Parliament: 17 घंटे चर्चा के बाद सुबह 4 बजे राज्यसभा स्थगित; मणिपुर पर प्रस्ताव पास, 11 बजे फिर शुरू होगा सदन
Parliament Budget Session LIVE Updates In Hindi: लोकसभा ने बुधवार रात करीब 1.56 बजे वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पारित कर दिया। विधेयक के पक्ष में 288, जबकि विरोध में 232 मत पड़े। विधेयक पर लोकसभा में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई।
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गहन चर्चा और बहस के बाद राज्यसभा की कार्रावाई चार अप्रैल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बता दें कि इससे पहले लोकसभा के बाद राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया गया, जिसके बाद अब ये विधेयक कानून बनने से केवल एक कदम दूर है। जहां अब इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 के राज्यसभा से पारित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर पर राष्ट्रपति शासन को लेकर प्रस्ताव पेश किया। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह सदन मणिपुर राज्य के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 356 (1) के तहत 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति द्वारा जारी उद्घोषणा को मंजूरी देता है।
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में पारित; विधेयक के पक्ष में 128 वोट, विधेयक के खिलाफ 95 वोट पड़े।
मंत्री रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और इसे धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए। वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और वैधानिक निकाय में केवल मुसलमानों को ही क्यों शामिल किया जाना चाहिए? अगर हिंदू और मुसलमानों के बीच कोई विवाद है, तो उस विवाद को कैसे सुलझाया जाएगा?...वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों के साथ भी विवाद हो सकते हैं...वैधानिक निकाय धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए और सभी धर्मों के लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। फिर भी हमने इसमें गैर-मुस्लिमों की संख्या सीमित कर दी है। वक्फ बिल से मुसलमानों को हम नहीं डरा रहे, बल्कि विपक्षी पार्टियां डरा रही हैं।
राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस जारी रहने के दौरान कांग्रेस सांसद एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी संसद पहुंचीं।
राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर मतदान जारी
उन्होंने कहा कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 22 मेंबर होंगे। एक्स ऑफिशियो मेंबर को मिला कर 4 से ज्यादा गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होंगे। वक्फ बोर्ड के 11 सदस्यों में 3 से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं होंगे। यह साफ तौर पर बताया जा चुका है। जे. पी. सी. के सदस्य स्वयं जे. पी. सी. में बैठते हैं और आरोप लगाते हैं कि जे. पी. सी. में उनकी बात नहीं सुनी गई। जितना आप चाहते हैं, उतना स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर जेपीसी में बहुमत को मंजूरी मिल गई है, तो हम क्या कर सकते हैं?
दानदाताओं की संपत्ति को हड़पने की अनुमति न मिले : देवेगौड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस प्रमुख एच.डी. देवेगौड़ा ने वक्फ बिल पर कहा, मुझे पीएम मोदी को बधाई देनी चाहिए। जिस संपत्ति का उल्लेख किया गया है, वह लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये की है। ये संपत्तियां सरकार द्वारा नहीं, बल्कि दानदाताओं ने दी है। उस संपत्ति का दुरुपयोग किया गया है इसीलिए पीएम मोदी इस पर मुहर लगाना चाहते हैं, ताकि दानदाताओं की संपत्ति, जो किसी विशेष उद्देश्य के लिए दी गई है, उसे हड़पने की अनुमति न दी जाए।
राज्यसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने राज्यसभा का समय बढ़ाने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए सदन के सभी सदस्यों की आम सहमति ली जानी जरूरी थी।