खेल खेल में हो जाएगी याददाश्त मजबूत, बस अपनाइए ये तरकीबें
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बचपन में जो खेल आपने मजे के लिए खेले होंगे आज वो आपके दिमाग तेज करने का जरिया बन सकते हैं। एक शोध में पाया गया है कि बचपन के खेल जैसे पेड़ पर चढ़ने, नंगे पांव दौड़ने और घुटनों के बल चलने से आपकी याददाश्त मजबूत होती है।
मेल ऑनलाइन की एक खबर के मुताबिक रोजमर्रा के कामों को याद करने के लिए दिस याददाश्त की जरूरत होती है वह ये खेल खेल कर 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। रोज के काम से मतलब है फोन नंबर, रास्ता, शॉपिंग की लिस्ट जैसी छोटी मोटी चीजें याद रखना।
लेकिन फिर भी अगर आप बचपने से बाहर आ गए हैं और ये तरकीबें नहीं आजमाना चाहते तो आपके लिए दूसरा रास्ता भी है। स्कवाश, टेनिस या फुटबॉल खेल कर भी आप अपनी स्मर्ण शक्ति बढ़ा सकते हैं क्योंकि इन खेलों का भी वही असर पड़ता है जो पेड़ चढ़ने या नंगे पांव दौड़ने से पड़ता है।
पेड़ पर चढ़ने की तरह ही इन खेलों को खेल कर आपका दिमाग इस बात के लिए खुद को तैयार करता है कि कैसे चढ़ना है, संतुलन बनाना है और खुद को बचाए रखना है।
मामूली चीजों को याद रखना अब आसान
उत्तर फोरिडा के एक विश्वविद्यालय में 18 से 59 की उम्र के 72 आदमी और औरतों पर यह शोध किया गया जिसमें उन्हें नंबरों की एक सूचि उलटे क्रम में याद करनी थी। इसके बाद उनमें से कुछ लोगों ने दो घंटे योगा और सेमिनार किया,वहीं कुछ ने पेड़ पर चढ़ने जैसी तरकीबें अपनाईं।
सामने यह आया कि जो पेड़ पर चढ़े थे उन्हें दूसरों क मुकाबले नंबर ज्यादा बेहतर तरीके से याद थे। दिमाग को हर क्षण बदलने वाली स्थितियों के लिए तैयार किया जाना चाहिए इसलिए हिलते हुए रस्सी के पुल से रास्ता पार करने या संतुलन बनाए रखने जैसी तरकीबें काम आती हैं।
डॉक्टर ट्रेसी कहती हैं,'' इस याददाश्त को मजबूत करना कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है। यह काफी दिलचस्प भी है कि कैसे दिमाग को सचेत करने वाली ये कसरतें इतने कम समय में भी बहतर तरीके से की जा सकती हैं।''