इन योगासन का नियमित अभ्यास करने से मिलता है पीसीओडी की समस्या से छुटकारा
पीसीओडी की समस्या में महिलाएं बात करने से आज भी झिझकती हैं लेकिन यह समस्या बहुत ही पीड़ादायक है। ऐसे में योगासन करके आप इस समस्या में कभी हद तक राहत पा सकते हैं। आसान आसनों को करके ही पीसीओडी का उपचार किया जा सकता है।
विस्तार
भारत में पीसीओडी की समस्या महिलाओं में बहुत आम हो चुकी है। पीसीओडी की समस्या तब होती है जब ओवरी से स्रावित होने वाले हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है। इसका सबसे मुख्य कारण है अव्यवस्थित दिनचर्या। इसके होने पर ओवरी में सिस्ट भी हो जाती है, ऐसे में इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल ठीक नहीं है। योगासन करके इस समस्या से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं कि किन आसनों को करने से पीसीओडी की समस्या से निजात पाई जा सकती है।
तितली आसन
महिलाओं के लिए तितली आसन करना बहुत लाभदायक होता है। यह आसन प्रजनन अंगों के साथ-साथ पैरों और जांघों को मजबूती देता है, इसके साथ ही यह मानसिक स्वास्थ्य को भी अच्छा रखता है। आसन को प्रतिदिन करने से पीरियड्स नियमित होते हैं। साथ ही शरीर में हल्कापन भी बना रहता है।
भुजंगासन
पीसीओडी की समस्या में भुजंगासन का बारी-बारी अभ्यास महिलाओं के लिए ज्यादा लाभकारी है। इसके अभ्यास से रिप्रोडक्टिव अंगों को शक्ति तो मिलती है ही. साथ ही पीरियड्स की अनियमितता भी दूर कर देता है। ऐसा होने पर पीसीओडी की समस्या दूर होने लगती है। इसके साथ ही किडनी और यूटेरस को भी यह मजबूत करता है।
शशांक आसन
शशांकासन के अभ्यास से पेल्विक की मसल्स को मजबूती मिलती है,साथ ही रिप्रोडक्टिव अंगों की गड़बड़ी को भी यह दूर करता है जिससे रिप्रोडक्टिव ग्लैंड्स का हार्मोन स्राव संतुलित होता है और महिलाओं की समस्याएं दूर हो जाती हैं।