Live
Build 2026 Lucknow Live: विकास का नया इतिहास लिख रहा है यूपी, मंत्री नंदी ने गिनाईं भविष्य की बड़ी योजनाएं
{"_id":"6ac86b36e5c30b4ea7009a15","slug":"ebuild-2026-live-up-s-development-roadmap-infrastructure-conclave-and-property-expo-in-lucknow-latest-updates-2026-10-09","type":"live","status":"publish","title_hn":"Build 2026 Lucknow Live: विकास का नया इतिहास लिख रहा है यूपी, मंत्री नंदी ने गिनाईं भविष्य की बड़ी योजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fri, 09 Oct 2026 03:18 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Fri, 09 Oct 2026 03:18 PM IST
खास बातें
UP infrastructure conclave 2026 Live Updates in Hindi: लखनऊ में अमर उजाला बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा पर मंथन जारी है। स्वास्थ्य, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा, औद्योगिक निवेश, रियल एस्टेट, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं। प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर विचार रख रहे हैं।
विज्ञापन
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
03:07 PM, 09-Oct-2026
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी से निवेश को मिली गति
नंदी ने वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद प्रदेश में निवेश की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि सरकार ने औद्योगिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में आयोजित पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 81 परियोजनाओं के तहत 61,792 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी पहल हुई। इसके बाद 28 जुलाई 2019 को आयोजित दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 290 परियोजनाओं के माध्यम से 67,202 करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया गया।उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक औद्योगिक परियोजना और निवेश प्रस्ताव का ब्योरा सामने रख रही है। अब तक प्रदेश में 16,478 परियोजनाओं के माध्यम से करीब 12.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम किया गया है। यह आंकड़ा प्रदेश में निवेशकों के बढ़ते विश्वास और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को दर्शाता है।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित हों शहर
मंत्री नंदी ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की। प्रदेश में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब आवश्यकता ऐसे शहरों के विकास की है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। शहरों में आवास के साथ सार्वजनिक परिवहन, जल निकासी, स्वच्छ पेयजल और हरित क्षेत्रों की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे शहर बनाना चाहती है, जहां आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ नागरिकों को बेहतर जीवन भी मिल सके। शहरों में उद्योगों को कुशल और प्रतिभाशाली मानव संसाधन उपलब्ध हो, युवाओं को अपने सपने पूरे करने के अवसर मिलें और निवेशकों को विकास की व्यापक संभावनाएं दिखाई दें। हमारा लक्ष्य केवल बड़े शहर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें रहने योग्य, रोजगारपरक, व्यवस्थित और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
बुंदेलखंड समेत सभी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास पर जोर
नंदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को केवल लखनऊ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे आर्थिक केंद्रों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी स्थानीय जरूरतों, संसाधनों और आर्थिक संभावनाओं के अनुरूप औद्योगिक एवं शहरी केंद्र विकसित किए जाने चाहिए।उन्होंने बुंदेलखंड में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के विकास, फार्मा पार्क और डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को गति देकर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में औद्योगिक केंद्र स्थापित होता है, तो उसका लाभ केवल एक कारखाने तक सीमित नहीं रहता। उसके साथ परिवहन, व्यापार, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सहायक व्यवसायों के अवसर भी पैदा होते हैं। इससे विकास का लाभ व्यापक समाज तक पहुंचता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
उद्योग जगत से निवेश और रोजगार बढ़ाने की अपील
नंदी ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को पहचानने, प्रदेश में निवेश करने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के विकास को नई गति दी जा सकती है।उन्होंने अमर उजाला परिवार को इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे मंच नए विचारों को सामने लाते हैं, विकास की संभावनाओं पर चर्चा को प्रोत्साहित करते हैं और सरकार तथा उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर ऐसे उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेना है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचा हो, निवेश के नए अवसर हों, उद्योगों का विस्तार हो, युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध हों और शहरों में नागरिकों को बेहतर जीवन मिल सके। जब उत्तर प्रदेश विकास, नवाचार, निवेश, समावेशी सोच और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा, तो नया भारत भी और अधिक सशक्त होगा।
2017 के बाद बदली प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर
मंत्री नंदी ने औद्योगिक विकास के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद से वर्ष 2016 तक प्रदेश में करीब 14 हजार औद्योगिक इकाइयां थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर लगभग 33 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि ये उनके निजी आंकड़े नहीं, बल्कि भारत सरकार के आंकड़े हैं।उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से लेकर 2026 तक उत्तर प्रदेश ने संभावनाओं से भरे नए प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। प्रदेश में निवेश, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित लोगों से इस परिवर्तन और विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की।
अंत में नंदी ने सम्मेलन में शामिल सभी अतिथियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अमर उजाला परिवार के प्रति विशेष धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन का समापन 'जय हिंद, जय भारत' के उद्घोष के साथ किया।
03:05 PM, 09-Oct-2026
निवेश और उद्योगों के विस्तार से बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर
नंदी ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों और निवेशकों का विश्वास जीतने के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। इसी विश्वास का नतीजा है कि उत्तर प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव लगातार बढ़े हैं। पहले जहां निवेश का आंकड़ा करीब 33 लाख 50 हजार करोड़ रुपये बताया गया था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।उन्होंने कहा कि आज देश के बड़े उद्योगपति और दुनिया की बहुराष्ट्रीय कंपनियां उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए उत्सुक हैं। प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल रही है।
प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को मजबूत कर रहे हैं
नंदी ने बताया कि उन्नाव के यूपीसीडा क्षेत्र में करीब 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से कैंप क्राउन जैसी कंपनी की ओर से फोल्डिंग पैकेजिंग और बीयर पैकिंग से जुड़े उत्पादों का कारखाना स्थापित किया गया है। उन्होंने इसे भारत में अपनी तरह की पहली औद्योगिक इकाई बताते हुए कहा कि ऐसे निवेश प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में लखनऊ से लखीमपुर और गोरखपुर से झांसी तक विकास की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सरकार की निवेश, रोजगार और समृद्धि विस्तार से जुड़ी नीतियां प्रदेश के आर्थिक विकास को गति दे रही हैं। उत्तर प्रदेश ने साबित किया है कि यदि नीतियां स्पष्ट हों, नीयत ईमानदार हो और व्यवस्था परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हो, तो निवेश के प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा सकता है।
ओडीओपी से मिली वैश्विक पहचान
नंदी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक उत्पादों को पहचान दिलाने वाली एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को देश और दुनिया में मान्यता मिली है। इस पहल ने स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
विज्ञापन
03:01 PM, 09-Oct-2026
देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा यूपी में है
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने आगे कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। यह प्रदेश के मजबूत होते बुनियादी ढांचे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ उत्तर प्रदेश हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में जलमार्गों के विकास की भी संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाराणसी से प्रयागराज और अयोध्या तक संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमियों के लिए अवसर, किसानों के लिए बाजार और उद्योगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आम नागरिकों को भी सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन का लाभ मिलेगा।
नंदी ने कहा कि कारोबार करने में आसानी यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश पहले की तुलना में आगे बढ़कर दूसरे स्थान पर पहुंचा है। किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूती उसके बुनियादी ढांचे, निवेश के अनुकूल माहौल और मानव संसाधन की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास को गति देती है
उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिवहन की लागत कम होने, समय की बचत होने और बाजारों तक आसानी से पहुंचने से निवेश की संभावनाएं बढ़ती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी उद्योगों के संचालन को आसान बनाती है और प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देती है।मंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले उद्योगों को स्थापित करने और संचालित करने में कई तरह की चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें औद्योगिक विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली, तब अधिकारियों के साथ मिलकर उद्योगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि पहले गैस सिलेंडर बुक कराने से लेकर कई जरूरी सुविधाएं हासिल करने तक लोगों को इंतजार करना पड़ता था। अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। उन्होंने कार शोरूम का उदाहरण देते हुए कहा कि आज ग्राहकों को वाहन के फीचर्स, सुविधाओं और कीमत की पूरी जानकारी दी जाती है। इसी तरह सरकार की भी जिम्मेदारी है कि उद्योग लगाने वाले निवेशकों को शुरुआत से लेकर उद्योग के संचालन तक सहयोग दिया जाए।
