{"_id":"db6161632505f15f1b182ee879c9c7b6","slug":"rare-disease-in-which-hunger-never-fulfill-hindi-news-pp","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूख कभी खत्म ही नहीं होती, ऐसी भी हो सकती है बीमारी! ","category":{"title":"Healthy Food ","title_hn":"हेल्दी फूड","slug":"healthy-food"}}
भूख कभी खत्म ही नहीं होती, ऐसी भी हो सकती है बीमारी!
Updated Mon, 12 Jan 2015 11:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलह साल की जोसी ड्रेक प्रेडर विली सिंड्रोम नामक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी की वजह से वो चाहे कितना खा लें उनका पेट उन्हें कभी भरा हुआ नहीं महसूस होता।
जोसी की अनंत भूख और उनके छोटे भाई के खाने को लेकर नखरों के बीच कैसा है उनकी मां कैरोलिन का जीवन।
हमारी बेटी जोसी 16 साल की हैं और उसे प्रेडर विली सिंड्रोम (पीडब्ल्यूएस) नामक एक दुर्लभ बीमारी है, जिससे सीखने में दिक्कत पेश आने के अलावा कुछ और परेशानियां होती हैं।
इस सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों में कभी न मिटने वाली भूख होती है। वे कभी भी अपना पेट भरा नहीं महसूस कर पाते।
कुछ युवाओं और वयस्कों की स्थिति तो ऐसी होती है कि वे फ़्रिज पर धावा बोल देंगे, छूट मिले तो वे जमा हुआ भोजन भी खा लेंगे, यहाँ तक कि कचरे डिब्बे तक खंगाल डालेंगे।
विज्ञापन
चूंकी ऐसे लोगों का शरीर फ़ैट अच्छे तरीके से पचा नहीं पाता है तो जानलेवा मोटापे से बचने के लिए इन्हें बहुत ही निश्चित ख़ुराक और कैलोरी नियंत्रित भोजन पर निर्भर रहना पड़ता है।
परिजनों और ख़्याल रखने वालों को इस तरह के मरीज़ो की इस समस्या से निटपने के अपने तरीके खोजने होते हैं।
इस सिंड्रोम के शिकार बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं और अपनी आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं, खाने की यह समस्या अक्सर नाटकीय रूप ले लेती है।
मुझे जोसी के भविष्य की चिंता होती है लेकिन उनका वज़न सही है और अपने ख़ुराक को वो स्वीकार कर लेती हैं।
क्रिसमस के समय, जब खाने की मेज पर व्यंजनों और चॉकलेट से सजी होती है, तो त्यौहार के दुःस्वप्न में बदलने की पूरी संभावना होती है।
जोसी का खुराक बहुत संयमित होती है।
जब वो छोटी थीं उस वक्त अगर खाना परोसने के वक्त से ज़रा भी देर होने पर वो बेक़रार हो कर रोने लगती थीं।
लेकिन अब वो 16 साल की हो गई हैं और शिथिलता के प्रति उनकी प्रतिक्रिया मुद्दई जैसी है, जिसमें मैं कठघरे में और वो जज जैसी हो जाती हैं।
हम हमेशा उनके ख़ुराक का थोड़ा सा हिस्सा बचा कर रखते हैं, ताकि चम्मच फिसल जाए और मसलन तीन मटर फ़र्श पर गिर जाए तो तीन मटर उनकी प्लेट में दे दी जाए।
जोसी इस सब की गंभीरता को समझती हैं।
वो समझती हैं कि उनके ख़ुराक की सीमा है पर वो परोसे गए भोजन के आखिरी कौर को भी दृढ़ता से निपटाती हैं।
पीडब्ल्यूएस क्या है?
