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Rani Lakshmi Bai Birthday: 19 नवंबर को है रानी लक्ष्मी बाई की जयंती, इस मौके पर घूम आएं झांसी का किला
Fri, 15 Nov 2024 04:01 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Fri, 15 Nov 2024 04:01 PM IST
सार
झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की जयंती के मौके पर ऐतिहासिकता को समेटे झांसी के किले को घूमने की योजना बनाएं। यहाँ इस किले के बारे में अधिक जानकारी दी जा रही है।
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झांसी का किला
- फोटो : Instagram
विस्तार
Jhansi Ki Rani Lakshmi Bai Birthday 2024: भारत के इतिहास में सबसे दमदार महिलाओं में रानी लक्ष्मी बाई का नाम शामिल है। वह एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थीं। रानी लक्ष्मी बाई स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थीं। जिनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। उनके बचपन का नाम मणिकर्णिका तांबे था और उपनाम मनु था। बाद में उनका विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव नेवालकर से हुआ। इस तरह रानी लक्ष्मी बाई झांसी की रानी बन गईं। झांसी में उनका भव्य किला था, जो स्वतंत्रता संग्राम का गवाह बनकर आज भी खड़ा है।
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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित इसी किले में रानी लक्ष्मी बाई रहा करती थीं। अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं या यहां किसी काम से आए हैं तो एक बार आपको झांसी के किले को जरूर घूमने जाना चाहिए। झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की जयंती के मौके पर ऐतिहासिकता को समेटे झांसी के किले को घूमने की योजना बनाएं। यहाँ इस किले के बारे में अधिक जानकारी दी जा रही है।
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झांसी के किले से जुड़ी जानकारी
झांसी का किला बगीरा पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में राजा बीर सिंह देव ने कराया था। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस किले का एक हिस्सा नष्ट हो गया था। किले में भगवान गणेश का मंदिर और संग्रहालय भी है। पर्यटकों के लिए यहां स्थित युद्ध स्मारक और रानी लक्ष्मीबाई पार्क आकर्षण का केंद्र हैं। इस किले की गिनती भारत के सबसे ऊंचे किलों में होता है।
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झांसी का सरकारी संग्रहालय भी देखने जा सकते हैं। यह सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है। किला 15 एकड़ में फैला हुआ है। किले में ग्रेनाइट की दीवारें 16 से 20 फीट मोटी हैं।
झांसी के किले का प्रवेश शुल्क
झांसी के किले की सैर के लिए शुल्क लगता है। आपको फोर्ट के गेट पर एंट्री टिकट खरीदना पड़ता है। भारतीय पर्यटकों के लिए 20 रुपये का टिकट है और विदेशी पर्यटकों के लिए लगभग 250 रुपये का टिकट मिलता है।
झांसी के किला घूमने का समय
झांसी जाने और किले की सैर के लिए नवंबर का महीना काफी उपयुक्त है। सर्दियों के मौसम में ही झांसी का किला घूमने जाएं ताकि गर्मी और धूप से राहत मिल सके। किला सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।
कैसे पहुंचे?
झांसी का किला देखने के लिए आप रेल यात्रा करके गंतव्य के करीब पहुंच सकते हैं। झांसी रेलवे स्टेशन से झांसी का किला 3 किमी दूर है। वहीं निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर में है जो झांसी से 103 किमी दूर है। एयरपोर्ट् या रेलवे स्टेशन से किले तक पर प्राइवेट टैक्सी, सार्वजनिक परिवहन से जा सकते हैं।