फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Fitness ›   growing age can lead you sleep depreviation

क्या आप भी पहले की तरह नहीं ले पा रहे अच्छी नींद? तो ये रहा जवाब

Tue, 24 May 2016 12:53 PM IST
क्लाउडिया हैमंड
क्लाउडिया हैमंड Updated Tue, 24 May 2016 12:53 PM IST
विज्ञापन
growing age can lead you sleep depreviation
- फोटो : gettyimages
अक्सर बुजुर्ग लोग शिकायत करते हैं कि उन्हें नींद कम आती है। कम से कम आधे उम्रदराज लोग नींद की परेशानी का सामना करते हैं। एक तिहाई से एक चौथाई बुजुर्ग नींद न आने से परेशान होते हैं।
विज्ञापन

बुजुर्गों को नींद की ये दिक्कत दो तरह से परेशान करती है। रात होते ही वो सो जाते हैं। फिर तड़के उनकी नींद खुल जाती है। वो उनींदे से रहते हैं। मगर सो नहीं पाते। कई बार बीमारियों की वजह से उनके लिए सो पाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, कई बुजुर्ग लोग सेहतमंद होने के बावजूद ठीक से नहीं सो पाते।
विज्ञापन


लंबे वक्त तक ठीक से नहीं सो पाने पर सेहत पर कई तरह से बुरा असर पड़ता है। इससे बीमारियों से लड़ने की हमारी ताकत कमजोर पड़ती है। हम अच्छा नहीं महसूस करते। दिन में अलसाये से रहते हैं। इससे हमारे किसी हादसे का शिकार होने का डर बढ़ जाता है। इसलिए हमारी अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मगर, जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, नींद की हमारी जरूरत कम होती जाती है। इसलिए अगर बुढ़ापे में कम नींद आती है, तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं। वैसे ये बता पाना बेहद मुश्किल है कि उम्र के किस दौर में इंसान को कितना सोने की जरूरत है। लेकिन हम ये जरूर पता लगा सकते हैं कि लोग कितने घंटे सोते हैं। इससे ये पता चलता है कि जवान लोगों के मुकाबले बुजुर्ग कम सोते हैं। हां, इससे ये तो पता चलता है कि वो कम सोते हैं। मगर ये नहीं पता चलता कि क्या उन्हें कम नींद की जरूरत होती है।

उम्रदराज लोगों में नींद न आने की बीमारी को अक्सर डॉक्टर संजीदगी से नहीं लेते

growing age can lead you sleep depreviation
लोग तर्क देते हैं कि बुजुर्ग रात में इसलिए कम सोते हैं, क्योंकि दिन में वो अच्छा खासा वक्त ऊंघते या कई बार झपकी लेते हुए गुजारते हैं। लेकिन कुछ लोग ये भी कहते हैं कि दिन में अलसाए रहने का ये मतलब नहीं कि बुजुर्गों को कम नींद की जरूरत है।

उम्रदराज लोगों में नींद न आने की बीमारी को अक्सर डॉक्टर संजीदगी से नहीं लेते। एक सर्वे के मुताबिक 69 फीसद बुजुर्गों ने ठीक से नींद न आने की शिकायत की। मगर, उनमें से 81 फीसदी की शिकायत को डॉक्टरों ने उनकी फाइल में नोट तक नहीं किया।

तो कुछ वक्त के लिए अगर हम ये मान लें कि बुजुर्गों को ज्यादा नींद की जरूरत होती है। तो फिर वो आखिर कम घंटे क्यों सोते हैं? इसकी एक वजह ये हो सकती है कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी नींद में खलल पड़ता है और वो जल्दी उठ जाते है। कुछ रिसर्च ये बात सही भी साबित हुई है। बुजुर्ग रात में जल्दी सो जाते हैं और सुबह जल्दी उठ भी जाते हैं। उन्हें शायद और नींद की जरूरत होती है। मगर वो सो नहीं पाते हैं। कई बार वो सो भी जाते हैं, मगर उन्हें गहरी नींद नहीं आ पाती।

अभी हाल में रूस में 130 लोगों को एक लैब में दिन और रात जगाए रखा गया। बीच-बीच में उनसे पूछा जाता था कि उन्हें कितनी तेज नींद आ रही है। अलग अलग समय पर उन्हें नींद के झोंके अलग तरह से आ रहे थे। इसकी वजह ये थी कि दिन के अलग अलग दौर में शरीर से मेलाटोनिन नाम के हारमोन निकलने की प्रक्रिया अलग थी।

