Parliament LIVE: अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में वैधानिक मान्यता, राज्यसभा में विधेयक पारित
Parliament Budget Session Lok Sabha Rajya Sabha Proceedings LIVE Updates: लोकसभा में आज केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानांद राय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसी के साथ सीएपीएफ बिल पर चर्चा शुरू हो गई है। राज्यसभा से एक दिन पहले ही इस बिल को पारित किया गया था। दोनों सदनों में किन विधेयकों पर चर्चा हुई? संसद में किस जनप्रतिनिधि ने क्या कहा? अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें संसद से जुड़े तमाम अपडेट्स
लाइव अपडेट
भारत-US संबंधों पर USCIRF की सिफारिशों का कोई असर नहीं
भारत ने USCIRF की रिपोर्ट को ठुकराया
सरकार ने स्पष्ट किया कि इन रिपोर्टों में कोई आधार नहीं है और भारत अपने नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं की पूरी रक्षा करता है। भारत एक बहुलवादी लोकतंत्र है, जिसमें सभी धर्मों के लोग सुरक्षित हैं।
414 पुरातात्विक स्मारक अतिक्रमण के अधीन: सरकार
भारत और रूस की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने पर बैठक
भारत में रूस की संसद के पहले उपसभापति व्लादिमीर याकुशेव की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश से मुलाकात की। हरिवंश ने कहा कि भारत और रूस की संसदों के बीच लंबे समय से मजबूत और फलदायक संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक, आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
हरिवंश ने यह भी बताया कि भारत और रूस का व्यापारिक लक्ष्य 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर सालाना व्यापार का है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान रूस का सहयोग सराहनीय है
अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में वैधानिक मान्यता
राज्य सभा द्वारा गुरुवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया। यह महत्वपूर्ण विधेयक अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में वैधानिक मान्यता प्रदान करने के लिए है। यह विधेयक इस संबंध में आंध्र प्रदेश विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव को कानूनी आधार भी प्रदान करता है। लोकसभा द्वारा इस विधेयक को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। विधेयक पारित होने से पूर्व सदन में इस पर चर्चा आयोजित की गई।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस संशोधन के माध्यम से यह प्रावधान किया जा रहा है कि निर्दिष्ट अवधि के समाप्त होने के पश्चात आंध्र प्रदेश राज्य की राजधानी अमरावती होगी। साथ ही, अधिनियम में एक स्पष्ट स्पष्टीकरण जोड़ा जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अमरावती को ही राज्य की वैधानिक राजधानी के रूप में मान्यता प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश विधानसभा द्वारा 28 मार्च को पारित संकल्प को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भी यह संशोधन आवश्यक है। इससे अमरावती का नाम राज्य की राजधानी के रूप में सम्मिलित किया जा सकेगा और किसी प्रकार की विधिक शंका या विवाद की स्थिति नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि एक स्पष्ट और स्थिर राजधानी किसी भी राज्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए अत्यंत आवश्यक होती है। इससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता आती है, निर्णय लेने की प्रक्रिया सुदृढ़ होती है और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आती है। अमरावती को वैधानिक रूप से राजधानी का दर्जा मिलने से राज्य में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, बुनियादी ढांचे का विकास तीव्र गति से होगा और समग्र आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए पूर्णत प्रतिबद्ध है। यह संशोधन विधेयक ‘विकसित भारत’ के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आंध्र प्रदेश को विकास की मुख्यधारा में और सशक्त बनाएगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपने विचार रखने वाले सभी संसद सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया। सदन में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर व्यापक और सारगर्भित चर्चा हुई है। सभी सदस्यों ने राज्य के हित, उसके भविष्य और विकास को ध्यान में रखते हुए अपने सुझाव दिए हैं।