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बदन दर्द के दौरान ब्रूफेन लिया तो बिगड़ सकता है डेंगू
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 05 Oct 2013 01:01 PM IST
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इन दिनों फैले डेंगू का बिगड़ना जितना जानलेवा है, शुरुआती दौर में उसमें बरती गई जरा सी लापरवाही भी कम खतरनाक नहीं। अक्सर डेंगू के शुरुआती दौर में शरीर में तेज दर्द के साथ बुखार के लक्षण दिखते हैं। ऐसे में अगर आप ब्रूफेन या एस्पिरिन जैसी पेनकिलर दवाएं बिना डॉक्टरी सलाह के ले लेंगे तो इसके बिगड़ने का खतरा और बढ़ जाएगा।
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कई बार बदन दर्द और हल्के बुखार की स्थिति में हम बिना सोचे-समझे ब्रूफेन या एस्पिरिन जैसी दवाओं को बेहिचक ले लेते हैं। लेकिन अगर हेल्थ इंडिया में प्रकाशित खबर की मानें तो अगर बुखार डेंगू का हो तो हमारी यही लापरवाही हमारी लिए भारी ब्लीडिंग और डेंगू के बिगड़े रूप 'डेंगू शॉक सिंड्रोम' की वजह हो सकती है।
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क्या है डेंगू शॉक सिंड्रोम
आमतौर पर ब्रूफेन या एस्पिरिन जैसी दवाएं रक्त क्लॉट होने से रोकने का काम करती हैं जिससे रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। डेंगू की स्थिति में मरीज के खून के वे प्लेटलेट्स सबसे अधिक प्रभावित होते हैं जो खून को क्लॉट करते हैं।
ऐसी स्थिति में अगर ब्रूफेन या एस्पिरिन जैसी दवाएं ली जाएं तो खून का बहाव तेज हो जाता है और क्लॉटिंग हो ही नहीं पाती है। ऐसी स्थिति में शरीर से तेज ब्लीडिंग होती है और डेंगू का बुखार बिगड़ जाता है। इसे डेंगू शॉक सिंड्रोम कहते हैं।
कैसे करें बचाव
बचाव का सिर्फ एक ही तरीका है कि आप सजग रहें। डेंगू से बचाव के लिए सफाई पर ध्यान दें और मच्छर कहीं न होने दें। इसके लक्षणों को अगर आप समझेंगे तो इस स्थिति में ये पेनकिलर कतई नहीं लेंगे।
ऐसे में तेज सिरदर्द, आंखों के आसपास दर्द, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टियां, रैशेज आदि के साथ बुखार की स्थिति में खुद से अपना इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से मिलें।