World Thyroid Day 2025: बाल झड़ने की समस्या कुछ समय पहले तक उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत मानी जाती थी, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। यहां तक कि 20 से कम उम्र के लोगों में भी ये दिक्कत देखी जा रही है। बालों की समस्या को लेकर लोग तरह-तरह के उपचार कराते हैं, कई प्रकार की तेल से लेकर दवाओं तक को प्रयोग में लाते हैं, फिर भी विशेष लाभ नहीं मिलता।
World Thyroid Day 2025: तेजी से झड़ रहे हैं बाल, बढ़ रहा है गंजापन? कहीं आपको थायराइड की समस्या तो नहीं
थाइराइड की समस्या को आमतौर पर वजन बढ़ने से जोड़कर देखा जाता रहा है, पर क्या आप जानते हैं कि इसका बालों की सेहत पर भी गंभीर असर हो सकता है?
थायराइड की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बालों का झड़ना एक आम समस्या है, लेकिन जब यह अचानक और तेजी से होने लगे तो इसके पीछे के कारणों को समझना भी आवश्यक हो जाता है। कई बार बालों की समस्या किसी गंभीर बीमारी या फिर थायराइड ग्रंथि से जुड़ी गड़बड़ी का दुष्प्रभाव भी हो सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि थायराइड हार्मोन का असंतुलन न केवल मेटाबॉलिज्म क्रिया को प्रभावित करती है, बल्कि बालों की सेहत पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ता है।
थायराइड के कारण बालों की समस्या
थायराइड हार्मोन बालों के रोम के विकास चक्र को प्रभावित करते हैं। जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बनाती (हाइपोथायरायडिज्म) तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिन लोगों को हाइपोथायरायडिज्म की दिक्कत होती है उनमें बालों के पतला होने और झड़ने की समस्या देखी जाती है। इस तरह के थाइराइड विकार बालों को रूखा कर देते हैं जिससे जड़ें कमजोर होने लगती हैं और बाल झड़ने लगते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, थायराइड एक तितली आकार की ग्रंथि होती है जो गले के निचले हिस्से में स्थित होती है। यह ग्रंथि दो प्रमुख हार्मोन टी3 और टी4 का उत्पादन करती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर, और बालों सहित त्वचा व नाखूनों के स्वास्थ्य को नियंत्रित करते हैं। यही कारण है कि थाइराइड की समस्या से परेशान लोगों को बालों से संबंधित समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रोनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि हाइपोथायरायडिज्म के रोगियों में 25-30% बाल झड़ने की समस्या की शिकायत करते हैं।
थायराइड के अन्य लक्षणों पर भी दे ध्यान
थायराइड विकार बालों के अलावा शरीर में और भी कई प्रकार की दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है।
विशेषकर हाइपोथायरायडिज्म के कारण भौहों के बाल झड़ने, नाखूनों के टूटने और कमजोर होने, त्वचा में जलन-सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा महिलाओं में ये स्थिति अनियमित मासिक धर्म और गर्भधारण में कठिनाई भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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