बहुरूपिया कोरोना रोज पहचान व लक्षण बदल रहा है। फेफड़ों के बाद ये दूसरे अंगों को भी चपेट में लेने लगा है। ऐसे में सही पहचान और इलाज तक सतर्क रहने में ही भलाई है। वैज्ञानिकों का मानना है, वायरस की चपेट में आने वालों को आगे भी सतर्क रहना होगा, क्योंकि वायरस शरीर पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। भविष्य में यह छह समस्याएं आ सकती हैं...
भविष्य में भी आ सकती हैं समस्याएं.. जो ठीक हो चुके, उनका भी रखना होगा खास ख्याल
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फेफड़ों में तकलीफ
पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. खालिहा गेट्स का कहना है कि वायरस जितना अधिक फेफड़े को नुकसान पहुंचाएगा, तकलीफ उतनी अधिक होने की संभावना है। सांस संबंधी तकलीफ बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है।
लिवर को नुकसान
34 संक्रमितों के लिवर फंक्शन टेस्ट में पता चला कि वायरस से ठीक होने पर भी लिवर के काम की प्रक्रिया बदल चुकी है। ऐसे में पेट में मरोड़ और पाचन में तकलीफ हो सकती है। संक्रमण से मुक्ति के बाद लिवर में तकलीफ पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।
हृदय पर असर...
न्यूयॉर्क के लेनॉक्स हिल अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. लेन होरोवित्ज के मुताबिक, तेज बुखार से हृदय की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है। वायरस के कारण हृदय प्रभावित होता हैै। हार्ट अटैक आ सकता है। संक्रमित हृदय रोगी खास ध्यान रखें।
मांसपेशी को नुकसान
अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, बिस्तर पर रहने से मरीज की मांसपेशियों की ताकत 3 से 11 फीसदी तक घटती है। 14 से अधिक दिन तक इलाज चलने फिर क्वारंटीन अवधि के कारण कोरोना मरीज को ये खतरा और ज्यादा है।