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बच्चे से दूर रहकर भी उसे पिला सकती हैं 'मां का दूध','ब्रेस्ट मिल्क बैंक' से जुड़ी 5 अहम बातें

Thu, 02 Aug 2018 11:40 AM IST
मंजू ममगाईं
मंजू ममगाईं Updated Thu, 02 Aug 2018 11:40 AM IST
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World breastfeeding week 2018: Everything You Need to Know about Breast Milk Bank

कई बार स्वस्थ्य कारण, बच्चे के लिए पर्याप्त दूध न होने पर या फिर किसी अन्य वजह के चलते महिलाएं बच्चे को अपना दूध नहीं पिला पाती हैं। अक्सर यह समस्या वर्किंग वुमन के साथ ज्यादा देखने को मिलती हैं। महिलाएं ज्यादा देर तक घरों से बाहर रहने के कारण अपने शिशु को अपना दूध नहीं पिला पाती हैं। जिसकी वजह से उन्हें अपने शिशु की सेहत के लिए फॉर्मूला मिल्क पर निर्भर रहना पड़ता है। पर क्या आप जानती हैं ऐसे बच्चे जो अपनी मां के दूध से वंचित रहते हैं उनका मानसिक और शारीरिक विकास बाकी बच्चों की तुलना में कम होता है।



इतना ही नहीं ऐसे बच्चे मोटापे के शिकार भी आसानी से बन जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है तो अब टेंशन छोड़ जानिए कैसे बच्चे से दूर रहकर भी आप कैसे दे पाएंगी उसे मां का प्यार और दुलार...वो भी उसकी सेहत के साथ समझौता किए बिना...डॉक्टर अर्चना धवन बजाज,स्त्रीरोग विशेषज्ञ,The Nurture IVF से जानते हैं आखिर कैसे...बच्चे से दूर रहकर भी कैसे आप उसे 'मां का दूध' पिला सकती हैं । 

World breastfeeding week 2018: Everything You Need to Know about Breast Milk Bank

डॉक्टर की मानें तो भारत में शिशु मौत का मुख्य कारण संक्रमण और कम वजन के बच्चों का पैदा होना है। मां के दूध से वंचित बच्चों में डायरिया और न्यूमोनिया फैलने का भी खतरा हमेशा बना रहता है। बच्चे के पैदा होने से लेकर अगले 6 महीने तक उसे अपनी मां का दूध ही पीना चाहिए। लेकिन जिन महिलाओं को अपने शिशु के लिए पर्याप्त दूध नहीं बन पाता तो अब वो क्या करें...ऐसी महिलाओं और उनके शिशु के लिए वरदान हैं ये 'मदर मिल्क बैंक'।     

World breastfeeding week 2018: Everything You Need to Know about Breast Milk Bank
भारत में मौजूद 'मदर मिल्क बैंक ऐसे बीमार और कमजोर बच्चों की मदद कर रहे हैं जिनकी माताओं का अपने बच्चे के लिए पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं बन पाता है, जो बच्चे बीमार हैं या फिर जिन्हें दूध नहीं मिलता है।
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World breastfeeding week 2018: Everything You Need to Know about Breast Milk Bank
भारत के इन कोनों में मौजूद हैं ह्यूमन मिल्क बैंक

- अमारा दूध बैंक -ग्रेटर कैलाश, नई दिल्ली
-सायन अस्पताल यानी की लोकमान्य तिलक अस्पताल, मुंबई
-कामा एंड एल्बेलेस अस्पताल, मुंबई 
-केईएम अस्पताल, परेल मुंबई महाराष्ट्र
-जेजे अस्पताल, मुंबई 
-दिव्य मदर मिल्क बैंक,राजस्थान के उदयपुर में
-दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र,पुणे
-एसएसकेएम अस्पताल,कोलकाता
-इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ, एग्मोर, चेन्नई 
-विजया अस्पताल, चेन्नई 
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World breastfeeding week 2018: Everything You Need to Know about Breast Milk Bank
क्या इस बैंक से दूध लेना सुरक्षित है
बता दें, जब कोई महिला अपना दूध डोनेट करने आती है तो सबसे पहले उसके स्वास्थ्य की पूरी जांच की जाती है। उस समय इस बात पर बहुत जोर दिया जाता है कि उसे किसी तरह की कोई बीमारी न हो, ऐसा न होने पर ही किसी मां से उसका दूध लिया जाता है।
-दूध को माइनस 20 डिग्री पर रखा जाता है। ये दूध 6 माह तक खराब नहीं होता है।

 
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