{"_id":"3764dd10cbde720bd431e03866c932d1","slug":"baby-boy-premature-delivery","type":"story","status":"publish","title_hn":"लड़कों के जन्म से जुड़ा है यह खतरा","category":{"title":"Healthy Food ","title_hn":"हेल्दी फूड","slug":"healthy-food"}}
लड़कों के जन्म से जुड़ा है यह खतरा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 16 Nov 2013 05:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रीमेच्योर डिलेवरी के केस में लड़कों के पैदा होने की संख्या लड़कियों के पैदा होने की संख्या से 14 गुना ज्यादा है।
विज्ञापन
पुरुषों की मर्दानगी घटा सकती हैं ये घरेलू चीजें
भारत में ऐसी मान्यता है कि प्रीमेच्योर डिलेवरी पर होने वाला बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ नहीं होता। कहा जाता है कि ऐसे बच्चों को बीमारियां जल्दी घेरती हैं।
विज्ञापन
ऐसी महिलाओं को प्रजनन में होती है दिक्कत
विज्ञापन
एक रिपोर्ट इन धारणाओं को गलत ठहराती है। खासकर बेबी गर्ल के प्रीमेच्योरटी डिलेवरी के केस में। विश्व के अलग-अलग देशों में प्रीमेच्योर बेबी गर्ल और बेबी ब्वायज पर शोध किया गया है।
इस शोध के अनुसार दुनियाभर में प्रीमेच्योर डिलेवरी के केस में लड़के, लड़कियों की तुलना में 14 प्रतिशत आगे हैं। कुछ देशों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। मजे की बात यह है कि यह प्रतिशत पिछले कुछ सालों से ऐसा ही बना हुआ है।
यदि यूके में प्रीमेच्योर पैदा होने बेबी ब्वॉय और बेबी गर्ल की संख्या की तुलना करें तो पाएंगे कि यहां भी आंकड़ा 14 प्रतिशत से ऊपर बैठता है। यानि की प्रीमेच्योरिटी के केस में बेबी ब्वॉय आगे हैं।
अगर इस तुलना को एक साल में पैदा होने वाले बच्चों के नजरिए से देखें तो लगभग 5700 बेबी ब्वॉय, बेबी गर्ल की तुलना में प्रीमेच्योर पैदा हो रहे हैं।
इस सर्वे में हेल्थ के मामले में भी एक मजेदार बात कही गई है। रिपोर्ट कहती है कि जल्द पैदा होने वाली बेबी गर्ल के ऑगर्न शारीरिक रूप से उतने ही सक्षम होते हैं जितने की पूरी अवधि में पैदा होने वाले बच्चे के।