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दिल के मरीज हैं तो जरूर पढ़ें यह खबर
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 10 Feb 2014 02:28 PM IST
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भारतीय मूल के डॉक्टर विवेक रेड्डी ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिना सर्जरी के ही एक मरीज के दिल में छोटा पेसमेकर ट्रांसप्लांट करने का कारनामा कर दिखाया है। अमेरिका में बिना तार (लीड) वाले छोटे पेसमेकर का सीधे दिल में यह पहला ट्रांसप्लांट है।
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कुछ इंच लंबे इस पेसमेकर की खोज को दिल की धड़कन संबंधी समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए वरदान माना जा रहा है।
न्यूयॉर्क स्थित द माउंट सिनाई हॉस्पिटल में रेड्डी ने फेमोरल धमनी के जरिए मरीज में यह सफल ट्रांसप्लांट किया। इसमें कैथेटर गाइडेड प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया।
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धातु की नली जैसा यह पेसमेकर आकार में पारंपरिक पेसमेकर का 10 फीसदी से भी कम है। सेंट जूड मेडिकल द्वारा विकसित इस नैनोस्टिम पेसमेकर का सुरक्षा और गुणवत्ता जांच के लिए क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। लीडलेस टू नाम के इस ट्रायल के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप के 50 केंद्रों में 670 मरीजों को इस तरह के ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकृत किया गया है।
रेड्डी ने कहा कि यह छोटा पेसमेकर मरीजों के लिए बेहद सुरक्षित है क्योंकि इसमें कोई लीड नहीं होती है। साथ ही पारंपरिक पेसमेकर की तरह इसे मरीज के सीने में त्वचा के नीचे भी नहीं लगाना होता। लेकिन यह पेसमेकर अन्य पेसमेकर की तरह ही दिल की बहुत कम हो चुकी धड़कन का इलाज भी कर सकता है। यदि धड़कन ज्यादा ही कम है तो यह इसे सामान्य करने के लिए उत्प्रेरक का काम करता है।
लीडलेस पेसमेकर का फायदा यह है कि सीने की त्वचा के नीचे कोई पेसमेकर लगा नहीं दिखता है। सीने पर कटने का कोई निशाना भी नहीं दिखता और न ही किसी तार की जरूरत पड़ती है। मरीज बेरोकटोक अपने रोजमर्रा के काम कर सकता है।