उम्र बढ़ने के साथ गहरी नींद लाने वाली दिमाग की तरंगें कमजोर पड़ जाती हैं

growing age can lead you sleep depreviation
इस तजुर्बे से ये भी मालूम हुआ कि बुजुर्गों को नींद, जवान लोगों के मुकाबले अलग वक्त पर आ रही थी।

रूस में रिसर्च करने वाले अर्केडी पुतिलोव का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ गहरी नींद लाने वाली दिमाग की तरंगें कमजोर पड़ जाती हैं। इस वजह से बुजुर्गों का सोना मुश्किल होने लगता है। इसी तरह बुजुर्गों की सिर्केडियन रिदम, या शरीर की घड़ी की रफ्तार भी धीमी पड़ जाती है। क्योंकि शरीर का तापमान कम हो जाता है। साथ ही मेलाटोनिन नाम का हारमोन भी कम निकलता है।

अमरीका की मिशीगन यूनिवर्सिटी की एन आर्बर ने दुनिया भर के करीब पांच हजार लोगों के सोने की आदत पर सर्वे किया। इसमें एक ऐप की मदद ली गई। इसके नतीजों से पता चला कि युवाओं में कुछ जल्दी उठने वाले थे तो कुछ देर रात तक जागने वाले। वहीं बुजुर्गो में आम तौर पर सोने की आदत एक जैसी पाई गई।

ज्यादातर उम्रदराज लोग सुबह जल्दी उठने वाले थे। वो रात में जल्दी सो भी जाते थे। इस सर्वे में ये भी पता चला कि चालीस की उम्र के लोग सबसे कम सो पा रहे थे। इससे साफ है कि बुजुर्गों की बॉडी क्लॉक में बदलाव की वजह से वो कम सो पाते हैं। मगर इसका ये मतलब नहीं कि उन्हें कम नींद की जरूरत होती है। साथ ही दिन के वक्त की नींद उतनी अच्छी नहीं होती, जितनी रात की नींद। ऐसे में रात की नींद अच्छी नहीं आई, तो दिन में लोग आलस और नींद महसूस करते रहते हैं।
 

वयस्कों को सात से नौ घंटे की नींद चाहिए

growing age can lead you sleep depreviation
लेकिन नींद पर ये बहस खत्म यहां खत्म नहीं होती। 2008 में अमरीका के ब्रिंघम वुमेन हॉस्पिटल में कुछ लोगों को दिन में 16 घंटे सोने का मौका दिया गया। 60 से 72 साल की उम्र के लोगों ने औसतन साढ़े सात घंटे की नींद ली। वहीं 18 से 32 साल की उम्र वालों ने नौ घंटे की नींद का मजा लिया। आप इसका मतलब निकाल सकते हैं कि जवानों को ज्यादा नींद की जरूरत थी। लेकिन ये भी हो सकता है कि वो ज्यादा थके थे इसलिए उन्हें ज्यादा नींद आई।

मगर, सर्वे करने वालों की इसी टीम ने जब इंग्लैंड की सरे यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर तजुर्बा किया तो उसके दूसरे ही नतीजे निकले। एक बार फिर बुजुर्ग, नींद के लिए जूझते पाए गए। उन लोगों पर खास निगरानी रखी गई। रात में जैसे ही उन्हें नींद आने लगती, रिसर्च करने वाले शोर या रौशनी करके उनकी नींद में खलल डालते। अगले दिन ये थके हुए बुजुर्ग, जवान लोगों की ही तरह आराम से दिन में ऊंघते नजर आए। मतलब ये कि बुजुर्गों के शरीर को भी जब नींद की जरूरत हुई तो वो सो सके।

अमरीका का नेशनल स्लीप फाउंडेशन कहता है कि वयस्कों को सात से नौ घंटे की नींद चाहिए। वहीं 65 बरस से ज्यादा उम्र के लोगों को 7 से 8 घंटे की नींद की जरूरत होती है।
इससे ये मतलब मत निकालिए कि बुजुर्गों को कम नींद की जरूरत होती है। हां, रात में देर तक जागने के बाद सुबह उठकर थकान महसूस करना बहुत बुरा है। ये आपकी सेहत खराब कर सकता है। इसको गंभीरता से लेकर सोने से जुड़ी आदतें बदलने की कोशिश करनी चाहिए। वरना आपकी सेहत और बिगड़ सकती है।

तो, ठीक से सोते रहिए जनाब।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed