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बच्चों की बढ़ती कमर कहीं न हो इस खतरे का इशारा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 29 Apr 2014 11:52 AM IST
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यदि आपके लाडले या लाडली की कमर अचानक बढ़ने लगी है तो खुश होने की जरूरत नहीं है, बल्कि पैरेंट्स के लिए यह खतरे की घंटी है।
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बच्चों की कमर सेहत की वजह से नहीं, बल्कि बीमारियों की गिरफ्त में आने के कारण बढ़ती है। देश के पांच प्रमुख शहरों में बच्चों के विभिन्न आयु वर्ग पर किए शोध के आधार पर सर गंगाराम अस्पताल के विशेषज्ञों ने यह खुलासा किया है।
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अस्पताल की पीडीएट्रिक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना आर्या के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, पुणे व रायपुर के 10842 बच्चों पर सर्वे किया था। इनमें दो से 17 आयु वर्ग के चार वर्ग शामिल थे।
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सर्वे में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि इनमें से 3.3 फीसदी हाई ब्लडप्रेशर के मरीज पाए गए। कमर का आकार बढ़ने से मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ रहा है। इस कारण युवाओं में हाइपर टेंशन, हाई ब्लडप्रेशर, टाइप टू डायबटिक जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
जंक फूड बना खतरा
सर्वे में पता चला कि जिन बच्चों की कमर का साइज बढ़ा है, वे फास्ट फूड ज्यादा खाते हैं। साथ ही वे खाने में वसा व कैलोरी का प्रयोग अधिक करते थे।
जंक फूड की अधिकता के चलते उनके शरीर में प्रोटीन की मात्रा बेहद कम पाई गई। छह साल की आयु वाले बच्चे हाइपर टेंशन व डायबटीज के मरीज पाए गए। इनमें साढ़े तीन सौ बच्चों में हाइपर टेंशन की सबसे बड़ी समस्या देखी गई।