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Hindi News ›   Lifestyle ›   Engineers Day 2026: Who Was M. Visvesvaraya and Why India Celebrates September 15 History & Importance

इंजीनियर्स डे 2026: 15 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

Tue, 15 Sep 2026 10:14 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 15 Sep 2026 10:14 AM IST
सार

Engineers Day 2026: 15 सितंबर का इंजीनियर्स डे सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती को समर्पित है। उनका जीवन इंजीनियरिंग, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक मिसाल है। आज जब भारत तेजी से तकनीकी और औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है, तब विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता और योगदान पहले से भी अधिक प्रासंगिक दिखाई देते हैं।

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Engineers Day 2026: Who Was M. Visvesvaraya and Why India Celebrates September 15 History & Importance
इंजीनियर्स डे 2026 - फोटो : AI

विस्तार

Happy Engineers Day 2026: भारत में हर साल 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। यह दिन देश के महान इंजीनियर, विद्वान और प्रशासक भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनका जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था। भारतीय इंजीनियरिंग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के सम्मान में उनकी जन्मतिथि को अभियंता दिवस के रूप में याद किया जाता है।

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सर एम. विश्वेश्वरैया को भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग विकास के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है। उन्होंने सिंचाई, बांध, बाढ़ नियंत्रण और सार्वजनिक निर्माण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किया। सरकारी स्रोतों के अनुसार, मैसूर में कृष्ण राजा सागर (KRS) बांध, हैदराबाद में बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था और विशाखापत्तनम बंदरगाह को समुद्री कटाव से बचाने जैसे कार्यों से उनका नाम जुड़ा है। 
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इंजीनियर्स डे केवल इंजीनियरिंग पेशे से जुड़े लोगों को सम्मान देने का दिन नहीं है, बल्कि यह विज्ञान, तकनीक, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका को रेखांकित करने का अवसर भी है। आज इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और ऊर्जा तक लगभग हर क्षेत्र में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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कब मनाया जाता है इंजीनियर्स डे?

भारत में इंजीनियर्स डे हर साल 15 सितंबर को मनाया जाता है। यह तारीख सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती से जुड़ी है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे के रूप में मनाने का उद्देश्य उनके इंजीनियरिंग योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मान देना है।


2026 में भी अभियंता दिवस 15 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसी अवसर पर देशभर के शैक्षणिक संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और विभिन्न संगठनों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

क्यों मनाया जाता है इंजीनियर्स डे?

इंजीनियर्स डे मनाने का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरिंग के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करना और युवाओं को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

सर एम. विश्वेश्वरैया ने अपने काम के जरिए दिखाया कि इंजीनियरिंग केवल इमारतों, पुलों या बांधों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की समस्याओं के समाधान और देश के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम भी हो सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी अभियंता दिवस के अवसर पर उनके योगदान को भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग परिदृश्य की नींव से जोड़ा गया है। 

कौन थे सर एम. विश्वेश्वरैया?

सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया भारत के प्रसिद्ध सिविल इंजीनियर, प्रशासक और राष्ट्र निर्माता थे। उन्हें वर्ष 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उन्होंने इंजीनियरिंग के साथ-साथ प्रशासन और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वे 1912 से 1918 तक मैसूर रियासत के दीवान रहे। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक और संस्थागत विकास को बढ़ावा दिया। उनके योगदानों में भद्रावती का आयरन एंड स्टील प्लांट, मैसूर साबुन फैक्ट्री और स्टेट बैंक ऑफ मैसूर जैसे संस्थानों से जुड़े प्रयास भी शामिल हैं।



इंजीनियरिंग क्षेत्र में क्या था उनका योगदान?

  • विश्वेश्वरैया ने पानी के बेहतर प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण तकनीकी समाधान दिए।
  • उन्होंने स्वचालित जल-द्वार जीवन इंजीनियरिंग, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की प्रेरक मिसाल है।
  • आज जब भारत तेजी से तकनीकी और औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है, तब विश्वेश्वरैया की दूरदर्शिता और योगदान पहले से भी अधिक प्रासंगिक दिखाई देते हैं।
  • प्रणाली का पेटेंट भी कराया था, जिसे 1903 में पुणे के खड़कवासला जलाशय में लगाया गया था।
  • उनकी सोच केवल अपने समय की समस्याओं तक सीमित नहीं थी।
  • वे औद्योगिकीकरण, तकनीकी शिक्षा और योजनाबद्ध आर्थिक विकास को भारत की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मानते थे।


इंजीनियर्स डे का महत्व 

आज के दौर में इंजीनियर देश की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास की रीढ़ माने जाते हैं। सड़क, रेलवे, पुल, मेट्रो, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, सॉफ्टवेयर, AI, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में इंजीनियरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

इसलिए इंजीनियर्स डे नई पीढ़ी को यह संदेश देता है कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार के जरिए समाज और देश की बड़ी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

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