पीडब्ल्यूएस से मोटापे का भारी ख़तरा होता है।
यह एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है जो ब्रिटेन में जन्मे 15 हज़ार बच्चों में से एक में पाया जाता है।
सिंड्रोम का कारण अज्ञात है, लेकिन माना जाता है कि यह संयोग से ही होता है।
इसके कारण खाने की इच्छा लगातार बनी रहती है और यौन विकास में रुकावट आती है।
इसका कोई इलाज़ नहीं है इसलिए सावधानी बरतना ही इलाज है।
विज्ञापन
जोसी की अनंत भूख और उनके छोटे भाई के खाने को लेकर नखरों के बीच कैसा है उनकी मां कैरोलिन का जीवन।
हमारी बेटी जोसी 16 साल की हैं और उसे प्रेडर विली सिंड्रोम (पीडब्ल्यूएस) नामक एक दुर्लभ बीमारी है, जिससे सीखने में दिक्कत पेश आने के अलावा कुछ और परेशानियां होती हैं।
विज्ञापन
इस सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों में कभी न मिटने वाली भूख होती है। वे कभी भी अपना पेट भरा नहीं महसूस कर पाते।
कुछ युवाओं और वयस्कों की स्थिति तो ऐसी होती है कि वे फ़्रिज पर धावा बोल देंगे, छूट मिले तो वे जमा हुआ भोजन भी खा लेंगे, यहाँ तक कि कचरे डिब्बे तक खंगाल डालेंगे।
विज्ञापन
चूंकी ऐसे लोगों का शरीर फ़ैट अच्छे तरीके से पचा नहीं पाता है तो जानलेवा मोटापे से बचने के लिए इन्हें बहुत ही निश्चित ख़ुराक और कैलोरी नियंत्रित भोजन पर निर्भर रहना पड़ता है।
परिजनों और ख़्याल रखने वालों को इस तरह के मरीज़ो की इस समस्या से निटपने के अपने तरीके खोजने होते हैं।
इस सिंड्रोम के शिकार बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं और अपनी आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं, खाने की यह समस्या अक्सर नाटकीय रूप ले लेती है।
मुझे जोसी के भविष्य की चिंता होती है लेकिन उनका वज़न सही है और अपने ख़ुराक को वो स्वीकार कर लेती हैं।
क्रिसमस के समय, जब खाने की मेज पर व्यंजनों और चॉकलेट से सजी होती है, तो त्यौहार के दुःस्वप्न में बदलने की पूरी संभावना होती है।
जोसी का खुराक बहुत संयमित होती है।
जब वो छोटी थीं उस वक्त अगर खाना परोसने के वक्त से ज़रा भी देर होने पर वो बेक़रार हो कर रोने लगती थीं।
लेकिन अब वो 16 साल की हो गई हैं और शिथिलता के प्रति उनकी प्रतिक्रिया मुद्दई जैसी है, जिसमें मैं कठघरे में और वो जज जैसी हो जाती हैं।
हम हमेशा उनके ख़ुराक का थोड़ा सा हिस्सा बचा कर रखते हैं, ताकि चम्मच फिसल जाए और मसलन तीन मटर फ़र्श पर गिर जाए तो तीन मटर उनकी प्लेट में दे दी जाए।
जोसी इस सब की गंभीरता को समझती हैं।
वो समझती हैं कि उनके ख़ुराक की सीमा है पर वो परोसे गए भोजन के आखिरी कौर को भी दृढ़ता से निपटाती हैं।
पीडब्ल्यूएस क्या है?
पीडब्ल्यूएस से मोटापे का भारी ख़तरा होता है।
यह एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है जो ब्रिटेन में जन्मे 15 हज़ार बच्चों में से एक में पाया जाता है।
सिंड्रोम का कारण अज्ञात है, लेकिन माना जाता है कि यह संयोग से ही होता है।
इसके कारण खाने की इच्छा लगातार बनी रहती है और यौन विकास में रुकावट आती है।
इसका कोई इलाज़ नहीं है इसलिए सावधानी बरतना ही इलाज है।