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स्वस्थ मन ही सार्थक शिक्षा की नींव: प्रधानाचार्य
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फोटो
- विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सीबीएसई की कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से एसएम पब्लिक स्कूल जगजीतपुर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला हुई। इससे शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक जुड़ाव को समझने और उन्हें संवेदनशील व प्रभावी ढंग से सहयोग प्रदान करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया।
प्रधानाचार्य रमणीक शाह सूद ने कहा कि एक शिक्षक की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक बच्चे के लिए यह आवश्यक है कि वह स्वयं को सुरक्षित, मूल्यवान, समझा हुआ और सहयोग प्राप्त करने वाला महसूस करे। वर्तमान समय में विद्यार्थी शैक्षणिक दबाव, सामाजिक चुनौतियों, चिंता व भावनात्मक कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। जिसका प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता पर पड़ सकता है।
कहा कि एक स्वस्थ मन ही सार्थक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की नींव है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता करने, अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का आग्रह किया।
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इस मौके पर एसएम पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष अभिजीत पवार, उप प्रधानाचार्य रेखा शर्मा, डीपीएस रानीपुर से आरती बाटला, पुलिस मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल, 40वीं वाहिनी पीएसी के प्रधानाचार्य अनुराग शर्मा, पूजा सिंह, सोनिका गुलाटी, राहुल कुमार, नितिन शर्मा, पलक अरोड़ा, प्रियंका यादव, अंशुल कुमार आदि मौजूद रहे।
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- विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सीबीएसई की कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से एसएम पब्लिक स्कूल जगजीतपुर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना विषय पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला हुई। इससे शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक जुड़ाव को समझने और उन्हें संवेदनशील व प्रभावी ढंग से सहयोग प्रदान करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया।
प्रधानाचार्य रमणीक शाह सूद ने कहा कि एक शिक्षक की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक बच्चे के लिए यह आवश्यक है कि वह स्वयं को सुरक्षित, मूल्यवान, समझा हुआ और सहयोग प्राप्त करने वाला महसूस करे। वर्तमान समय में विद्यार्थी शैक्षणिक दबाव, सामाजिक चुनौतियों, चिंता व भावनात्मक कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। जिसका प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता पर पड़ सकता है।
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कहा कि एक स्वस्थ मन ही सार्थक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की नींव है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता करने, अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का आग्रह किया।
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इस मौके पर एसएम पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष अभिजीत पवार, उप प्रधानाचार्य रेखा शर्मा, डीपीएस रानीपुर से आरती बाटला, पुलिस मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल, 40वीं वाहिनी पीएसी के प्रधानाचार्य अनुराग शर्मा, पूजा सिंह, सोनिका गुलाटी, राहुल कुमार, नितिन शर्मा, पलक अरोड़ा, प्रियंका यादव, अंशुल कुमार आदि मौजूद रहे।