कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल पूरा होने से पहले ही रूस और चीन ने वैक्सीन को मंजूरी देकर उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को देना शुरू कर दिया है। खबरों के मुताबिक, रूस में वेक्टर इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित दूसरी वैक्सीन का भी उत्पादन शुरू हो चुका है। वहीं भारत, अमेरिका, ब्रिटेन आदि देश भी वैक्सीन पर कामयाबी के करीब हैं। अमेरिका से अच्छी खबर ये है कि फाइजर ने इसी साल वैक्सीन उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई है, वहीं ब्रिटेन से अच्छी खबर है कि एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ने ट्रायल के दौरान युवाओं के साथ बुजुर्गों में बेहतर इम्यून रेस्पॉन्स दिखाया है। इस बीच रूस से खबर आ रही है कि यहां नए वॉलेंटियर्स पर वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया गया है। आइए जानते हैं क्या है ताजा अपडेट:
Corona Vaccine Tracker: रूस में क्यों रोका गया वैक्सीन का ट्रायल, कब से होगा शुरू, यहां जानें अपडेट
रूस में कोविड की वैक्सीन का ट्रायल फिलहाल रोक दिया गया है। इसके पीछे की वजह वैक्सीन की अधिक मांग और खुराक की कमी बताई जा रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, नए वालंटियर्स पर कोविड वैक्सीन के ट्रायल पर अचानक रोक लगा दी गई है। वैक्सीन का ट्रायल चलाने वाले फर्म के एक प्रतिनिधि ने कहा कि मॉस्को की महत्वाकांक्षी कोविड वैक्सीन योजना पर रोक लगाना एक झटका जैसा है। मॉस्को की कुछ क्लीनिकों का कहना है कि उनके पास दो डोज वाली इस वैक्सीन की पहली खुराक खत्म हो गई है।
मॉस्को की महत्वाकांक्षी रोल आउट योजना के बारे में गुरुवार को बताया गया कि उच्च मांग और खुराक की कमी के कारण ट्रायल रोका गया है। नए वॉलेंटियर्स को अस्थाई रूप से वैक्सीन लगाना बंद किया गया है। मॉस्को की 25 में से आठ क्लीनिकों में वैक्सीन का ट्रायल चल रहा था, जहां के एक कर्मी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि क्लीनिकों को जो खुराक आवंटित की गई थीं, उसका इस्तेमाल किया जा चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स होने के कारण खुराक कम पड़ गई।
फिर कब से शुरू होगा ट्रायल?
रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर मॉस्को में ट्रायल चलाने वाले अनुसंधान संस्थान क्रोकस मेडिकल के एक प्रतिनिधि के मुताबिक, वैक्सीन की मांग बहुत अधिक है और परीक्षण चलाते रहने के लिए पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि ये टीकाकरण 10 नवंबर के आसपास फिर से शुरू हो सकता है।
मॉस्को की महत्वाकांक्षी टीकाकरण योजना के लिए वैक्सीन की खुराक की कमी नई चुनौती है। सुरक्षा और प्रभावकारिता का परीक्षण पूरा होने से पहले ही इसे मंजूरी दे दी गई थी। स्पुतनिक-वी नाम के इस वैक्सीन को गामलेया इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है। रॉयटर्स के मुताबिक, जिन क्लीनिकों में ट्रायल चल रहे थे, उसकी निगरानी करने वाले मॉस्को सिटी स्वास्थ्य विभाग ने इस विषय में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
Exclusive: Russia's COVID-19 vaccine trial has been paused as clinics run short of doses, in a setback for Moscow’s ambitious plan to roll out the shot https://t.co/ZWelXC4c06