MP Budget 2024 Live: विजयवर्गीय-सिंघार में तू-तू मैं-मैं, सिंघार ने ललकारा- आरोप गलत निकले तो पद छोड़ दूंगा
MP Budget Session 2024 Live Update: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज मंगलवार को दूसरा दिन है। सदन में प्रश्नकाल के बाद आज नर्सिंग घोटाले पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पक्ष और विपक्ष दोनों को सुनने के बाद सोमवार को नियम अनुसार नर्सिंग घोटाले पर चर्चा का आश्वासन दिया था। सदन में चर्चा के लिए विधानसभा की कार्यवाही के दौरान दो ध्यानाकर्षण सदन में होंगे।
लाइव अपडेट
- राजेंद्र शुक्ला ने विश्वास सारंग को दी क्लीन चिट
- विश्वास सारंग ने सभी आरोपों का दिया जबाव : शुक्ल
- मंत्री का नर्सिंग कॉलेज मान्यता में कोई रोल नहीं
- विश्वास सारंग ने मान्यता प्रक्रिया में किया सुधार
- जांच की सर्वदलीय समिति बनाने की मांग
- सारंग के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने आसंदी के पास पहुंच की नारेबाजी
- विपक्ष ने बहिर्गमन कर विरोध जताया
मंत्री विश्वास सांरग का पक्ष
नर्सिंग मामले में सदन में मंत्री विश्वास सांरग ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सुबह से देख रहा हूं, बार-बार मेरा नाम लिया जा रहा है। ऐसा लग रहा है, जैसे विश्वास सारंग एक माफिया है। मुझ पर सुबह से निजी अटैक किया जा रहा है। नर्सिग काउंसलिंग ऑटोनोमस है। इसमें मंत्री का हस्तक्षेप नहीं होता। मुझ पर आरोप लगाने से पहले पढ़ के आ जाते। सुनीता सुजू ने कांग्रेस सरकार के दौरान कॉलेज को मान्यता दी। 20 मार्च को कमलनाथ का इस्तीफा होता है, उस दिन तत्कालीन मंत्री ने 354 से ज्यादा मान्यता दी।
कमलनाथ अपनी सरकार बचाने में लगे थे, तब मंत्री कॉलेजों के मान्यता दे रही थी। विपक्ष को मान्यता और संबद्धता में अंतर समझ नहीं आ रहा है। मलय कॉलेज को कांग्रेस सरकार के दौरान मान्यता दी गई। कांग्रेस ने 100 कॉलेज दो महीनों में ही खोल दिए थे। हमने 415 कॉलेज का सत्यापन करवाया, जिसमें 150 कॉलेज हमने बंद किए। स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि नर्सिंग मामले में विपक्ष के आरोप आधारहीन हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर नर्सिंग कॉलेज मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज की अगुवाई में कमेटी बनी है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई होगी।
सिंघार ने की सारंग के इस्तीफे की मांग
सदन में उमंग सिंघार ने मांग करते हुए कहा, तत्कालीन मंत्री विश्वास सारंग इस्तीफा दें। घोटाले की सर्वदलीय जांच कराई जाए। साथ ही जिन कर्मचारियों ने घोटाले कराए, उनको उपकृत किया, नर्स को आयुक्त तक बनाया गया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए।
वहीं, मंत्री विश्वास सारंग बोले, कोई फाइल मंत्री तक नहीं आती। नर्सिंग कौंसिल करती है निर्णय। रजिस्ट्रार सुनीता शिजू कांग्रेस सरकार में अनुमति देती थी। सारंग बोले, कांग्रेस सरकार में दो-दो बार अनुमति जारी की गई। हेमंत कटरे बोले, सरकार को आरोप नहीं लगाना चाहिए। कार्रवाई करके दिखाना चाहिए। दोनों के समय की सीबीआई जांच करा लेनी चाहिए। विश्वास सारंग बोले, मलय कॉलेज को कांग्रेस के समय अनुमति जारी की गई। मेरे द्वारा नहीं जारी की गई। सारंग ने कहा, 453 कॉलेज कांग्रेस के समय जो थे। हमने रिफॉर्म करके हमें किसी छात्र के अन्याय नहीं किया। 453 कॉलेज में से 150 कॉलेज भौतिक सत्यापन में बंद किए। मलय कॉलेज भी उसी में बंद हुए।
