Live
इंदौर अनंत चतुर्दशी झांकियां: कारवां निकलना शुरू, सड़कों पर लाखों लोग, हर चेहरे पर उत्साह
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। इंदौर में अनंत चतुर्दशी का जुलूस पूरे देश में प्रसिद्ध है। रात भर सड़कों पर झांकियों की भव्य परंपरा जीवंत होगी। लाखों लोग इसे देखने जुटेंगे। श्रमिक क्षेत्र और शहर के मध्य हिस्से से अखाड़ों के साथ 22 झांकियां निकलेंगी, जो राजवाड़ा और गोराकुंड का चक्कर लगाकर वापस मिल परिसरों की ओर लौटेंगी। यहां आपको झांकियों से जुड़ा हर छोटा-बड़ा अपडेट मिलेगा। बने रहिए हमारे साथ-
लाइव अपडेट
इस बार अखाड़ों की निगेटिव मार्किंग भी होगी
इस बार अखाड़ों की निगेटिव मार्किंग भी होगीइस बार अनंत चतुर्दशी पर झांकियों और अखाड़ों के लिए निर्धारित समय का अनिवार्य रूप से पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए मंचों के समक्ष अखाड़ों को निर्धारित समय में ही अपना प्रदर्शन पूरा करना होगा। निर्णायक मंच के समक्ष निर्धारित समय से अधिक प्रदर्शन करने पर निगेटिव मार्किंग और अंक काटे जाने की व्यवस्था भी रहेगी।
पोलोग्राउंड पर लंबा जाम
झांकियों के आने के चलते पोलोग्राउंड क्षेत्र में लंबा जाम लग रहा है। ट्रैफिक पुलिस जाम खुलवाने का प्रयास कर रही है। शाम के 7 बजे बड़ी संख्या में लोग दफ्तरों और दुकानों से घरों की ओर जाते हैं। शाम 7 बजे से 9 बजे तक ट्रैफिक जाम की संभावना सबसे अधिक बनी रहती है। झांकियों के कारण पुलिस ने कई मार्गों के ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया है। कुछ रास्तों पर अधिक वाहन आने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।
वाहनों का प्रवेश बंद
खजराना गणेश की झांकी का पूजन
कलेक्टर शिवम वर्मा ने खजराना गणेश की झांकी का पूजन किया। पहले क्रम पर यही झांकी रहेगी। इसके पीछे मिल, नगर निगम, विकास प्राधिकरण व अन्य संस्थाओं की झांकियां रहेंगी। ज्यादातर झांकियां डीआरपी लाइन में आकर कतार में खड़ी हो चुकी हैं। झांकी रूट पर बैरिकेड लगाकर ट्रैफिक रोक दिया गया है। राजवाड़ा, जवाहर मार्ग, कृष्णपुरा, एमजी रोड, स्वदेशी मिल, मालवा मिल की तरफ से वाहन आ-जा नहीं सकेंगे। पुलिस झांकियों में शामिल वाहनों को चलाने वाले चालकों की भी जांच कर रही है कि वे शराब पीकर वाहन तो नहीं चला रहे हैं।

इंदौर अनंत चतुर्दशी झांकियां: कारवां निकलना शुरू, सड़कों पर लाखों लोग, हर चेहरे पर उत्साह
इंदौर की सड़कों पर आज रात झांकियों की भव्य परंपरा जीवंत होगी। श्रमिक क्षेत्र और शहर के मध्य हिस्से से अखाड़ों के साथ 22 झांकियां निकलेंगी, जो राजवाड़ा और गोराकुंड का चक्कर लगाकर वापस मिल परिसरों की ओर लौटेंगी। थोड़ी देर में झांकियों का कारवां निकलना शुरू होगा। अभी से लोग इंदौर की सड़कों पर नजर आने लगे हैं। बच्चे-महिलाएं भी बढ़-चढ़कर इसमें शामिल होते हैं।
103 साल पहले इंदौर में मिल श्रमिकों ने झांकियां निकालने की परंपरा शुरू की थी, जो अब उत्सव का रूप ले चुकी है। अब से कुछ ही देर में इस उत्सव में लोग जुटने लगेंगे। सूरज ढलते ही झांकियां सड़कों पर होंगी और उन्हें निहारने के लिए लाखों लोग घरों से निकलेंगे। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। श्रमिक क्षेत्र की तरफ जाने वाले रास्तों का ट्रैफिक दूसरे मार्गों पर डायवर्ट कर दिया गया है।
बता दें कि हुकुमचंद मिल गणेश उत्सव का यह 103वां वर्ष है। मिल चालू थी, तब सभी श्रमिक, कर्मचारी और अधिकारी अपना एक दिन का वेतन देते थे और गणेश महोत्सव पर्व मनाते थे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि इंदौर की सभी कपड़ा मिलें बंद हो गईं, लेकिन परंपरा नहीं टूटी। जनसहयोग से धार्मिक झांकियों का निर्माण श्रमिक करते हैं। नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण और खजराना मंदिर के अलावा अन्य संस्थाओं की झांकियां भी इसमें हिस्सेदारी करती हैं। रात से सुबह तक दस घंटे झांकियां सड़कों पर रहेंगी। लगभग पूरी रात इंदौर की सड़कों पर हजारों-लाखों लोग इन झांकियों का कारवां निहारने जुटेंगे। चल समारोह के बाद तीन दिन तक झांकियां मिल परिसरों में खड़ी रहेंगी और लोग इन्हें देखने आएंगे।