फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   artificial intelligence tool can predicts heart failure risk with 80% accuracy, all you need to know

Good News: हार्ट फेलियर के जोखिमों का पहले से पता लगाना हुआ आसान, समय पर इलाज मिलने से बच सकेगी जान

Sat, 17 Dec 2022 07:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 17 Dec 2022 07:57 PM IST
सार

इज़राइल के शोधकर्ताओं ने एआई उपकरण विकसित किया है जो 80% सटीकता के साथ दिल की विफलता का अनुमान लगा सकता है। यह उपकरण एक प्रकार के एल्गोरिदम का प्रयोग करता है जिससे समय रहते जानलेवा खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

विज्ञापन
artificial intelligence tool can predicts heart failure risk with 80% accuracy, all you need to know
हार्ट फेलियर के बारे में बताएगा यह टूल - फोटो : istock

विस्तार

साल 2022 में सडेन हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट के मामलों को कारण कई लोगों की अचानक मौत हो गई। शादियों-उत्सवों के दौरान दिल का दौरा के चलते कम उम्र में लोगों को जान गंवानी पड़ी। यह स्थिति स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। हालांकि अब समय रहते हार्ट फेलियर के मामलों को पता लगाकर इसका इलाज किया जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल तैयार किया है जो 80 फीसदी प्रमाणिकता के साथ इस तरह के जोखिमों के बारे में अलर्ट कर देगा। शुरुआती अध्ययनों में इस तकनीक के बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इज़राइल के शोधकर्ताओं ने एआई उपकरण विकसित किया है जो 80% सटीकता के साथ दिल की विफलता का अनुमान लगा सकता है। यह उपकरण एक प्रकार के एल्गोरिदम का प्रयोग करता है जिससे समय रहते जानलेवा खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं का कहना है कि इस उपकरण के माध्यम से जोखिम का अनुमान लगाकर रोगी को समय पर इलाज प्राप्त हो सकेगा जिससे हृदय रोगों के कारण बढ़ते मृत्युदर को कम किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

artificial intelligence tool can predicts heart failure risk with 80% accuracy, all you need to know
हार्ट फेलियर के जोखिमों के बारे में जानिए - फोटो : istock

हार्ट फेलियर का हफ्तों पहले लग सकेगा अनुमान

उपकरण के बारे में साझा जानकारियों के मुताबिक यह टूल ईसीजी परीक्षणों का विश्लेषण करता है और इसके आधार पर बड़ी ही सटीकता के साथ हफ्तों पहले रोगी में दिल की विफलता का अनुमान लगा सकता है। वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि इस तकनीक को फिलहाल मायोसिटिस ( हृदय मांसपेशियों में इंफ्लामेशन) से पीड़ित लोगों के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। इन रोगियों पर इसके अच्छे पूर्वानुमान परिणाम देखे गए हैं।

शोधकर्ताओं ने बताया कि हम एआई मॉडल के माध्यम से ईसीजी परीक्षण कर रहे हैं, जो उन विवरणों को भी देख सकता है जो अक्सर डॉक्टर नहीं पहचान पाते हैं और इसी के आधार पर दिल की विफलता के खतरा का अनुमान लगाया जा सकता है।

क्या कहते हैं शोधकर्ता?

 

शोध का नेतृत्व करने वाले चिकित्सक डॉ. शहर शैली ने द टाइम्स ऑफ इज़राइल को बताया कि यह विशेष रूप से हृदय से संबंधित जोखिमों को देखते हुए बनाया गया पहला एआई उपकरण है। यह हृदय के पैटर्न का विश्लेषण करता है।


साल 2000 से 2020 तक 89 मायोसिटिस रोगियों के ईसीजी स्कैन और मेडिकल रिकॉर्ड का इस एआई मॉडल से अध्ययन किया गया। इसके एल्गोरिदम ने ईसीजी में सूक्ष्म पैटर्न की एक तस्वीर बनाई जो दिल की विफलता के जोखिम को बढ़ाती प्रतीत होती है।

artificial intelligence tool can predicts heart failure risk with 80% accuracy, all you need to know
हार्ट फेलियर का खतरा और बचाव - फोटो : istock

समय पर लगेगा जोखिमों का अंदाजा

इस अध्ययन की रिपोर्ट का पीर रिव्यु होना बाकी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसे फिलहाल क्लीनिक्स में प्रयोग नहीं किया गया है। हम इसपर विस्तृत शोध कर रहे हैं जिससे जोखिम का अलग-अलग स्तर पर अंदाजा लगाया जा सके। भविष्य में, इस मॉडल का उपयोग रोगियों की स्थिति बिगड़ने से पहले ही प्रारंभिक चरण में उचित उपचार प्राप्त करने में सहायक होगी। जिस तरह से वैश्विक स्तर पर हृदय रोगों के कारण मौत के बढ़ते मामले देखे गए हैं, ऐसे में इस तकनीक के माध्यम से लाभ मिलने की उम्मीद है। 

विशेषज्ञों की टीम का कहना है कि हार्ट फेलियर के रोगियों में शुरुआती पहचान करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह तकनीक एल्गोरिथ्म कार्डियक डिसफंक्शन को आसानी से पता करने में मददगार साबित हो रही है। इससे मिले परिणामों के आधार पर डॉक्टर हृदय की विफलता को रोकने के लिए कदम उठा सकते हैं। उम्मीद है कि हम भविष्य में तकनीक के माध्यम से हृदय रोगों के कारण मृत्यु दर को कम करने में सफल हो सकेंगे। 


---------------
स्रोत और संदर्भ

Electrocardiogram-Artificial Intelligence and Immune-Mediated Necrotizing Myopathy: Predicting Left Ventricular Dysfunction and Clinical Outcomes

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed