हृदय रोग और इससे संबंधित बीमारियों का खतरा अब किशोरों को भी अपना शिकार बनाती जा रही है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि 20 से कम उम्र के लोगों में भी हृदय से संबंधित समस्याएं, हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं।
Heart Attack: बच्चे हों या वयस्क किसी को भी हो सकता है हार्ट अटैक, मोटापा के शिकार लोगों में खतरा और भी अधिक
20 से कम उम्र वालों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने लोगों को काफी डरा दिया है। ये भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या हार्ट अटैक से अब कोई भी सुरक्षित नहीं है? बच्चे-युवा, वयस्क हर उम्र के लोगों में बढ़ते इस जानलेवा मामले के क्या कारण हैं?
बच्चों में भी देखे जाते रहे हैं हार्ट अटैक के मामले
कुछ दशकों पहले तक हृदय संबंधित समस्याओं को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी के रूप में जाना जाता था, हालांकि अब सभी उम्र के लोगों में ये दिक्कत देखी जा रही है। हाल के वर्षों में बच्चों में भी हार्ट अटैक-कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आए थे। सितंबर 2023 में गुजरात में छठवीं कक्षा के एक बच्चे की सडेन हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, उसकी उम्र महज 12 साल की थी। यहां पढ़िए पूरी खबर
बच्चे-युवा, वयस्क हर उम्र के लोगों में बढ़ते इस जानलेवा मामले के क्या कारण हैं? आइए जानते हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
नेशनल सेंटर फॉर हेल्थ स्टैटिस्टिक्स (एनसीएचएस) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 में 18 से 40 वर्ष की आयु के केवल 0.3% अमेरिकी वयस्कों को दिल का दौरा पड़ा था। इस आयु वर्ग में हार्ट अटैक के मामले अभी भी दुर्लभ माने जाते हैं, हालांकि पिछले चार-पांच वर्षों में इसमें काफी वृद्धि हुई है।
कोलंबिया विश्वविद्यालय में हृदय रोग विशेषज्ञ और महामारी विज्ञानी डॉ. एंड्रयू मोरन कहते हैं, दुनियाभर में हृदय रोगों के मामलों के लिए मोटापा की समस्या एक प्रमुख कारक हो सकती है। अगर वजन को कंट्रोल कर लिया जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मोटापा के कारण बढ़ रहा है हृदय रोगों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा की स्थिति उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल के साथ टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याओं को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा सीधे तौर पर डायस्टोलिक डिसफंक्शन का कारण बनती है जिसके कारण हृदय फेलियर का खतरा हो जाता है। मोटापे से ग्रस्त रोगियों में हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों का जोखिम रहता है जिसके कारण हार्ट अटैक की दिक्कत हो सकती है।
इन साइलेंट संकेतों को भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हार्ट अटैक के कई लक्षण साइलेंट भी होते हैं जिसपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। अगर आपको अस्पष्ट रूप से थकान, सांस लेने में तकलीफ या पसीना आने की दिक्कत बनी रहती है तो आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। इसके अलावा यदि आपको बिना किसी शारीरिक मेहनत के अत्यधिक पसीना आता है तो ये भी हार्ट अटैक और हृदय रोगों का गंभीर संकेत हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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