Amar Ujala Samvad Live: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोले- राहुल का शरीर तो बड़ा हो गया लेकिन दिमाग बच्चों जैसा
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Mon, 26 Feb 2024 08:16 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 26 Feb 2024 08:16 PM IST
खास बातें
अमर उजाला संवाद में सोमवार से दो दिन तक बात स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ते देश के साथ उत्तर प्रदेश के विकास की होगी। सोमवार को पहला सत्र राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर विषय पर केंद्रित रहा। दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। इस मौके पर सीएम ने मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। यहां पढ़ें कार्यक्रम से जुड़े पल-पल के अपडेट्स-
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अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट
05:12 PM, 26-Feb-2024
सवाल- क्या लोकसभा चुनाव लड़ेंगे
जवाब- उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि मैं खुद अपने चुनाव लड़ने पर निर्णय नहीं ले सकता, इसका फैसला पार्टी करेगी। मुझे भाजपा में ही जीना-मरना है। छात्र संघ चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि हम प्रयास करेंगे कि ये फिर से शुरू हो।
जवाब- उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि मैं खुद अपने चुनाव लड़ने पर निर्णय नहीं ले सकता, इसका फैसला पार्टी करेगी। मुझे भाजपा में ही जीना-मरना है। छात्र संघ चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि हम प्रयास करेंगे कि ये फिर से शुरू हो।
05:08 PM, 26-Feb-2024
यूपी में ऑल इज वेल: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की। सिर्फ 16 जिले ऐसे हैं, जहां मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बाकी सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। प्रदेश में 774 चिकित्सों को चिह्नित किया गया है। उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। यूपी में ऑल इज वेल। 80 में 80 सीटें हम निकालेंगे।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की। सिर्फ 16 जिले ऐसे हैं, जहां मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बाकी सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं। प्रदेश में 774 चिकित्सों को चिह्नित किया गया है। उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। यूपी में ऑल इज वेल। 80 में 80 सीटें हम निकालेंगे।
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05:01 PM, 26-Feb-2024
हमारी सरकारें कांच की तरह पारदर्शी: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
सपा सरकारी खजाना खर्च कर सैफाई में महोत्सव मनाती थी और हीरो-हिरोइन नाचने के लिए आते थे। सपा की सरकारों में सपा के नेता दुकानें लूट लेते थे। दुकानों का गल्ला लूट लेते थे। हमारी सरकारें कांच की तरह पारदर्शी हैं। भाजपा सरकार में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी होती है उनके समय सैफई में नाच गाना होता था। इसलिए सपा-कांग्रेस हमारे लिए कोई चुनौती नहीं है।
04:57 PM, 26-Feb-2024
2024 चुनाव में भाजपा के सामने कोई चुनौती नहीं
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में भाजपा के सामने कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा-कांग्रेस की कलई उतर चुकी है। यूपी के दोनों लड़कों (कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव) कोई कमाल नहीं दिखा पाएंगे।04:54 PM, 26-Feb-2024
राहुल का शरीर तो बड़ा हो गया लेकिन दिमाग बच्चों जैसा है: डिप्टी सीएम
जनता पहले भी सपा और कांग्रेस का गठबंधन देख चुकी है। जनता ने सपा और बसपा का भी गठबंधन देखा है। इस बार के गठबंधन से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ता। यूपीए की सरकारें करप्ट थीं। कॉमनवेल्थ गेम में गुड नाइट मशीन की खरीद 6 हजार रुपयों में दिखाई गई। राहुल गांधी का शरीर तो बड़ा हो गया लेकिन दिमाग बच्चे जैसा है।
04:53 PM, 26-Feb-2024
सवाल- राहुल गांधी की यात्रा में काफी भीड़ आ रही है उस पर आप क्या कहना चाहते हैं?
जवाब- 2019 में सपा-बसपा के गठबंधन में भीड़ कम आ रही थी क्या। अगर आपकी को वास्तव में जनता की नब्ज टटोलना है तो लोगों के विचार जानिए। यूपी में कहीं भी फोन मिला लीजिए तो आपको जवाब मिल जाएगा। फोन उठते ही लोग कह देते हैं कि आएगा तो मोदी ही। सपा के राज में व्यापारियों के साथ दिन दहाड़े लूट हो जाती थे। समाजवादी पार्टी जब-जब सत्ता में आई लूट, मर्डर, अपहरण, दंगे हुए। लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त हो जाता था।
जवाब- 2019 में सपा-बसपा के गठबंधन में भीड़ कम आ रही थी क्या। अगर आपकी को वास्तव में जनता की नब्ज टटोलना है तो लोगों के विचार जानिए। यूपी में कहीं भी फोन मिला लीजिए तो आपको जवाब मिल जाएगा। फोन उठते ही लोग कह देते हैं कि आएगा तो मोदी ही। सपा के राज में व्यापारियों के साथ दिन दहाड़े लूट हो जाती थे। समाजवादी पार्टी जब-जब सत्ता में आई लूट, मर्डर, अपहरण, दंगे हुए। लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त हो जाता था।
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04:43 PM, 26-Feb-2024
हम पार्टी लाइन को ध्यान में ना रखकर भी वंचितों की मदद करते हैं: ब्रजेश पाठक
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हम पार्टी लाइन को ध्यान में ना रखकर भी वंचितों की मदद करते हैं। लखनऊ विवि. में सबसे पहले लॉ प्रतिनिधि चुना गया। जीवन का उद्देश्य था कि हम लोगों की सेवा करें। हमारे यहां जो भी आए जाए हम उसकी मदद करते हैं। जो पीड़ित है वह मेरा भाई है और हम उसकी मदद करते हैं।04:31 PM, 26-Feb-2024
सवाल: 2012 में आपने कांस्य जीता था। क्या आप भी दबाव में थीं?
