फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Healthy Food ›   14% of urban India suffering constipation

बाहर का चटर-पटर खाने वालों को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Sun, 06 Mar 2016 01:26 PM IST
Updated Sun, 06 Mar 2016 01:26 PM IST
सार

  • बाहर का खाने में होते हैं कई बीमारी पैदा करने वाले तत्व।
  • कब्ज की बड़ी वजह हो सकती है बाहर खाने की आदत।

विज्ञापन
14% of urban India suffering constipation
- फोटो : getty images

विस्तार

आप जानकर हो जाएगे दंग की भारत के शहरो में रहना वाला आदमी है गंभीर कब्ज से परेशान है। एक सर्वे में ये बात सामने आई है कि 14% से ज्यादा लोगों को कब्ज की दिक्कत रहती है।

विज्ञापन


एक स्टडी में यह भी जाहिर हुआ है कि एक व्यक्ति का हफ्ते में तीन बार ही सुबह के समय पेट साफ होता है। इसके अलावा 45 से 65 के आयुवर्ग के 20% लोग ज्यादा प्रभावित हैं।
विज्ञापन


कब्ज की समस्या लम्बे समय तक बनी रहे तो कई ओर गम्भीर बीमारियों हो जाती हैं जिसमें पाइल्स प्रमुख है।

 

60% लोग घरेलु नुस्खों से करते है इलाज

14% of urban India suffering constipation

अगर कब्ज की समस्या ज्यादा गम्भीर हो जाए तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बड़ा सकता है।

गंगाराम अस्पताल के डॉ ब्रीज बी अग्रवाल का कहना है सुबह के समय आने वाले हार्ट अटैक अक्सर इन्ही कारणों से होता है। दुनिया भर में लगभग 10% लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

इसके अलावा 60% लोग घरेलु नुस्खों से इसका इलाज करते हैं। कब्ज से सबसे ज्यादा परेशान शहरों में हर 10 में से 2 व्यक्ति इससे पीड़ित है।

ज्यादा मात्रा में मांसाहार लेने वाले, घर के बाहर ज्यादा खाने से वाले और पानी कम पीने वाले इससे ज्यादा परेशान हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed