{"_id":"6a002fbc61bb312d860c0270","slug":"yoga-poses-for-stay-cool-in-hot-summer-garmi-mein-thanda-rahane-ke-liye-kya-karen-2026-05-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Yoga Poses For Stay Cool: गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाले योगासन और प्राणायाम","category":{"title":"Yoga and Health","title_hn":"योग","slug":"yoga-and-health"}}
Yoga Poses For Stay Cool: गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाले योगासन और प्राणायाम
Sun, 10 May 2026 02:33 PM IST
Shruti Gaur
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 10 May 2026 02:33 PM IST
सार
Yoga Poses For Stay Cool: अगर आप अपने शरीर को भी ठंडा रखना चाहते हैं तो भीषण गर्मी के बीच कुछ योगासनों का प्रयास शुरू करें।
विज्ञापन
गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाले योगासन और प्राणायाम
- फोटो : AI
विस्तार
Yoga Poses For Stay Cool: गर्मी के मौसम में बढ़ता तापमान शरीर पर कई तरह का असर डालता है, जैसे थकान, डिहाइड्रेशन और चिड़चिड़ापन। ऐसे में शरीर को अंदर से ठंडा और संतुलित रखने के लिए योगासन और प्राणायाम बेहद प्रभावी माने जाते हैं।
योग केवल शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से गर्मियों में कुछ ऐसे योग और श्वास अभ्यास होते हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और हीट स्ट्रेस को कम करते हैं।
नियमित योग अभ्यास से न केवल शरीर की गर्मी नियंत्रित रहती है, बल्कि पाचन तंत्र, ब्लड सर्कुलेशन और मानसिक स्थिरता भी बेहतर होती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन और प्राणायाम, जो गर्मी में शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
विज्ञापन
1. शीतली प्राणायाम
शीतली प्राणायाम गर्मी के मौसम में शरीर को तुरंत ठंडक देने के लिए सबसे प्रभावी श्वास अभ्यास माना जाता है। इसमें जीभ को नली की तरह मोड़कर मुंह से धीरे-धीरे सांस ली जाती है और फिर नाक से छोड़ी जाती है। यह प्रक्रिया शरीर के अंदर की गर्मी को कम करती है और ब्लड प्रेशर को भी संतुलित रखने में मदद करती है। नियमित अभ्यास से चिड़चिड़ापन कम होता है और मन में शांति महसूस होती है। यह उन लोगों के लिए भी उपयोगी है जिन्हें गर्मी में जल्दी थकान या बेचैनी महसूस होती है।
2. शीतकारी प्राणायाम
इस प्राणायाम में दांतों को हल्का खोलकर या जुबान के बीच से हवा खींची जाती है, जिससे ठंडी हवा शरीर के अंदर जाती है। यह शरीर के तापमान को कम करने के साथ-साथ मानसिक तनाव और गुस्से को भी नियंत्रित करता है। यह प्राणायाम विशेष रूप से गर्म और उमस भरे मौसम में बहुत लाभकारी माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास शरीर को ठंडा और शांत बनाए रखता है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर करता है।
3. चंद्र नमस्कार
चंद्र नमस्कार योग का एक शांत और संतुलित रूप है, जिसे खासकर रात या गर्मी में किया जाता है। यह शरीर में “चंद्र ऊर्जा” को सक्रिय करता है, जो शांति और ठंडक का प्रतीक मानी जाती है। इसे करने से शरीर की थकान कम होती है और मानसिक तनाव घटता है। यह सूर्य नमस्कार की तुलना में अधिक रिलैक्सिंग माना जाता है और शरीर को ओवरहीटिंग से बचाता है।
4. बालासन
बालासन एक बेहद सरल लेकिन प्रभावी योगासन है, जिसे करने से शरीर तुरंत रिलैक्स महसूस करता है। इसमें घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे झुकाया जाता है और माथा जमीन पर टिकाया जाता है। यह आसन पीठ, गर्दन और कंधों के तनाव को कम करता है। साथ ही यह मानसिक तनाव और चिंता को भी घटाता है। गर्मी में यह शरीर को ठंडक और मानसिक आराम देने के लिए बहुत उपयोगी है।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
योग केवल शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से गर्मियों में कुछ ऐसे योग और श्वास अभ्यास होते हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और हीट स्ट्रेस को कम करते हैं।
विज्ञापन
नियमित योग अभ्यास से न केवल शरीर की गर्मी नियंत्रित रहती है, बल्कि पाचन तंत्र, ब्लड सर्कुलेशन और मानसिक स्थिरता भी बेहतर होती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन और प्राणायाम, जो गर्मी में शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
विज्ञापन
1. शीतली प्राणायाम
शीतली प्राणायाम गर्मी के मौसम में शरीर को तुरंत ठंडक देने के लिए सबसे प्रभावी श्वास अभ्यास माना जाता है। इसमें जीभ को नली की तरह मोड़कर मुंह से धीरे-धीरे सांस ली जाती है और फिर नाक से छोड़ी जाती है। यह प्रक्रिया शरीर के अंदर की गर्मी को कम करती है और ब्लड प्रेशर को भी संतुलित रखने में मदद करती है। नियमित अभ्यास से चिड़चिड़ापन कम होता है और मन में शांति महसूस होती है। यह उन लोगों के लिए भी उपयोगी है जिन्हें गर्मी में जल्दी थकान या बेचैनी महसूस होती है।
2. शीतकारी प्राणायाम
इस प्राणायाम में दांतों को हल्का खोलकर या जुबान के बीच से हवा खींची जाती है, जिससे ठंडी हवा शरीर के अंदर जाती है। यह शरीर के तापमान को कम करने के साथ-साथ मानसिक तनाव और गुस्से को भी नियंत्रित करता है। यह प्राणायाम विशेष रूप से गर्म और उमस भरे मौसम में बहुत लाभकारी माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास शरीर को ठंडा और शांत बनाए रखता है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर करता है।
3. चंद्र नमस्कार
चंद्र नमस्कार योग का एक शांत और संतुलित रूप है, जिसे खासकर रात या गर्मी में किया जाता है। यह शरीर में “चंद्र ऊर्जा” को सक्रिय करता है, जो शांति और ठंडक का प्रतीक मानी जाती है। इसे करने से शरीर की थकान कम होती है और मानसिक तनाव घटता है। यह सूर्य नमस्कार की तुलना में अधिक रिलैक्सिंग माना जाता है और शरीर को ओवरहीटिंग से बचाता है।
4. बालासन
बालासन एक बेहद सरल लेकिन प्रभावी योगासन है, जिसे करने से शरीर तुरंत रिलैक्स महसूस करता है। इसमें घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे झुकाया जाता है और माथा जमीन पर टिकाया जाता है। यह आसन पीठ, गर्दन और कंधों के तनाव को कम करता है। साथ ही यह मानसिक तनाव और चिंता को भी घटाता है। गर्मी में यह शरीर को ठंडक और मानसिक आराम देने के लिए बहुत उपयोगी है।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।