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Coronavirus: वैज्ञानिकों ने खोज ली वायरस को बढ़ने से रोकने वाली दवाएं, शोध में किया दावा

Wed, 08 Jul 2020 01:07 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Wed, 08 Jul 2020 01:07 PM IST
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Scientists have identified several existing compounds that block the replication of Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए अभी तक कोई वैक्सीन तो नहीं बनी है, लेकिन इसको लेकर लगातार शोध जारी हैं। हालांकि इस क्रम में अमेरिकी वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता जरूर हाथ लगी है। वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में इंसान की कोशिका विकसित कर कोरोना वायरस को रोकने वाली कई दवाओं की पहचान की है। इस शोध को जर्नल सेल रिसर्च में प्रकाशित किया गया है। शोध के मुताबिक, पहचान की गई इन दवाओं में मौजूद तत्वों ने वायरस के प्रोटीन से लड़कर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। 

Scientists have identified several existing compounds that block the replication of Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इन दवाओं में हेपेटाइटिस सी की बोसेप्रिविर और वेटनरी एंटीवायरल जीसी-376 शामिल हैं। फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन दवाओं में मौजूद तत्वों ने कोरोना वायरस के मुख्य प्रोटीन एमप्रो (एंजाइम) पर हमला बोला और उसके विस्तार की क्षमता को सीमित कर दिया। 

Scientists have identified several existing compounds that block the replication of Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना वायरस अपने मुख्य प्रोटीन एमप्रो के बिना न तो अपनी तरह के नए रूप बना सकता है और न ही इंसान की नई कोशिकाओं को ही संक्रमित कर सकता है। ऐसे में वायरस के बढ़ने की क्षमता कम हो जाएगी, जिससे इंसान को जल्दी स्वस्थ हो जाएगा। साथ ही इस वायरस की वजह से इंसानों के मरने की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी। 

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Scientists have identified several existing compounds that block the replication of Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस एमप्रो (एंजाइम) को पहले ही सार्स और मर्स वायरस के लिए एंटीवायरल ड्रग टारगेट के रूप में मान्य किया गया था। ये दोनों ही आनुवंशिक रूप से कोरोना वायरस से मिलते-जुलते हैं। दरअसल, यही एंजाइम यह निर्धारित करता है कि वायरस कितनी देर तक जिंदा रहेगा और सबसे खास बात कि ऐसे प्रोटीन पर हमला करने वाली दवाओं से शरीर को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता।    

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Scientists have identified several existing compounds that block the replication of Coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर यु चेन का कहना है कि कोरोना वायरस जैसी तेजी से उभरती संक्रामक बीमारी के लिए अभी नई एंटीवायरल दवाएं विकसित करने का समय नहीं है। पहले से ही कई दवाओं पर इस संबंध में काम चल रहा है, लेकिन नए अध्ययनों और इस नई जानकारी के साथ हम बेहतर दवाओं को बहुत तेजी से विकसित करने में मदद कर सकते हैं। 

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