प्रदेश के हजारों छात्रों को नहीं पता था, जिस कॉलेज में एडमिशन ले रहे हैं वो फर्जी है। नर्सिंग घोटाला के लिए नियम बदले गए। 2020-21 में सबसे ज्यादा नर्सिंग कॉलेज खोले गए। चार अधिकारी और मंत्री नर्सिंग कांउन्सलर चला रहे थे। काउंसिल चलाने का अधिकार नहीं है।
सिंघार ने कहा कि काउंसिल का कंट्रोल अवैध तरीके से लिया गया। सिंघार का आरोप, काउंसिल में धारा-31 का दुरुपयोग किया गया। जब नर्सिंग काउंसिल में घोटाला नहीं हुआ था तो धारा-31 के तहत काउंसिल को टेकओवर क्यों किया। कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई की मंत्री या विभाग की जांच नहीं हो सकती। इंडिया नर्सिंग काउंसिल की एमपी में धज्जियां उठा दी गई। मंत्री के संरक्षण के बिना घोटाला संभव नहीं है। कैलाश विजयवर्गीय ने उमंग सिंगार के आरोपों को सदन की कार्यवाही के विरुद्ध बताया। इस पर उमंग सिंगार ने कहा कि आरोप गलत साबित हुए तो नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ दूंगा।
कांग्रेस के बदनावर से विधायक भंवर सिंह शेखावत ने मांग की, इस मामले में दोनों पक्ष की एक कमेटी बनाई जाए। इसमें सिर्फ मंत्री नहीं, इसमें पटवारी से लेकर कलेक्टर और शासन में बैठे अधिकारी भी दोषी हैं। इन सबके नाम सामने आए।
कांग्रेस विधायक दिनेश जैन ने सवाल पूछा कि 14,000 में से 13,000 फैकल्टी जो दूसरे राज्यों की है, जिनके पास कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। क्या उनके ऊपर कारवाई होगी। दूसरा प्रश्न विष्णु कुमार जो कई कॉलेज में मान्यता लेने प्रिंसिपल और उप प्रिंसिपल बताए, क्या इनके ऊपर भी कार्रवाई होगी।
कांग्रेस के बड़वानी से विधायक राजन मंडलोई की ने कहा कि एक व्यक्ति आठ-आठ कॉलेज के प्राचार्य रहे। कॉलेज कागजों में चले, बिना अस्पताल के कॉलेज संचालित होते रहे। बच्चों के डॉक्यूमेंट कॉलेज वालों ने जबरदस्ती रख लिए, जिससे उनका भविष्य भी खराब हुआ। यह घोटाला लंबे स्तर पर बड़े स्तर पर चलता रहा। प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि इस मामले में जिन पर कार्रवाई हुई है। उन पर किनका दबाव था, उसकी जांच की जाना चाहिए।
कांग्रेस विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को बोले, नर्सिंग कॉलेज के बच्चों को लेकर हम सभी को चिंता है। कोरोना कल में जब सब कुछ बंद था, उस समय कॉलेज को अनुमति जारी की गई। इससे साफ जाहिर होता है कि तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री दोषी हैं। यह गंभीर विषय है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री के ऊपर कारवाई होगी। दूसरा तीन साल से नर्सिंग कॉलेज में पढ़ रहे हैं. बच्चों जिनसे मोटी-मोटी रकम वसूली गई। क्या उनके बच्चों को वापस किए जाएंगे या नहीं यह भी मंत्री बताएं?
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश को बचाने के लिए हमे एक जुट होना पड़ेगा। सरकार ने कोर्ट में संज्ञान लिया तब कार्रवाई की। सरकार ने खुद से संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की। नर्सिग कॉलेज में मान्यता के लिए नियम बदले गए। जांच के बाद भी धांधली हुई है। एमपी 16 सरकारी नर्सिग कॉलेज थे, जिनमें से 8 को रिजेक्ट कर दिया गया। गरीब छात्र कहां पढ़ाई करेंगे? सरकारी कॉलेज बन्द किये जा रही है।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा का नियम है कि किसी पर आरोप लगाने से पहले अनुमति लेना चाहिए। मंत्री पर आरोप लग रहे हैं। क्या पहले इस संबंध में सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि आरोप विलोपित किए जाएं।