World aids day 2018ः जानें क्यों होता है एड्स? ये हैं लक्षण, कारण और बचने के उपाय
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वर्ल्ड एड्स डे हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। एड्स एक ऐसी बीमारी है जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। एड्स एक लाइलाज बीमारी है। हालांकि बीते कुछ दशकों में भारत में इस बीमारी को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए गए हैं। एड्स के रोगियों को इलाज की जितनी जरूरत होती है उससे ज्यादा सामाजिक सहानुभूति की भी होती है।जानकारों का मानना हैं अब तक एड्स के कारण दुनिया भर में लगभग 36 मिलियन लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। एड्स डे के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, इस गंभीर बीमारी से जुड़ी कई ऐसी बातें जो शायद बहुत कम लोगों को ही पता हैं। आइए जानते हैं आखिर क्यों होते हैं लोग एड्स के शिकार।
एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है सबसे ज्यादा महिला सेक्स वर्क्स एड्स की शिकार होती हैं। इसके अलावा नशीली दवा और इंजेक्शन लगने से भी लोग इस बीमारी का शिकार हो गए हैं।
कई बार ऐसा होता है एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब लोग एड्स समझते हैं। यह वायरस अगर किसी इंसान में मौजूद हो तो उसे एचआईवी पॉजिटिव कहा जाता है। इस वायरस की वजह से ही हमारे शरीर में कमजोरी आने लगती है। जिसके बाद 8 से 10 साल के बाद शरीर में एड्स के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। एचआईवी की वजह से शरीर में तनाव और थकावट महसूस होने लगती है।
अनसेफ सेक्स- असुरक्षित यौन संबंध बनाना एड्स की सबसे बड़ी वजह है।
गलत तरीके से खून चढ़ाने से- अक्सर किसी को ब्लड डोनेट करते वक्त या खून चढ़ाते वक्त भी कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। एड्स होने की सबसे बड़ी वजहों में से यह भी है।
एकबार इस्तेमाल की हुई सुई को दोबारा इस्तेमाल करने से- सुई का गलत तरीके से इस्तेमाल या फिर पुरानी सुई के इस्तेमाल करने से भी एड्स होता है।
इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से- कई बार शेविंग बनाते समय या फिर किसी और कार्य के लिए उपयोग में आने वाली ब्लेड संक्रमित होती है जो एड्स की बड़ी वजह बनती है।
(नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)