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एनएसओ सर्वे: बेरोजगारी दर 2020-21 में घटकर 4.2 फीसदी, यह कंपनी देगी पांच साल में दस हजार नौकरियां
Thu, 16 Jun 2022 06:27 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 16 Jun 2022 06:27 AM IST
सार
सर्वेक्षण के मुताबिक, 2020-21 में बेरोजगारी दर (यूआर) 4.2% रही। यह 2019-20 में 4.8% थी। कुल कार्यबल में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत को यूआर कहा जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
श्रमबल में शामिल लोगों की बेरोजगारी दर जुलाई, 2020 से जून, 2021 के दौरान घटकर 4.2 फीसदी रह गई। 2019-20 की समान अवधि में यह 4.8 फीसदी थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के श्रमबल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, 2018-19 में बेरोजगारी दर 5.8% और 2017-18 में 6.1% थी।
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सर्वेक्षण के मुताबिक, 2020-21 में बेरोजगारी दर (यूआर) 4.2% रही। यह 2019-20 में 4.8% थी। कुल कार्यबल में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत को यूआर कहा जाता है।
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इस दौरान पुरुषों में बेरोजगारी दर घटकर 4.5% रह गई, जो 2019-20 में 5.1%, 2018-19 में 6 फीसदी और 2017-18 में 6.2 फीसदी थी। महिलाओं में बेरोजगारी दर 2020-21 में घटकर 3.5 फीसदी रह गई। 2019-29 में यह 4.2 फीसदी, 2018-19 में 5.2 फीसदी और 2017-18 में 5.7% थी।
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पीडब्ल्यूसी 5 साल में 10 हजार नौकरियां देगी
प्राइस वाटर हाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) ने कहा है कि वह अगले 5 साल में 10 हजार लोगों को रोजगार देगी। इसने उड़ीसा में अपना कार्यालय शुरू किया है। एक साल में यहां पर यह 500 लोगों को काम देगी। यह नोएडा और ठाणे में भी कार्यालय खोलेगी। इसने कहा कि भारत के 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनने के तहत वह अपने काम को कर रही है।
90% कंपनियों ने माना, जीएसटी से कारोबार करना हुआ आसान
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली से कारोबार करना आसान हुआ है। 90% भारतीय कंपनियों का मानना है कि जीएसटी ने देशभर में अवरोधकों को दूर कर कारोबार को सुगम बनाया है।
डेलॉय के सर्वे में कहा गया है कि जीएसटी प्रणाली ने ग्राहकों तक पहुंचने वाली कीमतों, वस्तुओं एवं सेवाओं के दाम को भी सकारात्मक तरीके से प्रभावित किया है। आपूर्ति श्रृंखलाओं के मोर्चे पर भी मददगार साबित हुई है। सरकार की ओर से कर अनुपालन का स्वचालन और ई-चालान/ई-वे सुविधा की शुरुआत सबसे लाभकारी सुधार है। सर्वे के मुताबिक, महत्वपूर्ण क्षेत्रों के 90% चीफ एक्सपीरियंस अधिकारियों का मानना है कि ‘एक राष्ट्र, एक कर’ सुधार ने देशभर में अवरोधकों को निश्चित ही दूर किया है। यह कर प्रणाली कंपनियों और करदाताओं दोनों के लिए प्रभावी है।
एनएसई, बीएसई को 15 दिन में भरना होगा 5 करोड़ का जुर्माना
बाजार नियामक सेबी ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को 5 करोड़ भरने का निर्देश दिया है। 15 दिन में यह रकम नहीं भरी गई तो दोनों की संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
दोनों एक्सचेंज सेबी को जुर्माना भरने में विफल रहे थे। एनएसई को 3 करोड़ और बीएसई को 2 करोड़ देना होगा। कार्वी ब्रोकिंग ने 95 हजार ग्राहकों के 2,300 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया था।
अदाणी की कंपनियों का मूल्य 17.6 लाख करोड़
नवंबर, 2021 से अप्रैल, 2022 के दौरान अदाणी की कंपनियों का मूल्य 88% बढ़कर 17.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) का मूल्य 13.4 फीसदी तेजी के साथ 18.87 लाख करोड़ रुपये हो गया है। हुरून इंडिया 500 रैंकिंग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) का मूल्य 0.9 फीसदी गिरकर 12.97 लाख करोड़ रुपये रह गया। इनके बाद एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और आईसीआईसीआई बैंक रहे हैं।