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हार्ट अटैक से भी ज्यादा खतरनाक है कार्डियक अरेस्ट, जानिए इसके लक्षण
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Thu, 18 May 2017 06:47 PM IST
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कार्डियक अरेस्ट का इलाज
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बॉलीवुड की 'फेवरेट मां' रीमा लागू की मौत कार्डिक अरेस्ट के कारण हुई है। वह कुछ समय से बीमार थी और उनका इलाज मुंबई के एक हॉस्पिटल में चल रहा था। आपको बता दें तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मौत का कारण भी कार्डियक अरेस्ट ही था। इसके अलावा भी कई सेलेब्रिटीज इस जानलेवा बीमारी का शिकार बनकर दुनिया छोड़ चुके हैं।
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कार्डियक अरेस्ट में हृदय खून का संचार करना बंद कर देता है। ज्यादातार लोग इसे हार्ट अटैक ही मानते है, लेकिन दोनों में अंतर है।
क्या है दोनों में अंतर
हार्ट अटैक में अचानक ही हृदय की किसी मांसपेशी में खून का संचार रुक जाता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में हृदय में खून का संचार बंद कर देता है। हार्ट अटैक के वक्त भी हृदय बाकी शरीर के हिस्सों में खून का संचार करता है और व्यक्ति होश में रहता है, लेकिन कार्डियक अरेस्ट में सांस नहीं आती और व्यक्ति के कोमा में जाने की संभावना अधिक रहती है।
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हालांकि हार्ट अटैक के मरीज को कार्डियक अरेस्ट का खतरा अधिक रहता है।
क्यों आता है कार्डियक अरेस्ट
जब रक्त में फाइब्रिनोजन की मात्रा ज्यादा हो जाती है हृदय में रक्त का संचार रुक जाता है। रक्त के फाइब्रिनोजन की अधिक मात्रा के कारण हृदय की गति असामान्य हो जाती है।
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इलेक्ट्रिक शॉक है इलाज
अगर कोई कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित है तो उसे इलेक्ट्रिक शॉक ही बचा सकते है। जिस डिवाइस से इलेक्ट्रिक शॉक दिए जाते है उसे डिफिब्रिलेटर कहते है और कार्डियक अरेस्ट के मरीज की ये आखिरी उम्मीद होती है।