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एक्सप्रेसवे के निर्माण सामग्री की आपूर्ति के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी
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लखनऊ। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण मार्फिल इनोवेशन फर्म के पास है। फर्म को निर्माण कार्य में लगने वाले सामग्री की आपूर्ति का झांसा देकर जालसाजों ने 1.5 करोड़ रुपये ठग लिए। तय समय पर निर्माण सामग्री की आपूर्ति नहीं हो सकी जिससे काम प्रभावित होने लगा। जब मार्फिल इनोवेशन के निदेशक ने आपूर्ति का दबाव बनाया तो धमकी मिलने लगी। पीड़ित ने कैसरबाग थाने में केस दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक, उज्ज्वल चंदी रमानी मार्फिल इनोवेशन नाम से फर्म संचालित करते हैं। फर्म का कार्यालय पुराना हैदराबाद कॉलोनी में है। उज्ज्वल चंदी रमानी के मुताबिक, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट का काम उनकी फर्म को मिला है। मैटेरियल सप्लाई के लिए त्रिवेणीनगर-दो स्थित मोसरान टेक्नोलाजी के संचालक मोहित कुमार और रोहित निगम से एग्रीमेंट किया था जिसके तहत सप्लाई का कुल 1.53 करोड़ रुपये बना था।
उज्ज्वल के मुताबिक, उन्होंने मोसरान फर्म को पूरी करम दे दी थी। इसके बाद भी केवल 15 से 20 लाख रुपये का सामान ही सप्लाई किया गया। बचा हुआ सामान न मिलने पर उज्ज्वल ने रोहित और मोहित से संपर्क किया था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक, अमानत में खयानत की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक, उज्ज्वल चंदी रमानी मार्फिल इनोवेशन नाम से फर्म संचालित करते हैं। फर्म का कार्यालय पुराना हैदराबाद कॉलोनी में है। उज्ज्वल चंदी रमानी के मुताबिक, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट का काम उनकी फर्म को मिला है। मैटेरियल सप्लाई के लिए त्रिवेणीनगर-दो स्थित मोसरान टेक्नोलाजी के संचालक मोहित कुमार और रोहित निगम से एग्रीमेंट किया था जिसके तहत सप्लाई का कुल 1.53 करोड़ रुपये बना था।
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उज्ज्वल के मुताबिक, उन्होंने मोसरान फर्म को पूरी करम दे दी थी। इसके बाद भी केवल 15 से 20 लाख रुपये का सामान ही सप्लाई किया गया। बचा हुआ सामान न मिलने पर उज्ज्वल ने रोहित और मोहित से संपर्क किया था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अजय नारायण सिंह के मुताबिक, अमानत में खयानत की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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