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पेट केयर: दिवाली की खुशियों में बेजुबानों को न भूलें! पटाखों के शोर से पालतू जानवरों को ऐसे बचाएं

Sun, 08 Nov 2026 09:31 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sun, 08 Nov 2026 09:31 AM IST
सार

Diwali Pet Safety Tips 2026: दिवाली पर पटाखों के शोर, धुएं और जहरीले खाने से अपने कुत्ते-बिल्लियों को कैसे बचाएं? जानें पालतू जानवरों की देखभाल के जरूरी टिप्स।
 

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Diwali Pet Safety Tips 2026: How to Protect Dogs and Cats from Firecrackers
दिवाली पर पालतू जानवरों की देखभाल के टिप्स - फोटो : Ai

विस्तार

Pet Care : दिवाली खुशियों, रोशनी और उत्साह का त्योहार है। इस अवसर पर लोग अपने घरों को दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाते हैं और पटाखे जलाकर जश्न मनाते हैं, लेकिन दिवाली का यह शोर-शराबा पालतू जानवरों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। कुत्ते, बिल्लियां और दूसरे पालतू जानवर पटाखों की तेज आवाज से डर जाते हैं। वहीं, पटाखों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण उनके स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में त्योहार के दौरान उनकी विशेष देखभाल करना बेहद जरूरी है।

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पटाखों की तेज आवाज से डर और तनाव

पालतू जानवरों की सुनने की क्षमता इंसानों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती है। ऐसे में पटाखों की तेज आवाज उन्हें डरा सकती है। कई बार डर के कारण कुत्ते और बिल्लियां छिपने लगते हैं, कांपते हैं या घर से बाहर भागने की कोशिश करते हैं। कुछ जानवर लगातार भौंकने और बेचैन रहने लगते हैं। इस परेशानी से बचाने के लिए दिवाली के दौरान पालतू जानवरों को घर के अंदर रखें। दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, ताकि बाहर की आवाज कम सुनाई दें। घर में उनके लिए एक शांत और सुरक्षित जगह बनाएं। इस दौरान उन्हें अकेला छोड़ने के बजाय प्यार और धैर्य से संभालें।
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पटाखों का धुआं सांस संबंधी परेशानी बढ़ा सकता है

दिवाली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाता है। इसका असर पालतू जानवरों के फेफड़ों और सांस लेने की क्षमता पर पड़ सकता है। खासकर छोटे जानवरों, बुजुर्ग पालतू जानवरों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे जानवरों को अधिक खतरा हो सकता है। इसलिए दिवाली के दौरान उन्हें धुएं और प्रदूषण वाले स्थानों से दूर रखें। पटाखे जलाए जाने के समय उन्हें बाहर टहलाने न ले जाएं। यदि उन्हें लगातार खांसी, छींक, सांस लेने में परेशानी या आंखों में जलन हो रही है, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
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मिठाइयां और चॉकलेट खिलाने से बचें

दिवाली पर घरों में तरह-तरह की मिठाइयां, चॉकलेट और पकवान बनाए जाते हैं। कई लोग प्यार में अपने पालतू जानवरों को भी ये चीजें खिला देते हैं, लेकिन ऐसा करना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। चॉकलेट, अंगूर, किशमिश और अधिक चीनी या वसा वाले खाद्य पदार्थ कुत्तों और बिल्लियों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए उन्हें केवल नियमित और सुरक्षित भोजन ही दें। मेहमानों को भी समझाएं कि वे अपनी प्लेट से पालतू जानवरों को कुछ न खिलाएं। यदि त्योहार पर उन्हें कुछ खास देना चाहते हैं, तो उनके लिए सुरक्षित पशु-आहार या विशेष खाद्य पदार्थ चुनें।

दीये और मोमबत्तियों से रखें सुरक्षित

दिवाली पर घरों में दीपक, मोमबत्तियां और सजावटी लाइटें लगाई जाती हैं, लेकिन पालतू जानवर खेलते समय इनके संपर्क में आ सकते हैं, जिससे जलने या आग लगने का खतरा रहता है। उनकी पूंछ या शरीर आग की चपेट में आ सकता है। इसलिए दीये और मोमबत्तियां ऐसी जगह रखें, जहां पालतू जानवर आसानी से न पहुंच सकें। बिजली की तारों को भी सुरक्षित रखें, ताकि वे उन्हें चबा न सकें। घर की सजावट करते समय उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

दिवाली पर पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें

त्योहार के दौरान कई लोग परिवार और दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं। ऐसे में पालतू जानवरों को घर पर अकेला छोड़ना ठीक नहीं है। पटाखों की आवाज से घबराकर वे घर से बाहर भाग सकते हैं या खुद को चोट पहुंचा सकते हैं। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी दें। उनके गले में पहचान पत्र और अपना संपर्क नंबर जरूर लगाएं। इससे किसी अनहोनी की स्थिति में उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने में मदद मिल सकती है।

डर और बेचैनी के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

दिवाली के दौरान पालतू जानवरों का कांपना, छिपना, लगातार भौंकना, खाना छोड़ देना और बेचैन रहना तनाव के संकेत हो सकते हैं। ऐसे समय उन्हें डांटने या जबरदस्ती बाहर निकालने की गलती न करें। उनके पास उनका पसंदीदा खिलौना, कंबल या बिस्तर रखें। प्यार से सहलाएं और उन्हें सुरक्षित महसूस कराएं। यदि डर और बेचैनी बहुत अधिक हो या उनकी स्थिति सामान्य न हो रही हो, तो पशु चिकित्सक की सलाह लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के उन्हें कोई भी दवा न दें।


सुरक्षित दिवाली मनाना हम सभी की जिम्मेदारी

दिवाली केवल इन्सानों के लिए खुशियों का त्योहार नहीं है, बल्कि पालतू जानवर भी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। पटाखों से दूरी बनाकर, सुरक्षित भोजन देकर और उन्हें शांत वातावरण प्रदान करके हम उनकी परेशानियां कम कर सकते हैं। इस दिवाली कोशिश करें कि खुशियां मनाने के लिए बेजुबान जानवरों को डर और तकलीफ का सामना न करना पड़े। रोशनी, प्रेम और खुशियों के साथ ऐसी दिवाली मनाएं, जो इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी सुरक्षित और खुशहाल हो।

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