Global Investor Summit :दो दिन में 30 लाख 77 हजार करोड़ का निवेश आया-केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह
global investors summit 2025, amit shah live updates in hindi: भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में चल रही दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का समापन हो गया है। समापन में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि दो दिन में 30 लाख 77 हजार करोड़ का निवेश मध्यप्रदेश में आया है। मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को भी दिशा दिखाने वाला है।
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एमपी के सीएम मोहन यादव ने बताया कि सभी क्षेत्रों में निवेश बहुत ज्यादा है। एमपी के युवाओं को सभी क्षेत्रों में रोजगार मिलने जा रहा है। जीआईएस के माध्यम होने वाले निवेश से प्रदेश में 17.30 लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी। राज्य सरकार के लिए यह समिट मिल का पत्थर साबित हुई है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की निवेश संकुल नई 18 नीतियां लॉन्च की गई। उद्घाटन सत्र के दौरान एक विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को दर्शाया गया। इस समिट के लिए 25 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए। 60 देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए।नौ देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में सहभागिता की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 100 सेक्टर एक्सपर्ट उद्योगपतियों ने स्पीकर्स के रूप में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस समिट से 17.30 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। 30 लाख 77 हजार करोड़ का निवेश आया है। ये समिट प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। हमारा संकल्प है कि मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर भारत के विकास पथ का ध्वज वाहक बने।समिट का समापन केवल एक आयोजन का अंत नहीं है,उद्योग एवं रोजगार 2025 की सफल शुरुआत है। भोपाल में भी एक नया कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा ताकि इस तरह के आयोजन हो सके।
भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन मंगलवार को हुआ। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दो दिन में 30 लाख 77 हजार करोड़ के प्रस्ताव आए हैं।इसमें ज्यादातर करार जमीन पर उतरेंगे। 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि ने मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाएं देखी। मध्य प्रदेश अन्य राज्यों को भी दिशा दिखाने वाला है। हर क्षेत्र में एक अलग इन्वेस्टमेंट समिट को दूसरे राज्य भी अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के सामने एक पूर्ण विकसित राष्ट्र भारत को बनाने का लक्ष्य रखा है। 2027 तक भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। इन लक्ष्यों को पूरा करने में मध्य प्रदेश की इन्वेस्टर्स समिट सहायक होगी।
हम टीम इंडिया के भाव से काम कर रहे है। भारत सरकार और सभी राज्यों की टीम इकट्ठा होकर समग्र भारत का विकास करेगी।इस दिशा में जाने के लक्ष्य को मध्य प्रदेश की यह समिट पूरा करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने जो नीतियां बनाई है। वह आगे बढ़ेगी और भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगी। निवेशक सबसे पहले एक स्थाई सरकार खोजता है। देश और मध्यप्रदेश में मजबूत सरकार विद्यमान है।
मध्य प्रदेश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो चुका है। यहां स्टील वर्क फोर्स की एक बड़ी फौज है। बेहतरीन इको सिस्टम भी प्रशासन ने उपलब्ध कराया है। मार्केट का एक्सेस भी मध्य प्रदेश से ज्यादा और कोई राज्य को उपलब्ध नहीं है और डिमांड ओरिएंटेड इकोनामी भी अब यहां पर है। मध्य प्रदेश इन्वेस्टमेंट के लिए एक बड़ा आकर्षण केंद्र पूरे भारत में बना हुआ है। 20 साल पहले मध्य प्रदेश को गिनती बीमारू राज्यों में की जाती थी। न सड़क थी न बिजली।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने छह लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क बनाया। देश भर में सबसे ज्यादा खनिज संपदा प्राप्त करने वाले राज्यों में हमारा मध्यप्रदेश है। यह देश का कॉटन कैपिटल भी बन रहा है। देश के 25% ऑर्गेनिक कॉटन का सप्लाई यहां से होती है। मध्य प्रदेश पूरे भारत में टॉप अचीवर बनेगा। बैंकिंग की बात की जाए तो दस साल में 56 करोड लोगों को बैंकिंग से केंद्र सरकार ने जोड़ा है। इन लोगों को आजादी के 75 साल तक बैंक अकाउंट खोलने का सौभाग्य भी नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि जो सेक्टर विश्व की अर्थ नीति तय करने वाले हैं विश्व की इकोनॉमी की दिशा तय करने वाले है। चाहे वो ग्रीन एनर्जी हो या इलेक्ट्रिक व्हीकल, मध्य प्रदेश उसमें भी आगे है
