Bhojshala Case : हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार; मुस्लिम पक्ष जा सकता है सुप्रीम कोर्ट; धार में जश्न
धार की विवादित भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद मामले में फैसला आ गया है। हिंदू पक्ष के वकील के अनुसार, भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में हाईकोर्ट ने भोजशाला को हिंदू मंदिर माना है। जैन समाज और मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज की।
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हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की
इंदौर हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार में जश्न का माहौल
ऐतिहासिक भोजशाला प्रकरण में इंदौर हाईकोर्ट द्वारा बड़ा फैसला सुनाए जाने के बाद धार शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। न्यायालय द्वारा भोजशाला को मंदिर के रूप में स्वीकार किए जाने पर हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने इसे आस्था और सत्य की बड़ी जीत बताया।
फैसले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में भोज उत्सव समिति के सदस्य और श्रद्धालु अखंड ज्योति मंदिर पहुंचे। इस दौरान पूरा परिसर “मां वाग्देवी” और “भगवान श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत किया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने अखंड ज्योति मंदिर में एकत्र होकर विशेष पूजा-अर्चना की। दीप प्रज्वलित कर आरती उतारी गई और मां वाग्देवी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। महिलाओं ने कहा कि यह वर्षों के संघर्ष, धैर्य और अटूट विश्वास का प्रतिफल है।
भोज उत्सव समिति और आंदोलन से जुड़े लोगों ने फैसले को केवल कानूनी जीत नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और दशकों से चले आ रहे शांतिपूर्ण आंदोलन की विजय बताया। श्रद्धालुओं ने इसे “सत्य की जीत” बताते हुए भोजशाला के गौरव की पुनर्स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम कहा।
हाईकोर्ट में
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट की समीक्षा करनी होगी-वकार सादिक,धार शहर काजी
मुस्लिम पक्ष की और धार के शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट की समीक्षा करनी होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट ने रिपोर्ट के किन हिस्सों को माना है और किन्हें नहीं, क्योंकि 'राम जन्मभूमि केस' में भी सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट को पूरी तरह आधार नहीं बनाया था। मुस्लिम पक्ष के अनुसार सर्वे की प्रक्रिया के दौरान भी हजारों आपत्तियां रखी थीं, जिन्हें अब कानूनी आधार बनाया जाएगा। जनता से अपील की गई है कि यह कोई अंतिम निर्णय नहीं है, इसलिए इसे हार या जीत के रूप में न देखा जाए। उन्होंने दोनों समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और किसी के बहकावे में न आने का आग्रह किया है।
जानें क्या था भोजशाला विवाद?
धार की भोजशाला को लेकर विवाद आखिर क्यों था? इस स्थल का इतिहास क्या कहता है? हिंदू और मुस्लिम पक्ष कब-कब आमने-सामने आए? यह मामला राजनीति का बड़ा मुद्दा कैसे बना? एएसआई की रिपोर्ट में क्या सामने आया और कोर्ट में अब तक क्या-क्या हुआ? पढ़िए पूरी खबर:
धार की भोजशाला में क्या थी विवाद की जड़? जानिए इतिहास से हाईकोर्ट तक की पूरी कहानी
हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे- काजी वकार
धार भोजशाला मामले के फैसले पर धार शहर के काजी वकार सादिक ने कहा कि हम अपने खिलाफ दिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।Dhar Bhojshala Verdict: एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कही ये बात
धार-भोजशाला मामले पर अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इंदौर उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 7 अप्रैल, 2003 के एएसआई के आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। इसके अलावा, न्यायालय ने हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया है और भोजशाला परिसर को राजा भोज की संपत्ति के रूप में मान्यता दी है। लंदन के एक संग्रहालय में रखी गई हमारी मूर्ति को वापस लाने की मांग के संबंध में, न्यायालय ने सरकार को इस अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि मुस्लिम पक्ष भी सरकार के समक्ष अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र है। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सरकार से मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक भूमि आवंटित करने पर विचार करने को कहा है। न्यायालय ने हमें पूजा-अर्चना करने का अधिकार प्रदान किया है और सरकार को स्थल के प्रबंधन की निगरानी करने का निर्देश दिया है। एएसआई का पिछला आदेश, जिसमें नमाज अदा करने का अधिकार दिया गया था, पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। अब से वहां केवल हिंदू पूजा-अर्चना ही होगी।#WATCH इंदौर, मध्य प्रदेश: एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा, "भोजशाला केस में इंदौर हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया है। कोर्ट ने भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर माना है। कोर्ट ने हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार भी दिया है... कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को कहा है कि वे अपना एक… pic.twitter.com/r6mYc08Xao
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 15, 2026
धार भोजशाला: धार में सुरक्षा बढ़ा दी गई
भोजशाला मामले में अदालत के फैसले ने परिसर को देवी वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता दी है। धार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।भोजशाला मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला
भोजशाला मामले में कोर्ट के फैसले में परिसर को मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में माना गया है। फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट पर हैं।
धार भोजशाला मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू
धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई अब हाईकोर्ट में शुरू हो गई है। इस केस को लेकर दोनों पक्षों की दलीलों पर अदालत में विस्तार से चर्चा की जा रही है।
