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ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का 'नया प्रकार', दक्षिण-पूर्व इलाकों में तेजी से फैल रहा
Tue, 15 Dec 2020 06:18 AM IST
गौरव पाण्डेय
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 15 Dec 2020 06:18 AM IST
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कोरोनावायरस
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैंकॉक ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस के एक नए प्रकार की पहचान की गई है, जो इंग्लैंड के दक्षिण पूर्व इलाकों में काफी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा कि कोरोना वायरस के नए प्रकार सार्सकोव2 (Sarscov2) के अब तक 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
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मैट हैंकॉक ने बताया कि यह वर्तमान में मौजूद कोरोना वायरस स्ट्रेन के मुकाबले काफी तेजी से फैल रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल हमारे पास ऐसे कोई सबूत नहीं हैं कि कोरोना वायरस के इस नए प्रकार पर वैक्सीन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसका पहला मामला पिछले सप्ताह केंट में सामने आया था।
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उन्होंने कहा, 'अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह बता सके कि सार्सकोव-2 ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। और, ताजा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इस बात की संभावना न के बराबर है कि कोरोना वायरस के इस नए प्रकार पर देश में लोगों को लगाई जा रही वैक्सीन का प्रभाव न पड़े।'
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कुछ इलाकों में कठिनतम प्रतिबंध
हैंकॉक ने कहा कि पोर्टान डाउन में स्थित केंद्र पर वैज्ञानिक इस पर अध्ययन कर रहे हैं। दूसरी और दक्षिणी इंग्लैंड में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्होंने घोषणा की कि लंदन और हर्टफोर्डशायर व एसेक्स के कुछ हिस्सों में बुधवार की मध्यरात्रि (स्थानीय समयानुसार) से कठिनतम तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों को अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि कोरोना के नए प्रकार का प्रसार कहां तक हुआ है। लेकिन, कुछ भी कारण हो, हमें तेज और निर्णायक फैसले लेने की जरूरत है। दुर्भाग्य से इस जानलेवा महामारी के प्रसार को रोकने के लिए यह बहुत ही जरूरी हो गया है जबकि वैक्सीन भी लगाई जा रही है।
वैक्सीन में नहीं करना होगा बदलाव
ब्रिटेन ने इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को जानकारी दे दी है। यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर के वरिष्ठ क्लिनिकल लेक्चरर डॉ. भारत पंखानिया का कहना है कि मैं इस बात को लेकर काफी आश्वस्त हूं कि हमें कोरोना वायरस के इस नए प्रकार की वजह से अपनी वैक्सीन में कोई बदलाव नहीं करना पड़ेगा।
BREAKING—“New variant" (mutation) of #SARSCoV2 has been identified, believed to be causing faster spread, UK Health Secretary said. Its spread is growing faster than existing variant, w/ over 1,000 cases found, "predominantly in south of England". #COVID19https://t.co/nllDlurCcz pic.twitter.com/I27Qp3TVqb
— Eric Feigl-Ding (@DrEricDing) December 14, 2020