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ब्रेस्ट फीडिंग वीक मनाने के पीछे क्या है खास वजह, जानें शिशु को किस उम्र तक करवाना चाहिए स्तनपान 

Wed, 01 Aug 2018 11:08 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 01 Aug 2018 11:08 AM IST
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World Breast Feeding Day: When and why this week is celebrated
आज दुनिया भर में ब्रेस्ट फीडिंग वीक मनाने की शुरूआत हो चुकी है। बता दें, यह दिन हर साल अगस्त महीने की पहली तारीक से शुरू होकर पूरे एक हफ्ते तक मनाया जाता है। इस खास सप्ताह को मनाने के पीछे महिलाओं को ब्रेस्ट फीडिंग के लिए जागरूक करना है। बता दें, जब कोई महिला गर्भवती होती है तभी से उसके स्तन उसके शिशु को स्तनपान करवाने की तैयारी शुरू कर देते हैं। निप्पलों में सिरहन के साथ उसके चारों तरफ एरिओला का रंग भी थोड़ा गहरा लग सकता है। 
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शिशु को इस उम्र तक कराएं स्तनपान 
एक्सपर्ट की मानें तो मां को अपने शिशु को 6 महीने तक सिर्फ अपना दूध ही पिलाना चाहिए। बावजूद इसके कुछ महिलाएं अपने बच्चे को लंबे समय तक स्तनपान करवाती रहती हैं। बता दें, स्तनों में दूध तब तक उपलब्ध रहता है जब तक कि बेबी दूध पीना चाहता है। हर मां जब तक चाहें तब तक अपने बच्चे को स्तनपान करना सकती हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ब्रेस्ट मिल्क तब तक बनता है जब तक कि निप्पलस्टीम्यूलेट होते हैं। इस काम को बच्चा खुद भी कर सकता है। 
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दूध छुड़ाने का सही समय
बच्चे के 6 माह का होते ही मां को अपना दूध छुड़ाने की कोशिश शुरू कर देनी चाहिए। यह मां का दूध छुड़ाने का सबसे सही समय होता है, इसके बाद भी यदि आप पिलाती हैं तो बच्चे के मां का दूध पीने की अधिकतम उम्र डेढ़ वर्ष होती है।


दूध नहीं उतरता तो अपनाए ये उपाय
कई बार स्वास्थ्य कारणों की वजह से मां की छाती से उसके बच्चे की जरूरत भर का पूरा दूध भी नहीं उतर पाता है। ऐसे में ये कुछ प्राकृतिक तरीके हैं जो हर मां की इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकते हैं।  

जीरा- सफेद जीरा, सौंफ तथा मिश्री तीनों का अलग-अलग चूर्ण बनाकर समान मात्रा में मिलाकर रख लें। अब रोजाना इसका एक चम्मच दूध के साथ दिन में 3 बार प्रसूता स्त्री को दें। ऐसा करने से उसकी छाती से उतरने वाले दूध में वृद्धि होगी। 

पपीता- यदि किसी महिला के शरीर में खून की कमी के कारण उसके स्तनों से दूध नहीं उतर रहा है तो डाल का पका हुआ एक पपीता रोजाना खाली पेट उसे खाने को दें। लगातार बीस दिनों तक ऐसा करने से दूध में वृद्धि होगी। 

मुनक्का- 10-12 मुनक्के लेकर दूध में उबालकर प्रसूता स्त्री को प्रसव के बाद दिन में दो बार सेवन कराने से पर्याप्त लाभ मिलता है। 
 
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