फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

वक्त पर खाने का सीधा संबंध है आपके वजन घटने और बढ़ने से, ये है वजह

Sun, 07 Apr 2019 08:56 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: पंखुड़ी सिंह Updated Sun, 07 Apr 2019 08:56 AM IST
विज्ञापन
meal on time directly connects to your weight loss and gain

कहते हैं कि नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का खाना राजकुमार की तरह और रात का खाना फकीर की तरह होना चाहिए। मतलब ये कि नाश्ता सबसे भारी-भरकम और रात का खाना बेहद हल्का-फुल्का होना चाहिए।जब युवा यूनिवर्सिटी में दाखिला लेते हैं, तो आम तौर पर उनका वजन बढ़ जाता है। अमरीका में तो इसके लिए खास शब्द गढ़ लिया गया है- फ्रेशमैन 15। माना जाता है कि यूनिवर्सिटी में पहले साल छात्रों का वजन 15 पाउंड तक बढ़ जाता है।

meal on time directly connects to your weight loss and gain
single

इसकी एक वजह तो ये भी होती है कि छात्रों को घर का खाना नहीं मिलता। फिर उनकी उछल-कूद भी घर के मुकाबले कम हो जाती है। अब वैज्ञानिक युवाओं के वजन बढ़ने की एक और वजह गिनाने लगे हैं। वो ये है कि छात्राओं के खान-पान का वक्त यूनिवर्सिटी आते ही बदल जाता है। वो देर रात तक जगते हैं। खाना देर से खाते हैं। बेवक्त सोते हैं। पार्टी करते हैं। इससे युवाओं की बॉडी क्लॉक बहुत डिस्टर्ब हो जाती है। वजन बढ़ने से हमें टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियां और दूसरी बीमारियां हो जाती हैं। इसके पीछे खाने की क्वालिटी तो एक वजह होती ही है। साथ ही, कम कैलोरी बर्न करना भी कारण बन जाते हैं। लेकिन, तमाम नई रिसर्च से ये पता चल रहा है कि खान-पान का वक्त भी मोटापा बढ़ाने और घटाने में अहम भूमिका निभाता है। यानी आप क्या खाते हैं, ये तो अहम है ही।  आप कब खाते हैं, ये भी बहुत महत्वपूर्ण है।

meal on time directly connects to your weight loss and gain
जो लोग डाइटिंग करते हैं, उनके खान-पान में ध्यान कम से कम कैलोरी लेने पर होता है। पर, वो खाना कब खाएं, इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। एक रिसर्च में जब कुछ मोटी महिलाओं को दिन में ही खाने को कहा गया। वहीं कुछ और महिलाओं को कभी भी खाने की आजादी दी गई। देखा गया कि जिन महिलाओं ने दिन में ही ज्यादा कैलोरी ली, उन्हें वजन घटाने में आसानी हुई। वहीं, देर रात तक खाने की आजादी वाली महिलाओं का वजन कम घटा। ब्रिटेन की सरे यूनिवर्सिटी के जोनाथन जॉन्सटन कहते हैं कि, 'लोग सोचते हैं कि जब हम सोते हैं, तो शरीर के भीतर गतिविधियां भी बंद हो जाती हैं। लेकिन ये सच नहीं है।'


 
विज्ञापन
विज्ञापन
meal on time directly connects to your weight loss and gain
fat
जब हम सुबह कुछ खाते हैं, तो उसे पचाने में ज्यादा कैलोरी खर्च होती है। दिन में या देर रात खाने पर उसे पचाने में कम कैलोरी खर्च होती है। दूसरी बात ये है कि जब हम देर रात तक खाना खाते हैं, तो हमारे शरीर को फैट पचाने का वक्त नहीं मिल पाता। पेट भरा रहता है, तो शरीर को फैट जलाने की जरूरत नहीं होती। क्योंकि शरीर की फैट तभी इस्तेमाल होती है, जब हमें कुछ खाने को नहीं मिलता।
विज्ञापन
meal on time directly connects to your weight loss and gain
शरीर की हर कोशिका के भीतर एक घड़ी होती है। ये घड़ियां कोशिकाओं के भीतर की रासायनिक प्रक्रिया को नियंत्रित करती हैं। हर कोशिका की घड़ी, शरीर की मास्टर क्लॉक से संचालित होती है, जो दिमाग में होती है। इसे वैज्ञानिक एससीएन यानी सुप्राकियास्मैटिक न्यूक्लियस कहते हैं। ये सूरज की रौशनी, दिन के उतार-चढ़ाव के हिसाब से चलती है। शरीर की इन घड़ियों का काम होता है दिन की शारीरिक गतिविधियों के हिसाब से शरीर को तैयार करना और संचालित करना। शाम ढलने के बाद ये घड़ियां शरीर के अंगों को आराम करने का इशारा करती हैं। ताकि वो तरोताजा महसूस कर सकें।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed