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अमेरिका की सुपरहिट डिश 'बनाना फोस्टर', घर में ऐसे बनाइए...
पुष्पेश पंत, टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:34 AM IST
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अमेरिका में जरा सी रम, वनीला और चीनी को जला कर चाशनी तैयार की जाती है। फिर इस सॉस को हल्के तले हुए केले की कतलियों पर डाल कर इसे वनीला आइसक्रीम के साथ परोसा जाता है। इसे ही नाम दिया गया है ‘बनाना फोस्टर’।
केले की प्रमुख पहचान फल वाली है, भले ही कच्चे केले से कबाब भी तैयार किए जाते हैं, कोफ्ते भी और तरकारी तो आम है- कम से कम पूर्वी और दक्षिणी भारत में। हाल ही में हमारा ध्यान एक मित्र ने इस ओर आकर्षित किया कि अमेरिका में केले का इस्तेमाल एकाधिक मशहूर मिष्ठान की बुनियाद के रूप में किया जाता है। नए साल के मौके पर जब क्रिसमस पुडिंग और केक से मन भर जाता है, तब ‘बनाना फोस्टर’ नामक अमेरिकी व्यंजन अनायास लोकप्रिय हो जाता है।
जरा सी रम, वनीला और चीनी को लगभग जलाकर (कैरेमलाइज करना) चाशनी तैयार की जाती है। फिर उसके सॉस को हल्के तले केले की कतलियों पर डाल कर इसे वनीला आइसक्रीम के साथ परोसा जाता है। अपने देशवासियों को हम यह याद दिलाना चाहेंगे कि अमेरिकी ही केले की जमीन पर तीन स्वाद वाले आइसक्रीम अभिभूत रख कर ‘सन्डे’ बनाते हैं, जिसके ऊपर चॉकलेट या स्ट्रॉबेरी सिरप के साथ-साथ मेवे, सूखे मुरब्बे के टुकड़ों से सजावट की जाती है। ‘बनाना फोस्टर’ सॉस में भी अखरोट की गिरी का इस्तेमाल होता है। कभी-कभार ‘बनाना फोस्टर’ को आइसक्रीम के साथ नहीं, पर अंडे के घोल में लिपटे मीठे फ्रेंच टोस्ट के साथ भी पेश किया जाता है।
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‘बनाना फोस्टर’ से अभिभूत अपने मित्रों को हम बताना चाहते हैं कि मिठाई के रूप में केला चीन में भी चाव से खाया जाता है। ‘टॉफी बनाना’ को मैदे के घोल में पकौड़े की तरह डुबा कर तला जाता है। नाम मात्र की चीनी इस पर बुरकने का चलन है। बहरहाल, इतनी दूर का सफर तय करना भी गैर जरूरी है। केरल में पाझम् पोऴी (पाझम् पोरी) नामक मीठा व्यंजन पकाए जाने वाले केलों से तैयार किया जाता है।
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केले की प्रमुख पहचान फल वाली है, भले ही कच्चे केले से कबाब भी तैयार किए जाते हैं, कोफ्ते भी और तरकारी तो आम है- कम से कम पूर्वी और दक्षिणी भारत में। हाल ही में हमारा ध्यान एक मित्र ने इस ओर आकर्षित किया कि अमेरिका में केले का इस्तेमाल एकाधिक मशहूर मिष्ठान की बुनियाद के रूप में किया जाता है। नए साल के मौके पर जब क्रिसमस पुडिंग और केक से मन भर जाता है, तब ‘बनाना फोस्टर’ नामक अमेरिकी व्यंजन अनायास लोकप्रिय हो जाता है।
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जरा सी रम, वनीला और चीनी को लगभग जलाकर (कैरेमलाइज करना) चाशनी तैयार की जाती है। फिर उसके सॉस को हल्के तले केले की कतलियों पर डाल कर इसे वनीला आइसक्रीम के साथ परोसा जाता है। अपने देशवासियों को हम यह याद दिलाना चाहेंगे कि अमेरिकी ही केले की जमीन पर तीन स्वाद वाले आइसक्रीम अभिभूत रख कर ‘सन्डे’ बनाते हैं, जिसके ऊपर चॉकलेट या स्ट्रॉबेरी सिरप के साथ-साथ मेवे, सूखे मुरब्बे के टुकड़ों से सजावट की जाती है। ‘बनाना फोस्टर’ सॉस में भी अखरोट की गिरी का इस्तेमाल होता है। कभी-कभार ‘बनाना फोस्टर’ को आइसक्रीम के साथ नहीं, पर अंडे के घोल में लिपटे मीठे फ्रेंच टोस्ट के साथ भी पेश किया जाता है।
