{"_id":"56a9dd38-ea0c-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"blood-test-tell-the-aging-of-infant","type":"story","status":"publish","title_hn":"बचपन में ही चल जाएगा बुढ़ापे का पता","category":{"title":"Healthy Food ","title_hn":"हेल्दी फूड","slug":"healthy-food"}}
बचपन में ही चल जाएगा बुढ़ापे का पता
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 12 Jul 2013 08:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जरा सोचिए, अगर पैदा होने के साथ ही यह पता चल जाए कि आपके बच्चे को बुढ़ापे तक पहुंचते-पहुंचते किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है तो?
विज्ञापन
हाल में वैज्ञानिकों ने अपने शोध में एक ऐसे तत्व का पता लगाया है जिसके परीक्षण के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि नवजात शिशु को उम्र बढ़ने के साथ-साथ किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और बुढ़ापे तक उनकी सेहत कैसी हो सकती है।
विज्ञापन
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एपिडेमिलॉजी में प्रकाशित शोध में लंदन के किंग्स कॉलेज के शोधकर्ताओं ने बताया है कि वे मेटाबोलोमिक प्रोफाइलिंग नामक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं जिसमें ब्लड टेस्ट के जरिए करीब 22 मेटाबोलाइट का परीक्षण कर सकते हैं जो बच्चों के वजन के आधार पर उम्र बढ़ने के साथ-साथ होने वाले परिवर्तनों की जानकारी दे सकते हैं।
विज्ञापन
इस विधि से C-glyTrp नामक मेटाबोलाइट का परीक्षण हो चुका है जो उम्र बढ़ने के साथ-साथ फेफड़े, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से संबंधित हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस विधि पर अगर और अधिक काम करेंगे तो उम्र के साथ-साथ होने वाली समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
शोधकर्ता टिम स्पेकटर के अनुसार, 'हम बहुत समय से यह जानते आ रहे थे कि जन्म के दौरान बच्चे के वजन का संबंध उसकी वयस्क अवस्था से होता है लेकिन इसका पता कैसे चल सकता है इस बारे में यह अपनी तरह का पहला शोध है।'