सालों से आप सुनते डॉक्टरों और बड़ों से सुनते आ रहे होंगे कि शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी के लिए उसकी टेबलेट्स खाएं। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपको विटामिन और मिनरल्स खाने से मिल रहा है तभी ठीक है वरना अगर कोई टेबलेट्स खा रहे हैं खतरा बढ़ सकता है। जानिए 30 हजार लोगों पर 10 सालों में किए गए शोध क्या कहते हैं।
टफ्ट्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में पोषण विशेषज्ञों की एक टीम ने 10 वर्षों में अध्ययन किया, जिसमें 30,000 से अधिक लोग शामिल थे। उनका उद्देश्य ये साबित करना था कि हृदय रोग और इससे संबंधित बीमारियों से होने वाली मृत्यु से बचाने में विटामिन और खनिज कितना योगदान देते हैं।
उन्होंने पाया कि विटामिन और खनिज के सप्लीमेंट्स पूरी तरह से कोई भी लाभ प्रदान नहीं करते हैं, कम से कम आपकी मृत्यु की संभावना को तो कम करने की जिम्मेदारी नहीं लेते हैं। जाहिरा तौर पर, पूरक आहार यानी सप्लीमेंट्स सिर्फ आप एक उचित आहार से ही प्राप्त हो सकता है, करीब 3 करोड़ डॉलर के सप्लीमेंट उद्योग इस बात को सार्वजनिक भी नहीं करना चाहते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 'मनुष्य जो आहार और पोषक तत्त्व लेते हैं वो आपस में सहसंबद्ध होते हैं। पोषक तत्वों के बीच का संबंध अकेले पोषक तत्वों की तुलना में स्वास्थ्य परिणामों को निर्धारित करने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।'
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि वे नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। विटामिन डी की कमी वाले लोगों ने इसके लिए सप्लीमेंट लिए उनमें कैंसर और अन्य बीमारियों से मौत के खतरे ज्यादा थे। आपको अच्छा आहार लेने की जरुरत है। सप्लीमेंट्स पर निर्भर ना रहें। साथ ही, किसी एक विटामिन और खनिजों पर ही ध्यान ना दें। पोषक तत्व कई प्रकार के होते हैं, ये अधिक महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक की मात्रा आपके शरीर में बराबर हो।