज्यादातर सरकारी संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इसलिए 10 फीसदी अतिरिक्त सीट बढ़ोतरी और आरक्षण का प्रस्ताव मंजूर नहीं किया जा सकता है।

विधि संस्थानों के एलएलबी और एलएलबी ऑनर्स पाठ्यक्रमों में 10 फीसदी सीट बढ़ोतरी और गरीब सवर्ण आरक्षण का आदेश निरस्त कर दिया गया है। महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि इन पाठ्यक्रमों में सीट बढ़ोतरी नहीं होगी। अगर वे ऐसा करते हैं तो फिर लविवि की जिम्मेदारी नहीं होगी। आरक्षण संबंधी आदेश के लिए अलग से पत्र जारी किया जाएगा। - शैलेश शुक्ला, कुलसचिव, लविवि
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