परियोजना शुरू होने तक हर जरूरी मदद दे रहे
नंदी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को केवल उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित न किया जाए, बल्कि उनकी परियोजना शुरू होने तक हर जरूरी स्तर पर मदद दी जाए। उद्योगों को स्थापित करने में सहयोग और उनकी समस्याओं का समाधान करने की नीति से ही निवेश को वास्तविक धरातल पर उतारा जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। बेहतर बुनियादी सुविधाओं, निवेशकों को सहयोग और रोजगार के अवसरों के विस्तार से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का लक्ष्य है।
02:54 PM, 09-Oct-2026
विकास का नया इतिहास लिख रहा है यूपी
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि यह सम्मेलन केवल भवन निर्माण या रियल एस्टेट तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य, उसकी आर्थिक संभावनाओं और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच भी है।उन्होंने कहा कि आज हम ऐसे दौर में खड़े हैं, जब नए भारत और नए उत्तर प्रदेश के विकास की कहानी नए आत्मविश्वास, नई आकांक्षाओं और नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, औद्योगिक विस्तार, निवेश और रोजगार सृजन उत्तर प्रदेश के विकास के प्रमुख केंद्रबिंदु बनकर उभरे हैं।
नंदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ आर्थिक प्रगति की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। यह सम्मेलन प्रदेश के विकास की दिशा, आर्थिक क्षमता और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
02:37 PM, 09-Oct-2026
पहले निवेशकों को था खतरा, अब प्रदेश में बदल रहा माहौल
डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में निवेश करना चुनौतीपूर्ण था। निवेशकों को उद्योग स्थापित करने से लेकर उसका संचालन करने तक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार के समय असामाजिक तत्व उद्योग संचालकों से अवैध वसूली करते थे और उन्हें अपना कारोबार चलाने में दिक्कतें आती थीं।उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। इससे निवेश के लिए नए अवसर तैयार हुए हैं। निवेश के प्रस्ताव अब केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बुंदेलखंड और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी निवेशक रुचि दिखा रहे हैं।
बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक निवेश की संभावनाएं
केशव मौर्य ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग निवेश के नए रास्ते खोल रहे हैं। लखनऊ में डिफेंस कॉरिडोर के तहत ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश की भूमिका बढ़ रही है।उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में निवेश के प्रस्ताव मिल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अब तक प्राप्त सभी निवेश प्रस्ताव वास्तविक निवेश में तब्दील नहीं हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रस्तावित निवेश को धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए आने वाले समय में एक और ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित करने की तैयारी है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बैलेट पेपर से होने वाले चुनाव में भी भाजपा जीतेगी
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव में पूरा जोर लगा लें, लेकिन शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी का खाता खुलने वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बैलेट पेपर से होने वाले चुनाव में भी भाजपा जीत दर्ज करेगी।केशव मौर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि वह लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की तीसरी बार सरकार बनेगी। उनके मुताबिक, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी की पार्टियां गठबंधन कर लें और अन्य दलों को भी साथ ले आएं, तब भी भाजपा की जीत का रास्ता नहीं रोक पाएंगी। मौर्य ने दावा किया कि जब जनता विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती है तो वह समाजवादी पार्टी की साइकिल को पंचर कर देगी।
02:36 PM, 09-Oct-2026
एक्सप्रेसवे निर्माण में देश में अग्रणी है यूपी
अमर उजाला के राजनीतिक संपादक राजकिशोर के साथ बातचीत में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। प्रदेश केवल आबादी के मामले में ही सबसे बड़ा नहीं है, बल्कि एक्सप्रेसवे निर्माण में भी अग्रणी है। सरकार का प्रयास है कि बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचे।उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सहित अन्य मार्गों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने का काम किया गया है। सड़क कनेक्टिविटी के साथ रेल और हवाई संपर्क को भी बेहतर बनाया गया है। सरकार आगे भी इन सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है।
केशव मौर्य ने कहा कि प्रदेश में हर घर तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है, जबकि घरों तक पाइपलाइन से पीने का पानी उपलब्ध कराने का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि शहरों की तरह गांवों में भी लोगों को पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, ताकि ग्रामीणों को हैंडपंप और कुओं पर निर्भर न रहना पड़े।
उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का घर नहीं था, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उनके अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 65 लाख आवास दिए जा चुके हैं। आगे भी पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
02:22 PM, 09-Oct-2026
विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य जरूर पूरा होगा
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का विषय भी आज जनचर्चा का केंद्र बन गया है। लोगों को विश्वास रखना चाहिए कि वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य जरूर पूरा होगा। उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयास जरूरी हैं।उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों के शासन को समाप्त करने के लक्ष्य पर विश्वास नहीं किया होता और संघर्ष से पीछे हट गए होते, तो देश को आजादी मिलने में मुश्किल होती। उनके संघर्ष के परिणामस्वरूप ही देश स्वतंत्र हुआ। इसी तरह आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य भी प्रयासों से हासिल किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है
डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को व्यापक आकार देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों और ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध के कारण पैदा हुए पेट्रोलियम संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद देश मजबूती से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।उन्होंने विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा है तो वे उस पर खुलकर चर्चा करें। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि देश अब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है और तुष्टीकरण की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।
विपक्षी दल तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे हैं
केशव मौर्य ने कहा कि वे इस बात के पक्ष में नहीं हैं कि कौन व्यक्ति कौन-सा तिलक लगाए या किस मंदिर में दर्शन करने जाए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल पहले तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास से यदि रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है, तो ऐसे विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाना चाहिए।उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के सहारे राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है तो क्या उसका नाम मतदाता सूची में बने रहना चाहिए। उनका कहना था कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना जरूरी है। अंत में उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी मुंगेरीलाल के सपने न देखें। यूपी में फिर भाजपा की सरकार बनेगी।
02:19 PM, 09-Oct-2026
विकसित गांवों से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश के हित में कृषि के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने की जरूरत है और इस दिशा में प्रयास भी किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार रुकने वाली नहीं है। इस बार प्रदेश के कई जिलों में अधिक बारिश हुई है तो कई जगह बाढ़ की समस्याएं भी सामने आई हैं। वहीं, कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षों की अपेक्षा कम बारिश हुई है। इन चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार विकास के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में काम कर रही है। विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब गांवों का विकास होगा। गांवों को उनकी बदहाली पर नहीं छोड़ा जा सकता। वहां के लोगों की जरूरतों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूरा करना होगा।
कोरोना काल में लौटे श्रमिकों का डाटा सरकार के पास
केशव मौर्य ने कहा कि गांवों में भी अनेक प्रतिभाएं हैं, लेकिन रोजगार के अवसरों की कमी के कारण पहले लोगों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। कोरोना काल में जब महामारी का संकट आया तो दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के श्रमिक बड़ी संख्या में अपने घर लौटे। उस समय उनकी सूची तैयार की गई और यह जानकारी जुटाई गई कि वे दूसरे राज्यों में किस तरह का काम करते थे। इसका पूरा डाटा सरकार के पास है।उन्होंने कहा कि पहले रोजगार की तलाश में लोगों को महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में जाना पड़ता था। अब उसी तरह के रोजगार के अवसर उत्तर प्रदेश में भी पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश आज हर दृष्टि से आगे बढ़ रहा है।
कनेक्टिविटी के विस्तार से बदली प्रदेश की तस्वीर
डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास और सुशासन के लिए कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना जरूरी है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में इस दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे क्षेत्र थे, जिनके विकास के बारे में पहले सरकारों की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था। पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने कनेक्टिविटी के विस्तार पर बड़े पैमाने पर काम किया है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क और अन्य संपर्क सुविधाओं का विस्तार हुआ है। दूसरे राज्यों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लोग जब अपने घर लौटते हैं तो उन्हें प्रदेश में आए बदलाव का एहसास होता है। हालांकि, अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा, "अभी तो यह झांकी है, पूरी पिक्चर बाकी है।"
