फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus vaccine: कोरोना वायरस की वो चार वैक्सीन, जिसने दुनियाभर में जगाई उम्मीद, जानें ताजा अपडेट्स

Mon, 20 Jul 2020 10:45 PM IST
सोनू शर्मा बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 20 Jul 2020 10:45 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus vaccine updates in hindi covaxin human trial update bharat biotech status of oxford covid vaccine   china vaccine russia corona vaccine
Corona Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala

कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में अब तक छह लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। एक करोड़ 44 लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हैं। चीन के वुहान शहर से दिसंबर 2019 से शुरू हुआ कोरोना वायरस संक्रमण अब पूरी दुनिया में फैल चुका है, लेकिन इस वायरस की कोई प्रमाणिक वैक्सीन या दवा अब भी तैयार नहीं की जा सकी है। 



वैक्सीन बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की बात करें, तो दुनियाभर में कोरोना वायरस की 23 वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल हो रहे हैं। कुछ देशों में वैक्सीन्स के ह्यूमन ट्रायल पहले और दूसरे चरण में सफल रहे हैं और अब भारत में भी कोवैक्सीन नाम की वैक्सीन का ट्रायल शुरू होने जा रहा है। 

Coronavirus vaccine updates in hindi covaxin human trial update bharat biotech status of oxford covid vaccine   china vaccine russia corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में सोमवार से ही यह ट्रायल शुरू हो जाएगा। यह ट्रायल 100 स्वस्थ लोगों पर किया जाएगा। जिन पर ट्रायल किया जाएगा उनकी उम्र 18 से 55 साल तक होगी। इस टेस्ट के लिए दिल्ली-एनसीआर के लोगों से वॉलेंटियर करने की अपील की गई थी। रजिस्ट्रेशन कराने वालों के लिए अपना कोरोना टेस्ट और लीवर टेस्ट कराना जरूरी था। 

इस वैक्सीन की दो डोज दी जाएंगी। पहली डोज के दो सप्ताह के बाद दूसरी डोज दी जाएगी। ये वैक्सीन इंजेक्शन के जरिए दिया जाएगा। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड और जायडस कैडिला भारत में कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में आगे हैं। भारत बायोटैक इंटरनेशनल लिमिटेड की वैक्सीन का नाम कोवैक्सीन है। 

इसके अलावा तकरीबन आधा दर्जन भारतीय कंपनियां कोविड-19 के वायरस के लिए वैक्सीन विकसित करने में जुटी हुई हैं। इन कंपनियों में से एक सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया है। वैक्सीन के डोज के उत्पादन और दुनियाभर में बिक्री के लिहाज से यह दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन कंपनी है। 

Coronavirus vaccine updates in hindi covaxin human trial update bharat biotech status of oxford covid vaccine   china vaccine russia corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

ऑक्सफोर्ड है सबसे आगे

  • यूरोप समेत दुनिया में कोरोना वैक्सीन का पहला ट्रायल ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड में शुरू हुआ था। अप्रैल महीने में ही यहां कोरोना वायरस संक्रमण की वैक्सीन के लिए इंसानों पर परीक्षण शुरू हो गया था। शुरुआती चरण के लिए यहां 800 लोगों को बतौर वॉलेंटियर चुना गया था। ये टीका ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक टीम ने तैयार किया था। जेनर इंस्टीट्यूट में वैक्सीनोलॉजी की प्रोफेसर सारा गिल्बर्ट इस टीम का नेतृत्व कर रही हैं। दावा है कि ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का पहला ह्यूमन ट्रायल कामयाब रहा है। अगर आगे भी सबकुछ ठीक रहता है, तो संभव है कि बहुत जल्दी ही कोरोना वायरस की एक कारगर वैक्सीन तैयार कर ली जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus vaccine updates in hindi covaxin human trial update bharat biotech status of oxford covid vaccine   china vaccine russia corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

अमेरिका भी ईजाद कर सकता है वैक्सीन 

  • अमेरिका में टेस्ट की गई पहली कोविड-19 वैक्सीन से लोगों के इम्यून को वैसा ही फायदा पहुंचा है, जैसा वैज्ञानिकों ने उम्मीद की थी। अब इस वैक्सीन का ट्रायल किया जाना है। नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ और मोडेरना इंक में डॉ. फाउची के सहकर्मियों ने इस वैक्सीन को विकसित किया है। 27 जुलाई से इस वैक्सीन का 30 हजार लोगों पर परीक्षण किया जाएगा और पता किया जाएगा कि क्या ये वैक्सीन वाकई कोविड-19 से मानव शरीर को बचा सकती है। 
विज्ञापन
Coronavirus vaccine updates in hindi covaxin human trial update bharat biotech status of oxford covid vaccine   china vaccine russia corona vaccine
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

इस बीच रूस पर वैक्सीन का फॉर्मूला चुराने का भी आरोप लगा। इन आरोपों को ब्रिटेन में रूस के राजदूत ने सिरे से खारिज कर दिया है। एंड्रेई केलिन ने कहा, 'मैं इस कहानी पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करता हूं। इस बात का कोई मतलब ही नहीं है।'  

हालांकि विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने जोर देते हुए कहा है कि यह बहुत साफ है कि रूस ने ऐसा किया है। इससे पूर्व ब्रिटेन के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर (एनसीएससी) ने कहा था कि रूस के हैकर्स उन संगठनों को निशाना बना रहे हैं, जो कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटेन के अलावा अमेरिका ने भी आरोप लगाया था कि रूस के हैकरों ने वैक्सीन से जुड़े रिसर्च को चोरी करने की कोशिश की है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed