दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर अब तीन करोड़ 74 लाख से भी ऊपर हो चुके हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी 10 लाख 77 हजार के पार हो गई है। सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले में अमेरिका अभी भी शीर्ष पर है। वहां संक्रमितों की संख्या 79 लाख के पार है जबकि इस वायरस के कारण दो लाख 19 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। भारत में भी संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां अब तक 70 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि एक लाख आठ हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस इतना खतरनाक है कि इसके कारण शरीर में कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। आइए जानते हैं कोरोना वायरस के कारण होने वाली कुछ ऐसी ही समस्याओं के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं...
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Coronavirus: क्या कोरोना से संक्रमित होने पर लोगों की आंखों में धुंधलापन आ जाता है? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Sun, 11 Oct 2020 11:59 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 11 Oct 2020 11:59 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या कोविड की चपेट में आने वालों की आंख में धुंधलापन आ जाता है?
- दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'कोरोना वायरस मुख्य रूप से सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करता है और ज्यादातर केस हल्के लक्षण वाले होते हैं। वायरस सबसे ज्यादा फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन कुछ केस सामने आए हैं, जिनमें नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित किया है। ऐसे में मरीज को मिर्गी के दौरे, याददाश्त की कमी, पैरालिसिस हो सकता है, जो मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी या क्लॉटिंग से होता है। इसके अलावा आंख में कंजक्टिवाइटिस हो सकती है, जिससे आंखों की झिल्ली में धुंधलापन हो जाता है। सुनने में भी परेशानी आती है, लेकिन ऐसे केस बहुत कम आए हैं।'
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डॉक्टर अक्सर अब दूर से जांच करते हैं, ऐसे में इलाज कैसे संभव होगा?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'अस्पताल में डॉक्टर के पास जाते हैं तो वो आपकी परेशानी सुनते हैं। अगर लक्षण सामान्य हैं, तो वो दूर से ही इलाज करते हैं। ओपीडी में इन दिनों डॉक्टर फिजिकल डिस्टेंसिंग (शारीरिक दूरी) का पालन करते हुए मरीजों को देखते हैं। डॉक्टरों को भी सलाह दी गई है कि वो पीपीई किट पहन कर, फेस शील्ड और मास्क लगाकर ही मरीजों का इलाज करें।'
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कोरोना के इलाज में कैंसर की दवा कितनी कारगर है?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय के मुताबिक, 'कोरोना की कोई निश्चित दवा नहीं है। अलग-अलग देशों में इसके इलाज के लिए कई तरह की दवाइयों का उपयोग किया जा रहा है। उनमें से एक सिरोलिमस दवा है। यह दवा कुछ मरीजों को ट्रायल के रूप में दी जा रही है। इसका असर सकरात्मक है या नहीं, यह कहना अभी मुश्किल है।'
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क्या वायरस रीढ़ ही हड्डी पर भी असर डालता है?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'कोविड-19 से रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल कॉर्ड भी प्रभावित हो सकती है। ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड एक दूसरे से जुड़ी हुई रहती हैं। ऐसे में कई बार वायरस जब गंभीर रूप से अटैक करता है तो स्पाइनल कॉर्ड पर भी असर डालता है।'