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‘बनाना फोस्टर’ से अभिभूत अपने मित्रों को हम बताना चाहते हैं कि मिठाई के रूप में केला चीन में भी चाव से खाया जाता है। ‘टॉफी बनाना’ को मैदे के घोल में पकौड़े की तरह डुबा कर तला जाता है। नाम मात्र की चीनी इस पर बुरकने का चलन है। बहरहाल, इतनी दूर का सफर तय करना भी गैर जरूरी है। केरल में पाझम् पोऴी (पाझम् पोरी) नामक मीठा व्यंजन पकाए जाने वाले केलों से तैयार किया जाता है।
केले को लंबाई में पतला काटने के बाद, इसे चावल के आटे के गाढ़े घोल में डुबाते हैं। इसके पहले चाहें तो केले को हल्का तल भी सकते हैं।
नारियल का तेल केरलवासियों को सबसे अधिक सुहाता है। अतः पझम् पोऴी के लिए भी इसी का प्रयोग होता है। नारियल के तेल की कुदरती मिठास केले की मिठास के साथ मिलकर और भी लुभावनी बन जाती है। ‘बनाना फोस्टर’ या ‘टॉफी बनाना’ की तरह इसे चाशनी की अतिरिक्त मिठास नहीं झेलनी पड़ती। आजकल नफासत की नुमाइश के लिए छोटी इलायची के पाउडर से इसे सुवासित किया जाने लगा है, पर यह पारंपरिक दस्तूर नहीं है।
इस सबसे आप यह नतीजा न निकालें कि हम ‘बनाना फोस्टर’ के दुश्मन हैं। हमारी राय में हर नए व्यंजन का जायका एक बार जरूर लिया जाना चाहिए। हां, अपनी विरासत को भी न भूलें। पझम् पोऴी के लिए न तो आइसक्रीम और फ्रेंच टोस्ट के तामझाम की दरकार है और न ही ‘टॉफी बनाना’ के लिए बेकिंग पाउडर आदि की। अगर प्रयोग करने को ही ललचा रहे हैं, तो क्यों नहीं पझम् पोऴी को कैरेमलाइज शक्कर की चाशनी के साथ या आइसक्रीम की जगह मिष्टी दोई के साथ परोस कर इसका अनूठा आनंद लेते? ‘फ्रेंच टोस्ट’ को ही क्यों न मीठे मावे व मेवे वाले परांठे, रोट के साथ जुगलबंदी करवाकर देखिए, क्या जलवा होता है!
नारियल का तेल केरलवासियों को सबसे अधिक सुहाता है। अतः पझम् पोऴी के लिए भी इसी का प्रयोग होता है। नारियल के तेल की कुदरती मिठास केले की मिठास के साथ मिलकर और भी लुभावनी बन जाती है। ‘बनाना फोस्टर’ या ‘टॉफी बनाना’ की तरह इसे चाशनी की अतिरिक्त मिठास नहीं झेलनी पड़ती। आजकल नफासत की नुमाइश के लिए छोटी इलायची के पाउडर से इसे सुवासित किया जाने लगा है, पर यह पारंपरिक दस्तूर नहीं है।
इस सबसे आप यह नतीजा न निकालें कि हम ‘बनाना फोस्टर’ के दुश्मन हैं। हमारी राय में हर नए व्यंजन का जायका एक बार जरूर लिया जाना चाहिए। हां, अपनी विरासत को भी न भूलें। पझम् पोऴी के लिए न तो आइसक्रीम और फ्रेंच टोस्ट के तामझाम की दरकार है और न ही ‘टॉफी बनाना’ के लिए बेकिंग पाउडर आदि की। अगर प्रयोग करने को ही ललचा रहे हैं, तो क्यों नहीं पझम् पोऴी को कैरेमलाइज शक्कर की चाशनी के साथ या आइसक्रीम की जगह मिष्टी दोई के साथ परोस कर इसका अनूठा आनंद लेते? ‘फ्रेंच टोस्ट’ को ही क्यों न मीठे मावे व मेवे वाले परांठे, रोट के साथ जुगलबंदी करवाकर देखिए, क्या जलवा होता है!