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Chhath Puja 2024: छठ पूजा के मौके पर इन सूर्य मंदिरों में जाकर करें पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना
Tue, 05 Nov 2024 07:39 AM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Tue, 05 Nov 2024 07:39 AM IST
सार
छठ पूजा के मौके पर आप सूर्य देव के मंदिरों के दर्शन करने जा सकते हैं। भारत में कई प्रसिद्ध सूर्य मंदिर हैं, जहां आप छठ पूजा कर सकते हैं।
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Chhath puja 2024
- फोटो : freepik
विस्तार
Chhath Puja 2024: हिंदू धर्म में छठ पूजा का काफी ज्यादा महत्व है। ये महापर्व चार दिनों का होता है और इस पर्व के दौरान भगवान सूर्य की पूजा-आराधना पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ की जाती है। चार दिन लने वाले इस कठिन व्रत में महिलाएं कई कठिन नियमों का पालन करती हैं।
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छठ पूजा की धूम सबसे ज्यादा बिहार, झारखंड में देखने को मिलती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में भी इस परंपरा का पालन किया जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की अराधना की जाती है। ऐसे में यदि आपके पास समय है तो छठ पूजा के पावन मौके पर भगवान सूर्य के मंदिर जाकर उनके दर्शन करें। हम यहां आपको भगवान सूर्य के कुछ मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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बिहार का सूर्य मंदिर
बिहार का गया शहर एक धार्मिक स्थल के तौर पर जाना जाता है। पितृपक्ष के दौरान यहां भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां दक्षिणार्क सूर्य मंदिर स्थित है, जहां लोग भगवान सूर्य का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। खासतौर पर छठ पर्व के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है।
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महाराष्ट्र का सूर्य मंदिर
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में सूर्य देवता का मंदिर है, जहां छठ पर्व के दौरान काफी भीड़ लगती है। छठ पर्व के दौरान यहां मेला भी लगता है। मंदिर को लेकर मान्यता है कि इस मंदिर को देवताओं के वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा ने अपने हाथों से बनाया था।
Chhath puja 2024
- फोटो : freepik
रांची का सूर्य मंदिर
झारखंड की राजधानी रांची से 39 किलोमीटर दूर स्थित बुंडू के पास स्थित सूर्य मंदिर में छठ पूजा बहुत ही धूमधाम से की जाती है। यहां संगमरमर से बना सूर्य मंदिर है, जिसमें 18 पहियों और 7 घोड़ों के रथ पर सवार भगवान सूर्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। यहां हर साल छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भीड़ उमड़ती है।
गुजरात का सूर्य मंदिर
गुजरात में भी एक सूर्य मंदिर स्थित है। यह मंदिर अहमदाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर मोढ़ेरा में बना है, जिसमें छठ पर्व के दौरान अलग ही रौनक रहती है। यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करते हैं। इस मंदिर का निर्माण सम्राट भीमदेव सोलंकी प्रथमन ने करवाया था। वे सूर्य देव को कुल देवता के रूप में पूजते थे।
ओडिशा का सूर्य मंदिर
अगर आपको छठ पर्व की धूम देखनी है तो सिर्फ बिहार-झारखंड या फिर उत्तर प्रदेश में ही नहीं ओडिशा में भी इसकी रौनक देखते ही बनती है। दरअसल, ओडिशा के कोणार्क में विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है, जो भगवान सूर्य को समर्पित है। ये मंदिर रथ के आकार का बना है और छठ पर्व के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु सूर्य देव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में बनाया गया था।
झारखंड की राजधानी रांची से 39 किलोमीटर दूर स्थित बुंडू के पास स्थित सूर्य मंदिर में छठ पूजा बहुत ही धूमधाम से की जाती है। यहां संगमरमर से बना सूर्य मंदिर है, जिसमें 18 पहियों और 7 घोड़ों के रथ पर सवार भगवान सूर्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। यहां हर साल छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भीड़ उमड़ती है।
गुजरात का सूर्य मंदिर
गुजरात में भी एक सूर्य मंदिर स्थित है। यह मंदिर अहमदाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर मोढ़ेरा में बना है, जिसमें छठ पर्व के दौरान अलग ही रौनक रहती है। यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करते हैं। इस मंदिर का निर्माण सम्राट भीमदेव सोलंकी प्रथमन ने करवाया था। वे सूर्य देव को कुल देवता के रूप में पूजते थे।
ओडिशा का सूर्य मंदिर
अगर आपको छठ पर्व की धूम देखनी है तो सिर्फ बिहार-झारखंड या फिर उत्तर प्रदेश में ही नहीं ओडिशा में भी इसकी रौनक देखते ही बनती है। दरअसल, ओडिशा के कोणार्क में विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है, जो भगवान सूर्य को समर्पित है। ये मंदिर रथ के आकार का बना है और छठ पर्व के दौरान यहां भारी संख्या में श्रद्धालु सूर्य देव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में बनाया गया था।