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत अपने स्वर्णिम काल से गुजर रहा है। मध्य प्रदेश भी इसमें योगदान दे रहा है। प्रकृति ने मध्य प्रदेश पर विशेष कृपा की है। हमारे पास पर्याप्त भूमि है। बड़ा जंगल है और अब इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट में भी आगे है। निवेशक हमारे साथ जुड़ रहे है। हमने पूरा वर्ष उद्योग और रोजगार को समर्पित किया है। समिट में लगभग 100 से अधिक उद्योगपतियों व विभिन्न सेक्टर एक्सपर्ट ने इसमें भाग लिया है और बड़ी संख्या में 60 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों में प्रमुख उद्योगपतियों ने अपने इसमें भूमिका अदा की है। भारत की अग्रणी 300 से अधिक कंपनियों के एमडी और सीईओ ने भाग लिया जिसमें 25000 से अधिक निवेशक सहभागी हुए है। पहले दिन 22 लाख 50 हजार करोड़ की घोषणा हुई है। हम लगातार सुधार करेंगे और प्रदेश आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के समापन में बताया कि 2 दिन में 30 लाख 77,000 करोड़ का निवेश आया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि प्रस्ताव के बाद निवेशक हमारे पीछे आते थे, लेकिन अब हमारे अधिकारी निवेशकों से लगातार संपर्क में रहेंगे, ताकि जीआईएस के प्रस्ताव जमीन पर आ सके।निवेशकों ने जो विश्वास दिखाया है, उसे हम और मजबूत करेंगे।
भारत के हृदय में आएं और इस राज्य की खूबसूरती को महसूस करें; यहां के लोग, यहां का माहौल और यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर हर किसी को आकर्षित करता है।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 25, 2025
मध्यप्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद, जिन्होंने पर्यटन और सिनेमा को अभूतपूर्व प्रोत्साहन दिया।
- अभिनेता पंकज त्रिपाठी… pic.twitter.com/GLibvJSfoW
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन माइनिंग सेशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- जीआईसी का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बन रहा है। अच्छे मन से काम करते हैं तो सफलता मिलती है। माइनिंग का पहला प्रयोग देवताओं ने अमृत मंथन के रूप में किया। मध्य प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध है। आने वाले समय में इससे रोजगार और समृद्धि भी मध्य प्रदेश को मिलेगी।
भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में चल रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में शामिल होने के लिए केंद्रीय अमित शाह भोपाल पहुंच गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्टेट हैंगर पर पुष्प गुच्छ देकर किया स्वागत। शाह यहां दो दिवसीय जीआईएस का समापन करने के लिए आए हैं। कुछ देर में शाह समिट को संबोधित करेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- कल मेरे विभाग का एक कार्यक्रम बिहार में था इसीलिए समिट में शामिल नहीं हो पाया था। आज कृषि से संबंधित हार्टिकल्चर के सत्र में मैंने यहां भाग लिया। जैविक खेती मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होती है। इसमें काफी संभावनाएं हैं। मिलेट्स के भी प्रोसेसिंग से लेकर बाकी चीजों के साथ निवेशक किसान का भी फायदा कर सकते हैं और खुद भी फायदा उठा सकते हैं।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं को मद्देनजर रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने जो नीतियां घोषित की हैं, जिस तरह से काम किया जा रहा है...मुझे विश्वास है कि इस समिट में होने वाले एमओयू यहां टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।
टूरिज्म समिट में पंकज त्रिपाठी ने कहा- 2007 में एमपी पर्यटन विभाग ने एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इसमें दिखाया था कि एक महिला एमपी घूमने आती है। मैं गाइड बनकर उसे भीमबेटका, सांची, भोजपुर, ग्वालियर घुमाता हूं। उस वक्त मैंने एमपी की खूबसूरती देखी। मुझे तभी एमपी से प्यार हो गया था। मैं सौभाग्यशाली हूं कि पैदा हुआ बिहार में, कर्मभूमि मुंबई है और एमपी से जुड़ाव है। मैं राजनीति से नहीं जुड़ा तो यहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करूंगा।