युवाओं को रोजगार देने के लिए निवेश और स्टार्टअप पर जोर
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोगों को भरोसा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विकास, सुशासन और गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के लिए काम करेगी। किसानों की आमदनी बढ़ाने, महिलाओं के सशक्तीकरण और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में करीब 10 लाख सरकारी नौकरियां देने में सफलता मिली है। हालांकि, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में केवल सरकारी नौकरियों से सभी युवाओं की जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं। इसलिए बड़े पैमाने पर निवेश लाने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसके लिए बजट में भी व्यवस्था की गई है।
परिवार और गांव को आगे बढ़ाने का किया आह्वान
डिप्टी सीएम ने लोगों से अपने परिवार और गांव को आगे बढ़ाने के साथ प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार से जनता की जो अपेक्षाएं हैं, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार समर्पित भाव से काम कर रही है। युवाओं को रोजगार, किसानों को बेहतर अवसर, महिलाओं को सशक्तीकरण और गरीबों के जीवन में बदलाव लाने के प्रयासों से प्रदेश के भविष्य को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।02:12 PM, 09-Oct-2026
एक जिला-एक उत्पाद से वैश्विक बाजार तक पहुंचेंगे स्थानीय उत्पाद
डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विशिष्ट उत्पादों की लंबी शृंखला है। फिरोजाबाद में कागज से बने आकर्षक उत्पादों और मूर्तियों का काम होता है, जबकि मुरादाबाद पीतल के उत्पादों और धातु शिल्प के लिए प्रसिद्ध है। इसी तरह कन्नौज के इत्र और आगरा के पेठे की अपनी अलग पहचान है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने की क्षमता है। एक जिला-एक उत्पाद जैसी पहल से इन उत्पादों को पहचान दिलाने और उनके बाजार का विस्तार करने के अवसर मिले हैं। प्रदेश में खरीदने की क्षमता बढ़ने के साथ निर्यात की संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। स्थानीय कारीगरों, छोटे उद्यमियों और उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मददगार होगा।
'सबका साथ, सबका विकास' से आगे बढ़ेगा प्रदेश
केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि सात अक्तूबर को प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया था। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश का विकास तभी व्यापक रूप से संभव है, जब योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे। उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कौशल विकास और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने के क्षेत्र में अभी और काम करने की जरूरत है। हालांकि, प्रदेश में विकास को लेकर पैदा हुआ उत्साह आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है।
डिप्टी सीएम के अनुसार, विकास का लक्ष्य केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, उद्यमियों के लिए अवसर और स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तैयार करना भी है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश अपनी आर्थिक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है।
02:10 PM, 09-Oct-2026
अब जातिवाद नहीं, विकास के मुद्दे पर हो रही राजनीति
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब विकास राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। पहले जो राजनीतिक दल जातिवाद और तुष्टीकरण के सहारे चुनाव लड़ते थे, वे भी अब विकास की बात करने लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात से शुरू हुई विकास की यात्रा देशभर में आगे बढ़ी है। केंद्र और राज्यों में डबल इंजन की सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिली है और गरीबों के जीवन में बदलाव आया है।‘प्रदेश विकास का पर्याय’ कार्यक्रम में इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रदेश की विकास यात्रा पर चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में काम करना जरूरी है। प्रदेश में बड़ी युवा आबादी है। यदि युवाओं को विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए तो उन्हें अपने ही जिले और प्रदेश में रोजगार मिल सकता है। इससे उद्योगों को कुशल श्रमिक मिलेंगे और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
काशी-अयोध्या से लेकर प्रयागराज तक इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व
केशव मौर्य ने धार्मिक पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम, गंगा घाटों के विकास और सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इसी तरह अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मथुरा-वृंदावन सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।उन्होंने वर्ष 2025 में आयोजित प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 60 करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने के दावे के संदर्भ में व्यवस्थाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका महत्वपूर्ण रही। यदि श्रद्धालुओं के आवागमन, स्नान और सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम नहीं किए जाते तो इतने बड़े आयोजन का प्रबंधन मुश्किल होता। उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों की सफलता के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा और बेहतर व्यवस्थाएं आवश्यक हैं।