मलयेशिया में एक नए प्रकार के कोरोना वायरस का पता चला है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस सामान्य से 10 गुना ज्यादा संक्रामक है। माना जा रहा है कि यह वायरस चीन के वुहान में पाए गए सबसे खतरनाक कोविड के प्रकार से भी ज्यादा घातक है। खबरों के मुताबिक, यह वायरस सबसे पहले भारतीय मूल के एक रेस्त्रां मालिक में पाया गया, जिसे मलयेशियाई सरकार ने होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने के आरोप में पांच महीने की जेल और जुर्माना की सजा सुनाई थी।
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CoronaVirus: सामान्य से 10 गुना ज्यादा खतरनाक है ये वायरस, दावा- मौजूदा वैक्सीन भी नहीं बचा पाएगी!
Mon, 17 Aug 2020 09:03 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Mon, 17 Aug 2020 09:03 PM IST
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Coronavirus Mutation
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- दरअसल, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMR) ने सिवागंगा क्लस्टर मलयेशिया में डी614जी (D614G) प्रकार के वायरस का पता लगाया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए वहां के स्वास्थ्य महानिदेशक दातुक डॉ. नूर हिशाम अब्दुल्ला ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि D614G म्यूटेशन पहली बार जुलाई में पाया गया था। यह इतना खतरनाक है कि दुनियाभर में वैक्सीन पर चल रही रिसर्च नाकाफी हो सकती है। कई अध्ययनों में कहा गया है वायरस के इस रूप पर कोई भी मौजूदा वैक्सीन प्रभावी नहीं है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
क्या है D614G वायरस
- D614G को कोरोना वायरस के 'G' म्यूटेशन के रूप में भी जाना जाता है। पहली बार जनवरी में इस स्ट्रेन के बारे में पता चला था, जिसके बाद विशेषज्ञों के लिए यह चिंता का सबब बना हुआ है। यह मूल 'L' और 'S' वेरिएंट्स को भी जन्म दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह श्वसन मार्ग में अधिक वायरल और संक्रामक प्रतियां(Replication) पैदा करता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ज्यादा खतरनाक तरीके से फैल सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
10 गुना अधिक संक्रमण
- D614G को इस वायरस का सुपर स्प्रेडर कहा जा सकता है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अन्य व्यक्तियों में 10 गुना अधिक तेजी से संक्रमित करने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और जारी प्रयासों से यह नियंत्रण में है, लेकिन एक बार यदि इस वायरस का प्रसार विस्फोटक रूप में फैल गया तो इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- मलयेशिया के स्वास्थ्य महानिदेशक ने अपील की है कि जनता को सतर्क रहना चाहिए और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, साफ-सफाई जैसे तमाम एहतियात बरतनी चाहिए। कारण कि मलयेशिया में पाए गए कोरोना के डी614जी (D614G) म्यूटेशन को आम वायरस नहीं कहा जा सकता है। मालूम हो कि बाकि देशों की तुलना में मलयेशिया बड़े पैमाने पर वायरस को रोकने में काफी हद तक कामयाब रहा है।