बड़ी खबर! जारी हुआ TET-2015 का कार्यक्रम, यहां पढ़िए
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सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र की ओर से शासन को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2015 के आयोजन के लिए 27 अगस्त की तिथि का प्रस्ताव भेजा गया है।
प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव का कहना है कि टीईटी 2015 में लगभग दस लाख परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इससे पहले परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शासन की ओर से हरी झंडी मिलते ही आवेदन भरने की तिथि जारी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फीस भी ऑनलाइन जमा की जाएगी।
'पिछले दरवाजे के बजाए सामने से नियुक्तियां करे आयोग'
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित कृषि अधिकारी चयन परीक्षा में मनमाने तरीके से आरक्षण लागू करने की शिकायत पर हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि बेहतर हो कि आयोग पिछला दरवाजा बंदकर सामने से नियुक्तियां करे। अदालत ने मुख्य सचिव से एक माह के भीतर सरकारी नौकरियों में जातिगत प्रतिनिधित्व का आंकड़ा मांगा है। यदि आंकड़ा नहीं दिया जाता है तो मुख्य सचिव को स्वयं अदालत में उपस्थित होना होगा।
कृषि अधिकारी पद की परीक्षा में ओबीसी को अप्रत्याशित रूप से अत्याधिक आरक्षण देने को चुनौती देनी वाली याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति वीके शुक्ल और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि सरकार यदि चयन प्रक्रिया जारी रखती है तो वह इस याचिका पर हुए निर्णय के अधीन रहेगी। याचिका पर अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी। पीठ ने याची मनीष उपाध्याय को कृषि अधिकारी के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची देने के लिए आयोग को निर्देश दिया है। इन सभी को याचिका में पक्षकार बनाया जाएगा।
अदालत इससे पूर्व भी जातियों के प्रतिनिधित्व का आंकड़ा मांग चुकी है मगर सरकार ने इसे उपलब्ध नहीं कराया। याची के वकीलों अनिल बिसेन और अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आयोग विभिन्न जातियों के श्रेणीवार रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का दावा करता है जबकि स्वयं उसके पास कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
याचिका में कहा गया है कि कृषि अधिकारी पद के लिए जारी विज्ञापन में पहले पिछड़ा वर्ग के लिए 566 सीटें आरक्षित थी। जब परिणाम घोषित हुआ तो ओबीसी की सीटें बढ़ाकर 2030 कर दी गईं। वहीं सामान्य और अनुसूचित जाति की सीटें घटा दी गई। आयोग ने आरक्षण नियमों को मनमाने तरीके से लागू कर आरक्षण नियमावली का भी उल्लंघन किया है।