साइना नेहवाल: अगर आप दबाव को नहीं झेल पाते हैं तो आप खिलाड़ी नहीं हैं। आप हमेशा यह सोचते हैं कि आपका विपक्षी कौन है। आपको किसे हराना है। कौन खिलाड़ी लगातार आपको हरा रहा है। आपको प्रैक्टिस के दौरान भी दबाव झेलना पड़ता है। आपको प्रैक्टिस के समय भी यह सोचना पड़ता है कि कैसे तैयारी करनी है। आपने जितनी अच्छी ट्रेनिंग की है उतना ही अच्छा परिणाम आएगा। आप अगर मुख्य मैच में दबाव में आ जाते हैं तो उससे अच्छा है कि खेल को छोड़कर पढ़ाई कर लें। आप जोकोविच या रोजर फेडरर को देखिए। उन्हें सब फॉलो करते हैं। आप अगर बहुत तैयारी के बाद मैच में अच्छा नहीं खेलते हैं तो मुश्किल होगी।आपके दिमाग में यह होना चाहिए कि दबाव में नहीं आना चाहिए। आपको अपने माता-पिता के बारे में सोचना चाहिए। जब आप परीक्षा में बैठते हैं उसी तरह का दबाव मैच की शुरुआत में रहता है। जोकोविच भी ऐसा ही कहते हैं कि शुरुआती समय में काफी दबाव होता है, लेकिन आपको विपक्षी और नतीजों पर ध्यान देना चाहिए।
साइना नेहवाल: अगर आप दबाव को नहीं झेल पाते हैं तो आप खिलाड़ी नहीं हैं। आप हमेशा यह सोचते हैं कि आपका विपक्षी कौन है। आपको किसे हराना है। कौन खिलाड़ी लगातार आपको हरा रहा है। आपको प्रैक्टिस के दौरान भी दबाव झेलना पड़ता है। आपको प्रैक्टिस के समय भी यह सोचना पड़ता है कि कैसे तैयारी करनी है। आपने जितनी अच्छी ट्रेनिंग की है उतना ही अच्छा परिणाम आएगा। आप अगर मुख्य मैच में दबाव में आ जाते हैं तो उससे अच्छा है कि खेल को छोड़कर पढ़ाई कर लें। आप जोकोविच या रोजर फेडरर को देखिए। उन्हें सब फॉलो करते हैं। आप अगर बहुत तैयारी के बाद मैच में अच्छा नहीं खेलते हैं तो मुश्किल होगी।आपके दिमाग में यह होना चाहिए कि दबाव में नहीं आना चाहिए। आपको अपने माता-पिता के बारे में सोचना चाहिए। जब आप परीक्षा में बैठते हैं उसी तरह का दबाव मैच की शुरुआत में रहता है। जोकोविच भी ऐसा ही कहते हैं कि शुरुआती समय में काफी दबाव होता है, लेकिन आपको विपक्षी और नतीजों पर ध्यान देना चाहिए।
04:21 PM, 26-Feb-2024
सवाल: 1986 में आपको दौड़ने समय कैसा लग रहा था?
पीटी उषा: उस समय जो उपलब्धि हासिल हुई थी वह शानदार थी। मेरे लिए गर्व का समय था। मैं हमेशा ठीक से दौड़ती थी। मेरे कोच हमेशा मुझे मदद करते थे। मैं जब दौड़ने के लिए जाती थी तो सिर्फ जीत के बारे में सोचती थी।
04:17 PM, 26-Feb-2024
फिर से स्पोर्ट्स में जाना चाहूंगी: साइना
साइना नेहवाल ने कहा कि अगर फिर से लाइफ रिपीट करनी हो तो फिर से स्पोर्ट्स में जाना चाहूंगी। क्योंकि स्पोर्ट्स पर्सन की लाइफ काफी अनुशासित रहती है। मेरे पसंदीदा खिलाड़ियों में रोजर फेडरर, मारिया शरापोवा हैं।