देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। संक्रमण का असर इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है, जो ज्यादा चिंता का विषय है। कोविड के नए स्ट्रेनों के कारण दूसरी लहर में लोगों को तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं। इस बार का वायरस फेफड़ों को अधिक प्रभावित कर रहा है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई लोगों को फेफड़ों से संबंधित समस्याएं हो रही हैं।
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अमर उजाला फाउंडेशन की पहल: डॉक्टर से जानिए कोविड से ठीक होने के बाद फेफड़ों को स्वस्थ रखने के टिप्स
Sat, 22 May 2021 08:07 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sat, 22 May 2021 08:07 PM IST
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कोरोना का फेफड़ों पर असर
- फोटो : Pixabay
फेफड़ों के स्वास्थ्य का रखें ध्यान
- फोटो : iStock
क्या कोविड से ठीक होने के बाद भी प्रभावित रह सकते हैं फेफड़े
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ चौधरी बताते हैं कि कोविड के दौरान जिन लोगों को सांस की दिक्कत नहीं थी या जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है उनके फेफड़ों को काफी ह़द तक स्वस्थ माना जा सकता है। हालांकि जिन लोगों को लंबे समय तक ऑक्सीजन लेना पड़ा हो या फिर जिन रोगियों को ठीक होने के बाद भी ऑक्सीजन लेने की सलाह दी गई है, उनको फेफड़ों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ चौधरी बताते हैं कि कोविड के दौरान जिन लोगों को सांस की दिक्कत नहीं थी या जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है उनके फेफड़ों को काफी ह़द तक स्वस्थ माना जा सकता है। हालांकि जिन लोगों को लंबे समय तक ऑक्सीजन लेना पड़ा हो या फिर जिन रोगियों को ठीक होने के बाद भी ऑक्सीजन लेने की सलाह दी गई है, उनको फेफड़ों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है।
कोविड के बाद ठंडी चीजों से परहेज करें
- फोटो : Pixabay
हल्के स्तर के कोविड रोगी ठीक होने के बाद क्या करें
इस सवाल के जवाब में डॉ सौरभ बताते हैं कि जिन रोगियों को कोविड के हल्के लक्षण थे और जिन्हें ऑक्सीजन थेरपी की जरूरत नहीं पड़ी थी उन्हें संक्रमण से ठीक होने के बाद डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खाने में कुछ महीनों तक बहुत ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के साथ, ताजे फलों का सेवन करना चाहिए। यदि आप डायबिटीज के रोगी हैं और शुगर का स्तर खाने का बाद 220 से अधिक है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
इस सवाल के जवाब में डॉ सौरभ बताते हैं कि जिन रोगियों को कोविड के हल्के लक्षण थे और जिन्हें ऑक्सीजन थेरपी की जरूरत नहीं पड़ी थी उन्हें संक्रमण से ठीक होने के बाद डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खाने में कुछ महीनों तक बहुत ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के साथ, ताजे फलों का सेवन करना चाहिए। यदि आप डायबिटीज के रोगी हैं और शुगर का स्तर खाने का बाद 220 से अधिक है तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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ऑक्सीजन सेचुरेशन से फेफड़ों के स्वास्थ्य का लगाएं पता
- फोटो : Social media
गंभीर स्तर के कोविड रोगियों के लिए ठीक होने के बाद टिप्स
डॉ सौरभ बताते हैं कि जिन रोगियों को कोविड के दौरान ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी हो और ठीक होने के बाद भी ऑक्सीजन का सेचुरेशन सामान्य न हो रहा हो, उन्हें घबराना नहीं चाहिए। कई बार सेचुरेशन ठीक होने में कुछ महीनों का भी समय लग सकता है। ऐसे रोगियों को गहरी सांस वाले व्यायाम करने चाहिए। ऑक्सीजन हटा कर ज्यादा से ज्यादा देर तक सेचुरेशन को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।
डॉ सौरभ बताते हैं कि जिन रोगियों को कोविड के दौरान ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी हो और ठीक होने के बाद भी ऑक्सीजन का सेचुरेशन सामान्य न हो रहा हो, उन्हें घबराना नहीं चाहिए। कई बार सेचुरेशन ठीक होने में कुछ महीनों का भी समय लग सकता है। ऐसे रोगियों को गहरी सांस वाले व्यायाम करने चाहिए। ऑक्सीजन हटा कर ज्यादा से ज्यादा देर तक सेचुरेशन को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए।
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बेवजह सीटी स्कैन न कराएं
- फोटो : iStock
क्या हर कोरोना के मरीज के फेफड़े प्रभावित हो सकते हैं?
इस सवाल के जवाब में डॉ सौरभ बताते हैं कि जरूरी नहीं है कि कोरोना के हर मरीज के फेफड़े प्रभावित हुए हों। इसका पता लगाने के लिए बेवजह सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं है, इसके भी कई नुकसान हो सकते हैं। शरीर में ऑक्सीजन के स्तर से भी फेफड़ों की स्थिति की पता लगाया जा सकता है। अगर ऑक्सीजन की स्तर 94 से ऊपर है तो इसका मतलब है कि आपके फेफड़े स्वस्थ हैं।
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नोट: यह लेख छाती रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ चौधरी बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
इस सवाल के जवाब में डॉ सौरभ बताते हैं कि जरूरी नहीं है कि कोरोना के हर मरीज के फेफड़े प्रभावित हुए हों। इसका पता लगाने के लिए बेवजह सीटी स्कैन कराने की जरूरत नहीं है, इसके भी कई नुकसान हो सकते हैं। शरीर में ऑक्सीजन के स्तर से भी फेफड़ों की स्थिति की पता लगाया जा सकता है। अगर ऑक्सीजन की स्तर 94 से ऊपर है तो इसका मतलब है कि आपके फेफड़े स्वस्थ हैं।
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नोट: यह लेख छाती रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ चौधरी बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।