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मोटा पेट क्रंचेज से नहीं जाता

Wed, 05 Dec 2012 04:34 PM IST
तोयज कुमार सिंह
तोयज कुमार सिंह Updated Wed, 05 Dec 2012 04:34 PM IST
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crunches do not reduce belly fat

जब भी बात पेट कम करने वाली एक्सरसाइज को लेकर होती है तो लोगों के दिमाग में क्रंचेज का ही ख्याल आता है। न जाने कितनी तरह के क्रंचेज होते हैं, लोग एक के बाद दूसरे, दूसरे के बाद तीसरे पर हाथ साफ करने लगते हैं।

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सच जान लें, क्रंचेज से मोटा पेट नहीं जाता। यह कोई रामबाण कसरत नहीं है। आगे की बात शुरू करने से पहले ही बता दूं कि फिलहाल हम सिक्स पैक एब्स की बात नहीं कर रहे हैं।   
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क्यूं है ऐसा
क्रंचेज में पेट के एक बहुत ही छोटे से हिस्से की एक्सरसाइज होती है। ज्यादातर में या तो अपर एब्स या फिर लोअर एब्स। कुछ को छोड़कर बॉडी का मूवमेंट बहुत ही छोटे दायरे में होता है और ज्यादातर लोग छोटे मूवमेंट वाले क्रंचेज ही पसंद करते हैं क्योंकि वे ज्यादा असान पड़ती है।   
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असर इसलिए नहीं पड़ता
ऐसा नहीं है कि क्रंच बेकार है। मगर जिन लोगों के पेट आपे से बाहर हो गए हैं, उन्हें बड़े मूवमेंट की जरूरत होती है। सपाट पेट पर अगर एब्स निकालने हैं तो यकीनी तौर पर क्रंच को एवॉइड नहीं कर सकते। मगर कमरे जैसी कमर को काबू में करने के लिए आपको ऐसी एक्सरसाइज को चुनना होगा, जिनमें कई ज्वाइंट्स एकसाथ काम करते हैं। क्योंकि फैट किसी एक जगह से नहीं जाता।

स्पॉट फैट रिडक्शन बड़ी ही एडवांस लेवल की बात है, यह सिक्स पैक एब्स या फ्लैट एब्स वालों के काम आती है। ऐसा नहीं हो सकता कि आपने कोई एक इलाका चुन लिया और वहां की एक्सरसाइज करके, वहां का फैट गला लिया। आपकी पूरी बॉडी से फैट कम होगा तो ही कमर पर से फैट जाएगा।   

तो क्या करें
पहले तो अपने फैट और अपने पेट को समझें। पेट को मोटे तौर पर हम तीन हिस्सों में बांट सकते हैं। अपर एब्स, लोअर एब्स और साइड्स। आपकी नाभी तक के हिस्से को हम अपर एब्स में गिनते हैं। उससे ठीक ऊपर वाले और नीचे के हिस्से को लोवर एब्स और साइट टायर्स तो आप जानते ही हैं। पेट पर से फैट कम करने के लिए आपको बाकी शरीर की एक्सरसाइज करनी ही होगी। इसके बिना फैट कम नहीं होता। चेस्ट, शोल्डर, आर्म्स, लेग्स सभी बॉडी पार्ट पर ध्यान देना होगा।   

ज्यादातर वक्त आप कोशिश करें ऐसी एक्सरसाइज को चुनने की, जिसमें ये तीनों हिस्से एकसाथ एक्टिव हों। आप हर दिन के हिसाब से एक्सरसाइज के इस शेड्यूल को फॉलो कर सकते हैं।   

  1 होल एब्स के साथ लोवर एब्स साथ में बाकी बॉडी   

  2 होल एब्स के साथ अपर एब्स साथ में बाकी बॉडी   

  3 होल एब्स के साथ साइड्स साथ में बाकी बॉडी   

इसे ऐसे समझ सकते हैं
रनिंग, हैंगिंग लेग रेज और चेस्ट। रनिंग में पूरे एब्स पर काम होता है। हैंगिंग लेग रेज लोवर एब्स की एक्सरसाइज है और फिर चेस्ट का वर्कआउट। इसी तरह से ऑप्शन 2 में स्किपिंग, क्रंचेज और बैक। ऑप्शन 3 में साइकिलिंग, डंबल स्लाइड बेंडिंग और लेग्स।   


इन तीनों ऑप्शन में और भी कई एक्सरसाइज शामिल हो सकती हैं। कहने का मतलब ये है कि पेट कम करने के लिए आपको पेट के अलावा बाकी बॉडी पर भी पूरा-पूरा ध्यान देना है। एब्स की किसी एक एक्सरसाइज को रोज-रोज न किया करें। बदलाव करें।

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