इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए रोजाना करें ये योगासन, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर
भुजंगासन
- भुजंगासन का अभ्यास करना काफी आसान है। इस योगासान को क्रोबा पोज भी कहा जाता है।
भुजंगासन कैसे करें...
- आपको भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेट जाना है।
- उसके बाद अपने हाथों को सामने की तरफ रखें।
- अब धीरे- धीरे सांस लेते हुए अपने हाथों को अपने चेस्ट के पास में ले आएं।
- अब हाथों पर जोर दें और कमर के ऊपरी हिस्से को सांप के फन की तरह उठाएं। इस बात का ध्यान रखें कि कमर के नीचे का हिस्सा जमीन पर ही रहे।
- इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहें और थोड़ी देर तक इसी अवस्था में रहें।
- अब आपने धीरे- धीरे सांस छोड़नी है और वापस सामान्य मुद्रा में आ जाना है।
- आप इस योगासन का अभ्यास दिन में दो बार 10 से 15 मिनट के लिए कर सकते हैं।
- सेतु बंधासन
सेतु बंधासन को ब्रिज पोज के नाम से भी जाना जाता है। एक शोध के अनुसार नियमित रूप से सेतु बंधासन का अभ्यास करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
सेतु बंधासन कैसे करें
- इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं।
- इसके बाद अपने हाथों को पैरों के समांतर रखें।
- अब आपने अपने घुटनों को मोड़ना है।
- अब धीरे- धीरे सांस लेते हुए अपनी पीठ के निचले हिस्से को धीरे- धीरे ऊपर की तरफ उठाएं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके सिर और कंधे का हिस्सा जमीन से सटा रहना चाहिए।
- थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य पोजीशन में आ जाएं।
- आप इस योगासान का अभ्यास नियमित रूप से 5 से 10 मिनट तक कर सकते हैं।
बालासन
- बालासन का अभ्यास करना काफी आसान है। योग एक्सपर्ट के अनुसार इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इस योगासान का नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए।
बालासन कैसे करें...
- सबसे पहले वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं।
- अब सांस लेते हुए शरीर के अगले हिस्से को आगे ले जाने का प्रयास करें।
- आपने शरीर के अगले हिस्से को जमीन पर टच कराने का प्रयास करना है।
- इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके हाथ पीछे की तरफ रहने चाहिए।
- कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए धीरे- धीरे वज्रासन की अवस्था में वापस आ जाएं।
हलासन
- हलासन का अभ्यास करना थोड़ा मुश्किल होता है, परंतु कुछ दिनों के अभ्यास के बाद आप अच्छे से इस योगासान को करने लगेंगे।
हलासन कैसे करें...
- हलासन का अभ्यास करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं।
- अब धीरे- धीरे सांस लें और अपने पैरों को 90 डिग्री तक ले जाएं।
- शुरुआत में आपको पीठ को हाथों का सहारा देना होगा।
- इसके बाद अपने पैरों को पीछे की तरफ ले जाएं।
- इस बात का ध्यान रखें कि शरीर का संतुलन न बिगड़े।
- इसके बाद अपने पैरों के पंजे को पीछे की तरफ ले जाएं और जमीन से टच करा दें।
- इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
- इसके बाद अपने हाथों को वापस आगे की तरफ जमीन से चिपका दें।
- कुछ देर तक इस अवस्था में रहें, फिर धीरे- धीरे अपने पैरों को वापस 90 डिग्री पर लेकर जाएं।
- इसके बाद धीरे- धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
- इस योग मुद्रा का अभ्यास 7 से 10 मिनट तक किया जा सकता है।