अलर्ट: उत्तर से लेकर दक्षिण तक हर तरफ डेंगू-मलेरिया का खतरा, तीन दिनों की बारिश ने और बढ़ा दी चिंता
Dengue Malaria Alert: मानसून के बाद कई शहरों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। अहमदाबाद में सितंबर के 20 दिनों में 496 डेंगू मामले सामने आए। लखनऊ में बारिश और जलभराव के बाद निगरानी बढ़ाई गई है, तमिलनाडु में भी डेंगू के मामलों को लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है।
विस्तार
अगस्त से अक्तूबर के महीने में देशभर में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा काफी अधिक देखा जाता रहा है। ये मानसून और इसके खत्म होने वाले महीने होते हैं, जिसमें बारिश और जगह-जगह जलजमाव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन को काफी बढ़ा देती है। लिहाजा डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है।
बीते तीन-चार दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज मूसलाधार बारिश का प्रकोप देखा गया, जिसके कारण कई स्थानों पर पानी भर गया है। इन खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को डेंगू-मलेरिया के जोखिमों को लेकर अलर्ट कर रहे हैं।
देश के अलग-अलग शहरों से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा चिंता अहमदाबाद के आंकड़ों को लेकर है, जहां सितंबर के सिर्फ 20 दिनों में डेंगू के 496 मामले दर्ज किए गए। दिल्ली-एनसीआर और यूपी के कई हिस्सों से आ रही खबरें भी मच्छरजनित बीमारियों को लेकर टेंशन बढ़ा रही हैं।
लखनऊ में लगातार बारिश और कई इलाकों में जलभराव के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी आठ जोन में निगरानी और मच्छर नियंत्रण का काम तेज कर दिया है। घर-घर जांच से लेकर मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करने तक अभियान चलाया जा रहा है। वहीं दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी डेंगू को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है।
पहले दिल्ली-एनसीआर की स्थिति जान लेते हैं
राजधानी दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक रोजाना ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग बुखार और अन्य लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं, हालांकि संक्रमण की पुष्टि वाले मरीजों की दर बहुत ज्यादा नहीं है।
- दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के डेटा के अनुसार, दिल्ली में सितंबर के मध्य तक डेंगू के 120-130 मामले सामने आए हैं, जिससे इस साल कुल मामलों की संख्या बढ़कर 440 से ज्यादा हो गई है। डेंगू के साथ-साथ मलेरिया के मामलों को लेकर भी अलर्ट किया गया है।
- दिल्ली में इस साल 12 सितंबर तक मलेरिया के 183 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 64 मामले अकेले सितंबर में दर्ज हुए हैं, जो इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि कुछ लोगों में डेंगू और मलेरिया एक साथ हो सकता है। ये स्थिति कितनी खतरनाक है, जानने के लिए यहां क्लिक करें।
अहमदाबाद में सितंबर के 20 दिनों में डेंगू के 496 मामले
मानसून का मौसम खत्म होने की ओर है, लेकिन अहमदाबाद में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सितंबर के पहले 20 दिनों में ही शहर में डेंगू के 496 मामले सामने आए हैं। मामलों में इस तेज बढ़ोतरी को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शहर में जांच, मच्छरों पर नियंत्रण और बीमारी की निगरानी बढ़ा दी है।
- एएमसी के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 20 सितंबर 2026 तक अहमदाबाद में डेंगू के कुल 1,084 मामले सामने आ चुके हैं। यानी पूरे साल में सामने आए डेंगू के करीब 46 प्रतिशत मामले सिर्फ सितंबर के शुरुआती 20 दिनों में दर्ज हुए हैं।
- इससे पहले अगस्त में शहर में डेंगू के 361 मामले सामने आए थे।
- 1 से 20 सितंबर के बीच अहमदाबाद में मलेरिया के 70 और चिकनगुनिया के 7 मामले मिले। इसके साथ ही 2026 में अब तक मलेरिया के कुल मामले बढ़कर 386 और चिकनगुनिया के 14 हो गए हैं।
लखनऊ में लगातार बारिश के बाद मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ा
लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों लगातार बारिश का प्रकोप देखा गया। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। इसके कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
- स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, लखनई शहर के सभी आठ जोन में बीमारी की निगरानी और बचाव के उपाय तेज कर दिए गए हैं।
- जिन इलाकों में बीमारी फैलने का खतरा ज्यादा है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें भेजी गई हैं। ये टीमें लोगों को जरूरी दवाएं बांटने के साथ-साथ बीमारी से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी दे रही हैं।
तमिलनाडु में भी अलर्ट
तमिलनाडु में डेंगू का असर राज्य के पश्चिमी हिस्सों और कांचीपुरम में ज्यादा देखने को मिल रहा है। शनिवार को चिकित्सा शिक्षा निदेशक (प्रभारी) लोकनायकी ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि थंजावुर से डेंगू के चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा लोगों को डेंगू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। डेंगू के मरीजों को इलाज दिया जा रहा है और अब तक अस्पताल में भर्ती सभी डेंगू मरीज ठीक हो चुके हैं। मानसून के दिनों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतते रहने की सलाह दी गई है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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